हरियाणा के पानीपत में आयोजित ग्रामीण ब्लाक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों को लेकर देशभर में गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। हुड्डा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि यदि वे भाजपा के लिए ही काम कर रहे हैं तो उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना देना चाहिए।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से हरियाणा समेत कई राज्यों में वोट चोरी का खेल खेला। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों को केवल राजनीतिक आरोप बताकर खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि चुनाव आयोग के भीतर से भी कुछ सवाल सामने आए हैं। उनके मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवालों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर बहस को और गंभीर बना दिया है।
हालांकि चुनाव आयोग मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच अपनी निर्धारित प्रक्रियाओं और व्यवस्था का बचाव करता रहा है। आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत होती है।
हरियाणा चुनाव परिणाम पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबले को लेकर कई सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने प्रदेश की 90 में से 75 विधानसभा सीटों पर डाक मतपत्रों में बढ़त हासिल की थी, लेकिन अंतिम चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में गए।
हुड्डा ने कहा कि डाक मतपत्र और ईवीएम से जुड़े आंकड़ों के बीच अंतर को लेकर कांग्रेस पहले भी सवाल उठाती रही है। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है और जनता के मन में यदि किसी तरह का संदेह पैदा होता है तो उसका समाधान चुनाव आयोग को स्पष्ट तरीके से करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे लोकतंत्र में जनता के विश्वास का सवाल भी जुड़ा हुआ है। इसलिए चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले हर सवाल का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना
दीपेंद्र हुड्डा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है, उससे आयोग की निष्पक्षता पर बहस तेज हुई है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को भाजपा का अध्यक्ष बना देना चाहिए, क्योंकि उनका आरोप है कि जिस तरह चुनाव आयोग काम कर रहा है, उससे ऐसा लगता है कि वह भाजपा के हित में काम कर रहा है।
हुड्डा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता किसी भी राजनीतिक दल से बड़ी होती है। विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को दबाने के बजाय उनका जवाब दिया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर भरोसा कायम रहे।
गेहूं की एमएसपी पर सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार की ओर से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी को भी अपर्याप्त बताया। केंद्र ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं की एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करते हुए इसे 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया है।
हुड्डा ने कहा कि किसानों की आय, खेती की लागत और कृषि क्षेत्र पर बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए इतनी मामूली बढ़ोतरी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करती। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान गेहूं की एमएसपी में की गई बढ़ोतरी का उदाहरण देते हुए सरकार की मौजूदा नीति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006-07 में कांग्रेस सरकार के समय गेहूं के समर्थन मूल्य में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके साथ ही हरियाणा में किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया गया था।
हुड्डा ने कहा कि किसानों को केवल समर्थन मूल्य की घोषणा नहीं, बल्कि उस मूल्य पर फसल की खरीद की गारंटी और उत्पादन लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य की जरूरत है।
धान के भाव का मुद्दा भी उठाया
दीपेंद्र हुड्डा ने धान की कीमत को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने हरियाणा में धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल भाव देने के वादे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य कैसे मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है और बड़ी संख्या में परिवार खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में किसानों से जुड़े मुद्दों को केवल चुनाव के समय उठाने के बजाय सरकार को स्थायी नीति के माध्यम से उनका समाधान करना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि बढ़ती लागत के बीच किसान पहले ही आर्थिक दबाव में हैं। खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की लागत बढ़ने से खेती का खर्च बढ़ा है। ऐसे में एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं होने से किसानों की वास्तविक आय पर असर पड़ता है।
हरियाणा में कामनवेल्थ खेल कराने की मांग
कार्यकर्ता सम्मेलन में हुड्डा ने हरियाणा के खेल क्षेत्र का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है। हरियाणा ने देश को बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं।
इसी आधार पर उन्होंने हरियाणा में कामनवेल्थ खेलों के आयोजन की मांग दोहराई। उनका कहना था कि प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभा के साथ-साथ बड़े खेल आयोजनों के लिए आवश्यक क्षमता विकसित करने की संभावनाएं हैं।
हुड्डा ने कहा कि यदि हरियाणा में इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन होता है तो इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ खेल ढांचे का भी विस्तार होगा। इसके अलावा प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत होगी और युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला
सांसद ने प्रदेश में युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में रोजगार को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से दिए जा रहे रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं को स्थायी और सुरक्षित रोजगार की जरूरत है। उनके मुताबिक, रोजगार के अवसरों की गुणवत्ता और नौकरी की सुरक्षा पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और पारदर्शी तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की।
कानून-व्यवस्था पर भी सवाल
कांग्रेस सांसद ने हरियाणा की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर विश्वास मजबूत होना जरूरी है।
हुड्डा ने कहा कि कानून-व्यवस्था किसी भी सरकार के कामकाज का महत्वपूर्ण पैमाना होती है। अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने की जरूरत है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं उठाने और उन्हें राजनीतिक मुद्दों के साथ जोड़ने का आह्वान किया।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
पानीपत ग्रामीण ब्लाक कांग्रेस का यह सम्मेलन पार्टी संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। इसमें प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक बलबीर वाल्मीकि, दिव्यांशु बुद्धिराजा, सचिन कुंडु, जिलाध्यक्ष रमेश मलिक और कंवर सिंह छौक्कर समेत कई नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा खुशी राम जागलान, अनिल मलिक सींक, पूर्व मेयर सुरेश वर्मा, ब्लाक अध्यक्ष जय कुमार बिंदाल, ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, शौर्यवीर और पुनीत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं के बीच नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता से सीधे संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। कांग्रेस के लिए आने वाले राजनीतिक दौर में संगठन को सक्रिय करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार को घेरने के लिए मुद्दों पर फोकस
दीपेंद्र हुड्डा के भाषण में चुनाव प्रक्रिया से लेकर किसान, बेरोजगारी, खेल और कानून-व्यवस्था तक कई मुद्दे शामिल रहे। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस आने वाले समय में सरकार को अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों के साथ ही किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाकर कांग्रेस ने अपने राजनीतिक अभियान में कई वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया है। वहीं, हरियाणा में कामनवेल्थ खेल कराने की मांग के जरिए खेल और युवा वर्ग को भी राजनीतिक विमर्श से जोड़ने की कोशिश की गई।
कुल मिलाकर पानीपत ग्रामीण ब्लाक सम्मेलन में दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा सरकार पर कई मोर्चों पर हमला बोला। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से लेकर किसानों को एमएसपी और धान के उचित भाव, युवाओं को रोजगार तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था और खेल सुविधाओं तक उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। उनके भाषण से साफ संकेत मिला कि कांग्रेस आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान और तेज करने की तैयारी में है।




