चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए अब सफर पहले की तुलना में महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दोनों राज्यों के कई प्रमुख टोल प्लाजा पर टोल शुल्क में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। नई दरें मंगलवार से प्रभावी हो चुकी हैं और अब निजी कारों, हल्के मोटर वाहनों, बसों, ट्रकों तथा अन्य व्यावसायिक वाहनों को संशोधित टोल शुल्क का भुगतान करना होगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी वाहन चालक, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं और मालवाहक वाहन करते हैं। ऐसे में टोल शुल्क में हुई यह वृद्धि सीधे तौर पर यात्रियों, परिवहन कंपनियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के परिचालन खर्च को प्रभावित कर सकती है। हालांकि एनएचएआई का कहना है कि यह संशोधन निर्धारित वार्षिक प्रक्रिया के तहत किया गया है और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, संचालन तथा बेहतर सड़क सुविधाओं को बनाए रखना है।
वार्षिक संशोधन प्रक्रिया के तहत बढ़ाई गई टोल दरें
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल शुल्क समय-समय पर निर्धारित नीति के अनुसार संशोधित किया जाता है। इस बार भी टोल दरों में बदलाव थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index – WPI) और रखरखाव लागत को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
अधिकांश टोल प्लाजा पर कार एवं हल्के मोटर वाहनों के लिए एक तरफ के टोल शुल्क में लगभग 5 से 10 रुपये तक की वृद्धि की गई है। वहीं बसों, ट्रकों और भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं।
एनएचएआई का कहना है कि सड़कों के नियमित रखरखाव, सुरक्षा सुविधाओं के विस्तार, टोल संचालन प्रणाली के आधुनिकीकरण और यातायात प्रबंधन की लागत को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर शुल्क संशोधित किया जाता है।
किन मार्गों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा?
नई टोल दरों का प्रभाव पंजाब के कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर देखने को मिलेगा। इनमें ऐसे मार्ग शामिल हैं जिनका उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग करते हैं।
प्रमुख प्रभावित मार्गों में शामिल हैं—
- चंडीगढ़ – खरड़ – लुधियाना राष्ट्रीय राजमार्ग
- अमृतसर – तरनतारन – हरिके – फरीदकोट – बठिंडा मार्ग
- बठिंडा – अबोहर मार्ग
- मौड़ क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग
- संगरूर और आसपास के प्रमुख हाईवे
इन मार्गों पर निजी कारों के अलावा बसें, ट्रक, टैक्सी, कृषि उत्पादों की ढुलाई करने वाले वाहन और औद्योगिक परिवहन बड़ी संख्या में संचालित होते हैं। इसलिए नई दरों का प्रभाव आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
घुलाल टोल प्लाजा की नई टोल दरें
चंडीगढ़-खरड़-लुधियाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घुलाल टोल प्लाजा पर अब नई दरें लागू हो गई हैं।
नई दरों के अनुसार—
- कार एवं हल्के मोटर वाहन (एक तरफ): 115 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 170 रुपये
- बस: 390 रुपये
- ट्रक: 580 रुपये
यह मार्ग पंजाब के सबसे व्यस्त औद्योगिक और व्यावसायिक कॉरिडोर में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।
कोट करोर टोल प्लाजा
अमृतसर-तरनतारन-हरिके-फरीदकोट-बठिंडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कोट करोर टोल प्लाजा की नई दरें इस प्रकार हैं—
- कार एवं हल्के वाहन: 50 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 70 रुपये
- बस: 165 रुपये
- ट्रक: 250 रुपये
यह मार्ग धार्मिक पर्यटन, कृषि परिवहन और स्थानीय व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
काला टिब्बा टोल प्लाजा
काला टिब्बा टोल प्लाजा पर भी संशोधित शुल्क लागू कर दिया गया है।
नई दरें—
- कार एवं हल्के वाहन: 50 रुपये
- रिटर्न: 80 रुपये
- बस: 175 रुपये
- ट्रक: 265 रुपये
शेखूपुरा टोल प्लाजा
शेखूपुरा टोल प्लाजा पर लागू नई दरें निम्नलिखित हैं—
- कार एवं हल्के वाहन: 55 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 85 रुपये
- बस: 185 रुपये
- ट्रक: 280 रुपये
लहराबेगा टोल प्लाजा
लहराबेगा टोल प्लाजा पर नई दरें लागू होने के बाद—
- कार एवं हल्के वाहन: 80 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 120 रुपये
- बस: 270 रुपये
- ट्रक: 400 रुपये
खुइयां सरवर टोल प्लाजा
इस टोल प्लाजा पर भी शुल्क में संशोधन किया गया है।
नई दरें—
