हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने राज्य में वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वाहन रजिस्ट्रेशन में सामने आई कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश में जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय के बाद अब राज्य के सभी उप-मंडल (नागरिक) कार्यालयों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में वाहन पंजीकरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने यह कदम अंबाला जिले के कुछ एसडीएम कार्यालयों में सामने आई कथित गड़बड़ियों के बाद उठाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे प्रदेश में वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की समीक्षा की जानी चाहिए। इस जांच की जिम्मेदारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपी जाएगी।
मंत्री अनिल विज का कहना है कि वाहन पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य वाहन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्यालयों में पंजीकरण प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और नियमों के पालन की स्थिति का गहन निरीक्षण किया जाए। इसके साथ ही पुराने मामलों की भी समीक्षा की जा सकती है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर उचित कार्रवाई की जा सके।
अंबाला में सामने आई थी वाहन पंजीकरण में गड़बड़ी, पूरे प्रदेश में होगी जांच
अंबाला जिले के विभिन्न उप-मंडल कार्यालयों में वाहन पंजीकरण से जुड़ी कुछ शिकायतें सामने आई थीं। इनमें आरोप लगाए गए थे कि कुछ वाहनों का पंजीकरण ऐसे पते पर किया गया, जिनकी जानकारी संदिग्ध थी। कुछ मामलों में अन्य राज्यों, विशेष रूप से तमिलनाडु के नाम पर अधूरे या अस्पष्ट पते के आधार पर वाहनों के रजिस्ट्रेशन की बात सामने आई।
इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि यदि किसी एक जिले में इस तरह की समस्या सामने आई है तो इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि अन्य स्थानों पर भी ऐसी स्थिति हो सकती है। इसी कारण पूरे हरियाणा में जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी से सरकार के राजस्व पर असर पड़ सकता है और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े हो सकते हैं। इसलिए सभी संबंधित विभागों को रिकॉर्ड की जांच और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सतर्कता ब्यूरो करेगा रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच
वाहन पंजीकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच करेगा। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि वाहन रजिस्ट्रेशन के समय सभी आवश्यक दस्तावेजों की सही तरीके से जांच की गई थी या नहीं। इसके अलावा, अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि कहीं नियमों को दरकिनार कर किसी व्यक्ति या संस्था को अनुचित लाभ तो नहीं पहुंचाया गया। यदि जांच में कोई अनियमितता साबित होती है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग का मानना है कि सख्त निगरानी से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी और वाहन पंजीकरण प्रणाली में लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
धूल, रेत और मिट्टी ले जाने वाले वाहनों पर भी सख्ती
परिवहन मंत्री अनिल विज ने केवल वाहन पंजीकरण ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों पर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण सामग्री जैसे धूल, रेत और मिट्टी लेकर चलने वाले वाहनों के लिए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
निर्देशों के अनुसार सभी ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों को तिरपाल से ढककर चलना अनिवार्य होगा। खुले वाहन से निर्माण सामग्री ले जाने पर सड़क पर धूल फैलती है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम तथा प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को नियमों के प्रति जागरूक भी करें।
प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर विभाग सक्रिय
परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अभियान चलाए जाते हैं। निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने का उद्देश्य सड़कों को सुरक्षित बनाना और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करना है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमों को लागू करने में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है।
स्टेज कैरिज स्कीम-2016 के नियमों का पालन जरूरी
परिवहन मंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि स्टेज कैरिज स्कीम-2016 के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी बस संचालक निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
स्कीम के तहत निजी बस ऑपरेटरों के लिए यात्रियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसमें छात्रों और रियायती पास धारकों को यात्रा सुविधा देना भी शामिल है। सरकार की ओर से इन सुविधाओं के लिए किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जाती, इसलिए ऑपरेटरों को नियमों के अनुसार सेवाएं प्रदान करनी होंगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित बस ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
अनिल विज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभागीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। चाहे मामला वाहन पंजीकरण में अनियमितता का हो, प्रदूषण नियमों का उल्लंघन हो या फिर सार्वजनिक परिवहन से जुड़े नियमों की अनदेखी, सभी मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
सरकार का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
हरियाणा में वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, मालवाहक वाहनों और निजी बस संचालन को लेकर लिए गए इन फैसलों से आने वाले समय में परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।



