पंजाब में खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के सीजन-4 का मशाल मार्च बुधवार को पटियाला से फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना हुआ। पटियाला में रात्रि विश्राम के बाद मशाल को रिंक हॉल, बारादरी से अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ महज एक खेल प्रतियोगिता नहीं रह गई है, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने वाला बड़ा अभियान बन चुकी है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार का लक्ष्य पंजाब को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
मशाल मार्च के दौरान खिलाड़ियों और युवाओं को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि खेलों के माध्यम से पंजाब में स्वस्थ और सकारात्मक माहौल तैयार किया जा रहा है। युवाओं को खेल मैदानों से जोड़ने का सीधा फायदा उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य की पहचान लंबे समय से खेल प्रतिभाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए रही है, वहां खेल सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश में करीब 3,100 खेल स्टेडियम तैयार किए गए हैं। इन खेल मैदानों को केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी बताया गया। पन्नू के मुताबिक इन सुविधाओं से एक ही परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों को खेल गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि खेल मैदानों की उपलब्धता बढ़ने से गांवों और कस्बों में युवाओं के पास अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा में लगाने के बेहतर अवसर पैदा हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि खेल सुविधाएं केवल बड़े शहरों या चुनिंदा संस्थानों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण पंजाब में भी बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिताओं का मंच उपलब्ध हो।
कार्यक्रम के दौरान पन्नू ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और दुनिया के सामने मौजूद चुनौती है। हालांकि, पंजाब सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसमें आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज के स्तर पर भी नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करना है। उनके अनुसार, खेल इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं क्योंकि युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
पन्नू ने दावा किया कि नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है और लोगों को इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में पन्नू ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर अनावश्यक चिंता नहीं करने की बात कही।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर पन्नू ने किसानों के हितों का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि यदि किसानों के हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं की गई तो इसका असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से किसानों की मांगों और चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
मशाल मार्च के इस कार्यक्रम में खेल जगत की उपलब्धियों को भी सम्मान दिया गया। बलतेज सिंह पन्नू ने तलवारबाजी की राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में फॉयल वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी एवं कोच अर्जुन को सम्मानित किया। इसके साथ ही एथलेटिक्स के ओलंपियन कोच गुरप्रीत सिंह और एशियन स्तर पर सिल्वर मेडल जीत चुकी क्रिकेटर एवं कोच कनिका आहूजा को भी सम्मान प्रदान किया गया।
खेल प्रतिभाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना भी रहा। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों की कहानियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम करती हैं। ऐसे खिलाड़ियों और कोचों को सार्वजनिक मंच पर सम्मान मिलने से प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है।
जिला खेल अधिकारी नवजोत सिंह धालीवाल ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन की प्रतियोगिताओं की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन विभिन्न स्तरों पर किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को इसमें भाग लेने का मौका मिल सके।
ब्लॉक स्तर पर पांच प्रमुख खेलों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। इनमें कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, फुटबॉल और एथलेटिक्स शामिल हैं। इसके बाद जिला स्तर पर 28 खेलों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, जबकि राज्य स्तर पर खिलाड़ियों को 38 अलग-अलग खेलों में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पहचान करना नहीं है, बल्कि गांव और ब्लॉक स्तर से खेल प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन से ऐसे खिलाड़ियों को मंच मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बड़े खेल आयोजनों में हिस्सा लेने का मौका आसानी से नहीं मिल पाता।
खेल विभाग की योजना के तहत अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जा रहा है। इससे बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि पैदा करने के साथ-साथ नियमित शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है।
मशाल मार्च के पटियाला पहुंचने के दौरान स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी इसमें उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक और शिक्षक कार्यक्रम में मौजूद रहे। मशाल को अगले पड़ाव के लिए रवाना करते समय खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में पीआरटीसी के चेयरमैन हरपाल जुनेजा, जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता, ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के कोऑर्डिनेटर यादविंदर सिंह गोल्डी और एडीसी दमनजीत सिंह मान समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा ओएसडी गुरविंदर सिंह और जिले से जुड़े कई प्रमुख खिलाड़ी एवं कोच भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। इनमें आर्चरी कोच गौरव शर्मा, एशियन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता शिवा, फुटबॉल कोच नविंदर सिंह, एथलेटिक्स कोच गुरपाल सिंह, बास्केटबॉल कोच कंवलदीप सिंह, वॉलीबॉल कोच परमिंदर सिंह, एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता हरमिंदर सिंह और नर्सरी सुपरवाइजर सहजदीप सिंह शामिल रहे।
फुटबॉल कोच नवजोत पाल सिंह, बास्केटबॉल कोच गुरमीत सिंह, कबड्डी कोच गुरदीप कौर, बास्केटबॉल कोच रमनीक आहूजा और क्रिकेट कोच संदीप सिंह समेत अनेक प्रशिक्षकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
मशाल मार्च का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों को खेलों के इस बड़े अभियान से जोड़ना है। मशाल के एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के दौरान स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह पैदा किया जा रहा है। इसके माध्यम से खेलों को लेकर माहौल बनाने और अधिक से अधिक लोगों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसका जमीनी स्तर तक पहुंचना माना जा रहा है। पहले जहां खेल प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से स्कूलों, कॉलेजों या खेल संस्थानों तक सीमित रहती थीं, वहीं इस आयोजन के जरिए ब्लॉक और जिला स्तर पर बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर मिल रहा है।
सरकार की ओर से खेल ढांचे के विस्तार और प्रतियोगिताओं के आयोजन को युवाओं के भविष्य से भी जोड़ा जा रहा है। पंजाब में खेल प्रतिभाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशिक्षण, मैदान और प्रतियोगिता के अवसर बढ़ाने से नए खिलाड़ियों को आगे आने में मदद मिल सकती है।
पटियाला से फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना हुई मशाल अब अगले पड़ाव पर पहुंचेगी, जहां स्थानीय स्तर पर भी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। मशाल यात्रा के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को एक साझा खेल अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर ‘खेडां वतन पंजाब दियां-4’ का मशाल मार्च खेलों को लेकर पंजाब में उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दे रहा है। सरकार की ओर से खेल सुविधाओं के विस्तार, नई प्रतियोगिताओं के आयोजन और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सम्मान के जरिए प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। अब ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की भागीदारी इस अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगी।




