हरियाणा सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत राज्य के लाखों लाभार्थियों को बड़ी वित्तीय राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए वित्तीय सहायता राशि जारी करने की घोषणा की। सरकार के अनुसार इस अवसर पर कुल ₹1,884 करोड़ विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किए गए।
इन योजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का रहा, जिसके तहत 26 लाख 12 हजार से अधिक पेंशनधारकों के बैंक खातों में ₹842 करोड़ 92 लाख की राशि सीधे भेजी गई। सरकार का कहना है कि यह भुगतान पूरी तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से किया गया है, जिससे लाभार्थियों तक बिना किसी बिचौलिए के राशि पहुंचाई जा सके।
26 लाख से अधिक पेंशनधारकों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
इस बार जारी की गई राशि के अंतर्गत कुल 26,12,000 से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹842.92 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं।
सरकार के अनुसार इस भुगतान में मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं—
- वृद्धावस्था सम्मान भत्ता
- दिव्यांगजन पेंशन
- विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं
- अन्य पात्र लाभार्थी
राज्य सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए हुआ भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं।
सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज एवं प्रभावी हुई है।
डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर राशि मिलने के साथ-साथ बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त होती है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचता है।
कुल ₹1,884 करोड़ विभिन्न योजनाओं में किए गए वितरित
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अलावा अन्य कई सरकारी योजनाओं के तहत भी बड़ी राशि जारी की गई है।
सरकार के अनुसार एक ही दिन में विभिन्न योजनाओं को मिलाकर कुल ₹1,884 करोड़ से अधिक की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।
इन योजनाओं में किसानों, आढ़तियों, ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों तथा दयालु योजना के पात्र परिवारों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
परिवार पहचान पत्र (PPP) के आधार पर तय होती है पात्रता
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र (Family ID – PPP) डेटाबेस के माध्यम से पात्रता स्वतः निर्धारित की जाती है। इससे पात्र व्यक्तियों की पहचान डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है और उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार के अनुसार इस प्रणाली का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और तेज बनाना है।
किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 सीजन के लिए भी किसानों को बीमा क्लेम जारी किया गया है।
सरकार के अनुसार—
- 1,67,460 किसानों के बैंक खातों में
- ₹711 करोड़ 69 लाख की बीमा राशि ट्रांसफर की गई।
इस भुगतान का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, मौसम संबंधी नुकसान तथा अन्य कारणों से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
किसानों को वर्षों में मिला बड़ा आर्थिक सहयोग
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले लगभग 11 वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने किसानों को फसल नुकसान के मुआवजे तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से बड़ी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।
सरकार के अनुसार अब तक किसानों को कुल ₹16,160 करोड़ से अधिक की राशि विभिन्न मदों में दी जा चुकी है।
इसमें फसल बीमा क्लेम और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा भी शामिल है।
आढ़तियों के खातों में भेजे गए ₹56.97 करोड़
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश के आढ़तियों को भी भुगतान किया गया है।
सरकार के अनुसार—
- लगभग 11,199 आढ़तियों
- के बैंक खातों में
- ₹56 करोड़ 97 लाख की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
यह भुगतान खरीफ खरीद सत्र से संबंधित देय राशि के रूप में जारी किया गया है।
खरीफ 2025-26 के दौरान दिया गया कमीशन
मुख्यमंत्री के अनुसार खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के दौरान आढ़तियों को अब तक लगभग ₹239 करोड़ 28 लाख की राशि प्रदान की जा चुकी है।
सरकार ने यह भी बताया कि रबी और खरीफ खरीद सत्र 2024-25 से गेहूं, धान और बाजरा की खरीद पर आढ़तियों को ₹55 प्रति क्विंटल की दर से कमीशन देने का निर्णय लागू किया गया है।
सरकार का कहना है कि इससे खरीद व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
केंद्र के अतिरिक्त राज्य सरकार ने भी किया भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि धान और बाजरा खरीद पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन के अतिरिक्त राज्य सरकार ने भी शेष राशि का भुगतान किया है।
सरकार के अनुसार इस अतिरिक्त भुगतान का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में शामिल हितधारकों को समय पर उनका बकाया उपलब्ध कराना है।
दयालु योजना के तहत 5,409 परिवारों को सहायता
हरियाणा सरकार की दयालु योजना के अंतर्गत भी हजारों परिवारों को आर्थिक सहायता जारी की गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार—
- 5,409 परिवारों
- को
- ₹205 करोड़ 42 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई।
यह सहायता विभिन्न पात्र परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से दी गई है।
अब तक 55 हजार से अधिक परिवारों को मिला लाभ
सरकार ने बताया कि दयालु योजना के तहत अब तक कुल 55,407 परिवारों को लाभ मिल चुका है।
इन परिवारों को अब तक कुल ₹2,086 करोड़ 77 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
सरकार का कहना है कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों में वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
दयालु योजना-2 भी लागू
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दयालु योजना-2 भी लागू कर दी है।
इस योजना के अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति की आवारा पशु के हमले में मृत्यु हो जाती है या वह गंभीर रूप से घायल होता है तो पात्र परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार के अनुसार इस योजना का उद्देश्य ऐसी अप्रत्याशित घटनाओं से प्रभावित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहयोग देना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भी राशि जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
इस चरण में—
- 12,353 लाभार्थियों
- के बैंक खातों में
- ₹67 करोड़ की राशि मकान निर्माण के लिए भेजी गई।
यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की योजना के तहत जारी की गई है।
आवास योजना में अब तक ₹720 करोड़ से अधिक की सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 से अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत हरियाणा सरकार द्वारा लाभार्थियों को कुल ₹720 करोड़ 22 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, किसान कल्याण कार्यक्रमों, ग्रामीण विकास योजनाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पात्र नागरिकों तक सरकारी सहायता को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। सरकार के अनुसार परिवार पहचान पत्र आधारित डिजिटल व्यवस्था, डीबीटी भुगतान प्रणाली और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को लगातार मजबूत किया जा रहा है।