- कार एवं हल्के वाहन: 105 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 155 रुपये
- बस: 350 रुपये
- ट्रक: 520 रुपये
कालाझार टोल प्लाजा
कालाझार टोल प्लाजा पर लागू नई दरें—
- कार एवं हल्के वाहन: 115 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 175 रुपये
- बस: 390 रुपये
- ट्रक: 585 रुपये
पाइंड टोल प्लाजा
पाइंड टोल प्लाजा पर अब वाहन चालकों को निम्नलिखित शुल्क देना होगा—
- कार एवं हल्के वाहन: 95 रुपये
- रिटर्न यात्रा: 145 रुपये
- बस: 325 रुपये
- ट्रक: 485 रुपये
50 से अधिक टोल प्लाजा पर लागू हुई नई दरे
एनएचएआई के अनुसार केवल इन आठ प्रमुख टोल प्लाजा पर ही नहीं बल्कि पंजाब और हरियाणा क्षेत्र के 50 से अधिक टोल प्लाजा पर संशोधित शुल्क लागू किया गया है।
हर टोल प्लाजा पर वाहन श्रेणी, सड़क की लंबाई और परियोजना की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले संबंधित मार्ग की नई टोल दरों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
टोल शुल्क बढ़ाने की क्या वजह है?
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि टोल शुल्क में बढ़ोतरी का मुख्य आधार थोक मूल्य सूचकांक (WPI) है। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत, नियमित रखरखाव, सुरक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली, यातायात प्रबंधन और अन्य परिचालन खर्चों को भी ध्यान में रखा जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार समय-समय पर टोल दरों की समीक्षा की जाती है ताकि सड़क अवसंरचना के रखरखाव के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रह सकें।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष कुछ टोल प्लाजा पर शुल्क में आंशिक कमी या समायोजन किया गया था। इस बार नई समीक्षा के बाद शुल्क को संशोधित करते हुए वर्तमान दरें लागू की गई हैं।
FASTag उपयोगकर्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
नई टोल दरें लागू होने के बाद FASTag के माध्यम से भुगतान करने वाले वाहन चालकों से भी संशोधित शुल्क स्वतः कटेगा। यदि किसी वाहन मालिक के FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा तो यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए नियमित रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले अपने FASTag खाते में पर्याप्त राशि सुनिश्चित कर लें।
परिवहन और व्यापार पर पड़ सकता है असर
टोल शुल्क में वृद्धि का प्रभाव केवल निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। माल ढुलाई करने वाली ट्रांसपोर्ट कंपनियों, बस ऑपरेटरों और व्यावसायिक वाहनों के परिचालन खर्च में भी वृद्धि होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लगातार परिवहन लागत बढ़ती है तो इसका असर वस्तुओं की ढुलाई लागत पर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि वास्तविक प्रभाव मार्ग, वाहन श्रेणी और परिवहन की आवृत्ति पर निर्भर करेगा।
रोजाना यात्रा करने वालों पर बढ़ेगा अतिरिक्त खर्च
जो लोग प्रतिदिन नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा या अन्य कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करते हैं, उन्हें अब पहले की तुलना में अधिक टोल शुल्क देना होगा। नियमित रूप से लंबी दूरी तय करने वाले निजी वाहन मालिकों और टैक्सी ऑपरेटरों के मासिक यात्रा खर्च में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
व्यावसायिक वाहनों के लिए बढ़ी हुई दरें ट्रांसपोर्ट सेक्टर के परिचालन बजट को भी प्रभावित करेंगी, हालांकि एनएचएआई का कहना है कि यह संशोधन सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाए रखने और यात्रियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है।
एनएचएआई का क्या कहना है?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार नई टोल दरें निर्धारित नियमों और वार्षिक संशोधन प्रक्रिया के अनुरूप लागू की गई हैं। प्राधिकरण का कहना है कि टोल से प्राप्त राजस्व का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, सड़क सुरक्षा उपायों, तकनीकी उन्नयन और यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है।
नई अधिसूचना लागू होने के बाद पंजाब और हरियाणा के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले सभी वाहन चालकों को संबंधित टोल प्लाजा पर संशोधित दरों के अनुसार ही शुल्क का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है और आगे भी निर्धारित नीति के अनुसार समय-समय पर टोल शुल्क की समीक्षा जारी रहेगी।




