पायलट के पहले पंजाब दौरे पर कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, चंडीगढ़ में चीमा के घर तक मार्च की तैयारी

पायलट के पहले पंजाब दौरे पर कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, चंडीगढ़ में चीमा के घर तक मार्च की तैयारी

पंजाब कांग्रेस में नए प्रभारी सचिन पायलट की एंट्री के बाद पार्टी मंगलवार को चंडीगढ़ में बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन करने जा रही है। पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा संगठनात्मक कार्यक्रम होगा और इसी के जरिए कांग्रेस एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ अपने तेवर दिखाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ लंबे समय से अलग-अलग खेमों में बंटी नजर आ रही प्रदेश कांग्रेस की एकजुटता भी परखी जाएगी।

कांग्रेस ने मंगलवार को चंडीगढ़ में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर रोष मार्च निकालने का कार्यक्रम बनाया है। पार्टी का यह प्रदर्शन गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर है। कांग्रेस की मांग है कि संबंधित कैबिनेट मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाया जाए और पूरे मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

पायलट के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के लगभग सभी प्रमुख नेताओं के एक मंच पर आने की संभावना है। पार्टी के लिए यह इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय से संगठन में नेतृत्व और चुनावी समितियों में हिस्सेदारी को लेकर अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच मतभेद खुलकर सामने आते रहे हैं।

सुबह 11 बजे कांग्रेस भवन से निकलेगा मार्च

कांग्रेस का रोष प्रदर्शन मंगलवार सुबह करीब 11 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से शुरू होगा। यहां से पार्टी कार्यकर्ता और नेता मार्च करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर बढ़ेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की है। कांग्रेस नेताओं की ओर से दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन में 10 से 15 हजार के बीच समर्थक और कार्यकर्ता जुट सकते हैं।

पार्टी की कोशिश है कि पायलट के पहले दौरे को केवल औपचारिक संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे प्रदेश स्तर पर कांग्रेस की राजनीतिक ताकत दिखाने वाले कार्यक्रम में बदला जाए।

एक मंच पर नजर आएंगे कांग्रेस के बड़े नेता

पायलट के साथ प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा, डॉ. राजकुमार वेरका समेत कई नेताओं ने कार्यक्रम में पहुंचने की पुष्टि की है।

प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग भी प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली टीम का हिस्सा होंगे। ऐसे में लंबे समय बाद पार्टी के अलग-अलग प्रभावशाली चेहरे एक ही कार्यक्रम में साथ नजर आएंगे।

कांग्रेस के लिए यह तस्वीर राजनीतिक रूप से काफी मायने रखती है। पार्टी में पिछले कुछ समय से नेतृत्व, संगठनात्मक नियुक्तियों और चुनावी तैयारियों को लेकर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। अब पायलट के सामने चुनौती है कि इन मतभेदों को कम करके सभी नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव की साझा रणनीति के तहत एक साथ लाया जाए।

चन्नी-वड़िंग खेमे के बीच खींचतान रही चर्चा में

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद कोई नया विषय नहीं है। एक जुलाई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विभिन्न चुनाव समितियों के गठन के बाद संगठन के भीतर खींचतान ज्यादा स्पष्ट होकर सामने आई थी।

विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग से जुड़े खेमों के बीच संगठनात्मक भूमिका और चुनावी समितियों में प्रतिनिधित्व को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। दोनों पक्षों के नेताओं की सक्रियता और बयानबाजी ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया था।

हालांकि, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी के रूप में भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद पार्टी के भीतर माहौल बदलने के संकेत मिले हैं। वरिष्ठ नेताओं के सुर भी पहले की तुलना में ज्यादा संयमित नजर आ रहे हैं।

अब मंगलवार का प्रदर्शन इस बात का संकेत देगा कि पायलट विभिन्न गुटों को एक साझा राजनीतिक मंच पर लाने में शुरुआती तौर पर कितने सफल होते हैं।

पायलट के सामने 2027 की सबसे बड़ी चुनौती

सचिन पायलट के सामने पंजाब में सबसे बड़ी चुनौती 2027 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को मजबूत और एकजुट करना है। पार्टी को एक तरफ संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना होगा, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ लगातार राजनीतिक मुद्दे तैयार करने होंगे।

कांग्रेस के पास राज्य में सरकार के खिलाफ कई मुद्दे हैं, लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद उसकी राजनीतिक धार को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में पायलट की जिम्मेदारी केवल विरोध प्रदर्शन आयोजित कराने तक सीमित नहीं होगी। उन्हें अलग-अलग नेताओं को साथ लेकर संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाना होगा।

