रामलीला मैदान की रैली को बताया लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का निर्णायक अभियान; हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने खड़गे, राहुल और प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेतृत्व का जताया आभार, बोले- गांव-गांव तक पहुंचाएंगे वोट बचाने की आवाज
चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मेगा राष्ट्रीय रैली की सफलता को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता की एकजुटता का बड़ा संदेश बताया है। उन्होंने कहा कि रैली में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि देश के नागरिक अपने मताधिकार, संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर सजग हैं। जनता अपने वोट की सुरक्षा चाहती है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मांग रही है।
राव नरेंद्र सिंह ने रैली की सफलता पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) एवं सांसद के.सी. वेणुगोपाल सहित पार्टी के समस्त वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं की मेहनत से यह आयोजन व्यापक जनभागीदारी वाला अभियान बना।
उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से रामलीला मैदान पहुंचे नागरिकों, इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का भी आभार जताया। विशेष रूप से हरियाणा के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों से रैली में शामिल होने पहुंचे नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से लोगों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हरियाणा की जनता भी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के इस अभियान के साथ खड़ी है।
रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ जनता की जागरूकता का प्रमाण
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि रामलीला मैदान में देशभर से पहुंचे लोगों की भागीदारी केवल किसी राजनीतिक कार्यक्रम की सफलता नहीं है, बल्कि यह जनता की लोकतांत्रिक चेतना और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि जब नागरिक अपने वोट की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाते हैं, तो यह लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होता है।
उनके अनुसार, चुनाव में मतदान का अधिकार नागरिकों को संविधान के तहत प्राप्त लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निर्वाचन संस्थाओं की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। यदि इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते हैं, तो संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों के आधार पर उनका समाधान करें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इसी उद्देश्य से जनता के बीच पहुंचे हैं। यह अभियान किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के मताधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ छह आरोप सार्वजनिक किए गए
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि रैली के दौरान इंडिया गठबंधन की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘द सिक्स चार्जेस’ के तहत छह गंभीर आरोप औपचारिक रूप से देश के सामने रखे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इन आरोपों का पुरजोर समर्थन किया।
उन्होंने बताया कि इन आरोपों में चुनाव चुराने की कथित साजिश, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप, संसद की जानकारी और निगरानी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने का दावा, ईसीआईनेट के माध्यम से मतदाता सूचियों पर केंद्रीकृत नियंत्रण स्थापित करने का आरोप, अन्य दो चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने की बात और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप शामिल है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि ये सभी आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं और इनका संबंध देश की चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता तथा विश्वसनीयता से है। ऐसे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को इन सवालों पर चुप्पी साधने के बजाय देश के सामने तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव, चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय लेने की व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब सार्वजनिक रूप से दिया जाना चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी प्रकार का संदेह न रहे।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवालों का जवाब जरूरी
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश के नागरिकों का भरोसा तभी मजबूत रह सकता है, जब चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी हो और सभी राजनीतिक दलों तथा मतदाताओं को समान अवसर मिलने का विश्वास हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया से संबंधित गंभीर सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, फॉर्म-6 में बदलाव और तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से मतदाता सूचियों पर नियंत्रण जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब जरूरी है।
राव नरेंद्र सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से सवालों का तथ्यात्मक उत्तर देने की मांग करते हुए कहा कि देश जवाब चाहता है और इस मुद्दे पर सवालों से बचने के बजाय स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को यह जानने का अधिकार है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने की प्रक्रिया किस तरह संचालित हो रही है।
उनका कहना था कि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है। यह देश के करोड़ों मतदाताओं के विश्वास से जुड़ा विषय है। इसलिए इस संबंध में उठाए गए प्रत्येक सवाल का गंभीरता से समाधान किया जाना चाहिए।
सत्ता जनता की अमानत, संविधान से ऊपर कोई नहीं
राव नरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि देश की सत्ता किसी व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं है। प्रधानमंत्री का पद जनता के विश्वास और जनादेश से प्राप्त जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में सत्ता का अंतिम स्रोत जनता होती है और उसका मत ही सरकारों के गठन का आधार बनता है।
उन्होंने कहा कि बहुमत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि किसी भी संवैधानिक संस्था या लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठने के बावजूद उन्हें अनदेखा किया जाए। सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनता के मताधिकार से जुड़े किसी भी संदेह को दूर करना आवश्यक है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संविधान की भावना और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को सजग रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुमत के अहंकार में संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने और जनता के मताधिकार से खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती।
हरियाणा के कार्यकर्ताओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचे नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने दिल्ली पहुंचकर लोकतंत्र की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस संगठन इस मुद्दे को लेकर लगातार जनता के बीच जाएगा। लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का अभियान केवल बड़े शहरों या राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा। इसे प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके।
उनके अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। प्रत्येक मतदाता का वोट समान महत्व रखता है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान आवश्यक है।
गांव-गांव और गली-गली तक पहुंचेगा अभियान
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि रामलीला मैदान से उठी आवाज अब पूरे देश में गूंजेगी। लोकतंत्र और वोट के अधिकार की लड़ाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष को गांव-गांव और गली-गली तक लेकर जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर मताधिकार की अहमियत, मतदाता सूची की पारदर्शिता और संविधान की रक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस अभियान को लंबे समय तक जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक का वोट सुरक्षित रहे और किसी भी मतदाता को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न किया जाए। इसके लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ प्रदेश स्तर पर भी संगठन को सक्रिय किया जाएगा।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और संवैधानिक अधिकारों पर आधारित व्यवस्था है। यदि मतदाता को अपने वोट की सुरक्षा का भरोसा नहीं होगा, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास प्रभावित हो सकता है। इसलिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब देना और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
‘न वोट कटने देंगे, न वोट चोरी होने देंगे’
राव नरेंद्र सिंह ने अपने संदेश में कांग्रेस के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि पार्टी जनता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी नागरिक के मताधिकार को प्रभावित होने से बचाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी जनता के बीच जाकर अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की मांग उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प अटल है- न किसी का वोट कटने देंगे, न वोट चोरी होने देंगे, न संविधान झुकने देंगे और न लोकतंत्र मिटने देंगे।”
राव नरेंद्र सिंह के इस बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस प्रदेश में भी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। रामलीला मैदान की रैली के बाद पार्टी अब इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर उठाकर मतदाताओं के बीच पहुंचाने पर जोर देगी। कांग्रेस का कहना है कि मताधिकार की सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद हैं और इनसे जुड़े सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।