मंगलवार का प्रदर्शन इस लिहाज से पायलट के लिए पहला बड़ा टेस्ट माना जा रहा है। यदि वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एक साथ नजर आते हैं तो पार्टी इसे संगठनात्मक एकजुटता के संकेत के रूप में पेश कर सकती है।

आप सरकार के खिलाफ संघर्ष को धार देने की तैयारी

कांग्रेस लंबे समय से पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरती रही है। गुलजार सिंह की मौत का मामला अब पार्टी के लिए सरकार पर सीधा हमला करने का नया आधार बना है।

कांग्रेस का आरोप है कि मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और संबंधित मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर पार्टी ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है।

पायलट की मौजूदगी इस प्रदर्शन को राष्ट्रीय नेतृत्व का समर्थन मिलने की तस्वीर भी पेश करेगी। कांग्रेस की कोशिश है कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी के खिलाफ उसके आंदोलन को ज्यादा आक्रामक और संगठित बनाया जाए।

राहुल गांधी के संभावित दौरे से पहले अहम कार्यक्रम

पंजाब में कांग्रेस की सक्रियता ऐसे समय बढ़ रही है जब राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे को लेकर भी पार्टी के भीतर तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में पायलट का पहला दौरा और चंडीगढ़ का प्रदर्शन संगठन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर बन गया है।

कांग्रेस की रणनीति यह है कि राज्य नेतृत्व, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एक साझा मंच पर दिखाई दें तथा पार्टी के आगामी कार्यक्रमों के लिए जमीन तैयार की जाए।

यदि प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप बड़ा रहता है तो कांग्रेस इसे सरकार के खिलाफ जनसमर्थन के रूप में पेश करने की कोशिश कर सकती है। इसके साथ ही पार्टी नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि पंजाब कांग्रेस अब चुनावी मोड में प्रवेश कर चुकी है।

सह प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर ने संभाली तैयारियों की कमान

पायलट के दौरे से पहले पंजाब कांग्रेस के सह प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर भी संगठनात्मक तैयारियों को गति देने में जुटे हैं। उन्होंने कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह डैनी के साथ विभिन्न जिलों के नेताओं से बैठकें की हैं।

फगवाड़ा, होशियारपुर और नवांशहर के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर प्रदर्शन में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी जिला स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ पहुंचने के लिए लामबंद कर रहे हैं।

पार्टी की कोशिश है कि प्रदर्शन में केवल प्रदेश स्तर के नेता ही नहीं, बल्कि अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी पहुंचें। इससे कार्यक्रम का प्रभाव राज्यव्यापी बनाने में मदद मिल सकती है।

प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ में यातायात प्रभावित होने की संभावना

कांग्रेस के रोष मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ के कई प्रमुख इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मंगलवार सुबह से दोपहर तक शहर के महत्वपूर्ण संस्थानों के आसपास ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है।

पीजीआई, सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच, पंजाब यूनिवर्सिटी और गवर्नमेंट कॉलेज-11 के आसपास के इलाकों में सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक जाम जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।

हजारों कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना के चलते शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती रहेगी। प्रदर्शन का मार्ग और भीड़ की स्थिति के अनुसार यातायात को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है।

सिर्फ प्रदर्शन नहीं, संगठन की परीक्षा भी

पंजाब कांग्रेस के लिए मंगलवार का कार्यक्रम केवल सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी के भीतर इसे नए प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में संगठन की पहली बड़ी परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है।

पायलट को एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करना है, तो दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं में चुनावी उत्साह पैदा करना होगा। इसके साथ ही उन्हें प्रदेश संगठन को स्थानीय स्तर तक मजबूत करने और 2027 के लिए स्पष्ट रणनीति तैयार करने की चुनौती भी सामने है।

चंडीगढ़ में एक ही मंच पर चन्नी, वड़िंग, रंधावा, बाजवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस दिशा में पहला संकेत हो सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह एकजुटता केवल मंगलवार के प्रदर्शन तक सीमित रहती है या आने वाले दिनों में कांग्रेस की चुनावी रणनीति में भी दिखाई देती है।

सचिन पायलट का पहला पंजाब दौरा ऐसे समय हो रहा है जब कांग्रेस को संगठनात्मक मतभेदों से ऊपर उठकर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ एक मजबूत विपक्षी भूमिका तैयार करने की जरूरत है। मंगलवार का रोष मार्च इसी दोहरी चुनौती—सड़क पर सरकार का विरोध और संगठन के भीतर एकजुटता—के बीच पंजाब कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच साबित हो सकता है।