शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शारदीय नवरात्र के दौरान सचिवालय में बने नए कार्यालय से सरकारी कामकाज शुरू करने जा रहे हैं। राज्य सचिवालय परिसर में नवनिर्मित आर्म्जडेल फेज-दो भवन में मुख्यमंत्री के लिए तैयार किया गया नया दफ्तर अब लगभग पूरी तरह आकार ले चुका है। कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है और इसमें मुख्यमंत्री से मिलने के लिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
मुख्यमंत्री के नए कार्यालय के शुरू होने से सचिवालय में उनसे मिलने आने वाले लोगों के लिए पहले के मुकाबले अधिक व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध होने की उम्मीद है। खासतौर पर दूरदराज के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर राजधानी पहुंचने वाले लोगों को इससे राहत मिल सकती है। पुराने कार्यालय परिसर में सीमित जगह होने के कारण कई बार बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता था। ऐसी स्थिति में फरियादियों को अपनी बारी का इंतजार करते हुए काफी समय तक खड़े रहना पड़ता था।
नए कार्यालय परिसर में इस समस्या को ध्यान में रखते हुए आगंतुकों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था की गई है। इससे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सचिवालय पहुंचने वाले लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने की परेशानी से बचाया जा सकेगा।
पीडब्ल्यूडी और जीएडी अधिकारियों ने किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को अंतिम रूप देने के काम की प्रगति का जायजा लेने के लिए लोक निर्माण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने भवन में चल रहे निर्माण एवं अन्य संबंधित कार्यों की स्थिति देखी और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय में उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, बैठने की व्यवस्था और बैठकों के लिए तैयार किए गए स्थान समेत विभिन्न पहलुओं को देखा गया। अधिकारियों की ओर से शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री नवरात्र के दौरान नए कार्यालय से नियमित रूप से कामकाज शुरू कर सकें।
नए कार्यालय के तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री के सरकारी कामकाज को लेकर सचिवालय में उपलब्ध स्थान और सुविधाओं में भी विस्तार होगा। इससे मुख्यमंत्री कार्यालय में होने वाली बैठकों और प्रदेशभर से आने वाले लोगों से मुलाकात की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फरियादियों के लिए बढ़ेगी सुविधा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोग सचिवालय पहुंचते हैं। कई बार एक ही दिन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें, मांगें और अन्य समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच जाते हैं। पुराने परिसर में जगह सीमित होने के कारण सभी लोगों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण रहता था।
कई फरियादियों को सचिवालय के प्रवेश क्षेत्र से लेकर कार्यालय परिसर तक अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों के लिए लंबे समय तक खड़े रहकर इंतजार करना असुविधाजनक होता था।
नए कार्यालय में आगंतुकों की संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने के लिए पर्याप्त स्थान रखा गया है। इससे मुख्यमंत्री से मिलने आने वाले लोगों के लिए प्रतीक्षा की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
बैठकों के लिए बड़ा हॉल तैयार
मुख्यमंत्री के नए कार्यालय की एक प्रमुख विशेषता यहां तैयार किया गया बड़ा बैठक कक्ष है। इसमें एक समय में करीब 100 अधिकारियों के बैठने की क्षमता रखी गई है। बैठक कक्ष में दो पंक्तियों में लगभग 50-50 अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
इस बड़े हॉल का उपयोग राज्य स्तर की महत्वपूर्ण बैठकों, विभागीय समीक्षा और अधिकारियों के साथ होने वाली व्यापक चर्चाओं के लिए किया जा सकेगा। इससे मुख्यमंत्री को अलग-अलग विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक ही स्थान पर बैठक करने में सुविधा होगी।
पहले बड़ी संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी वाली बैठकों के लिए अतिरिक्त स्थान की जरूरत पड़ती थी। नए कार्यालय में बड़ी क्षमता वाले बैठक कक्ष की सुविधा उपलब्ध होने से ऐसी बैठकों के आयोजन को आसान बनाया जा सकेगा।
राज्य स्तर की समीक्षा बैठकों में मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री को सरकार के विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की नियमित समीक्षा करनी होती है। कई बार एक ही बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाता है। ऐसे अवसरों पर पर्याप्त क्षमता वाला बैठक कक्ष जरूरी होता है।
नए कार्यालय में तैयार किया गया बड़ा हॉल इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर उपयोगी साबित हो सकता है। इसमें एक साथ बड़ी संख्या में अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था होने के कारण विभागीय समीक्षा बैठकों को एक ही स्थान पर आयोजित किया जा सकेगा।
इसके अलावा सरकार की योजनाओं, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक मामलों पर अधिकारियों के साथ चर्चा के लिए भी यह स्थान इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सचिवालय में सुविधाओं के विस्तार का सिलसिला
राज्य सचिवालय में पिछले कुछ समय से कार्यालयों और सुविधाओं के विस्तार का काम जारी है। इसी क्रम में आर्म्जडेल फेज-दो भवन में मुख्यमंत्री के कार्यालय के अलावा मंत्रियों के लिए भी नए कार्यालय तैयार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से पहले कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह और यादवेंद्र गोमा को भी इसी परिसर में नए कार्यालय उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। दोनों मंत्री पिछले करीब डेढ़ वर्ष से इन कार्यालयों से अपना सरकारी कामकाज कर रहे हैं।
नए कार्यालयों के निर्माण का उद्देश्य सचिवालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ मंत्रियों, अधिकारियों और आम लोगों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बढ़ाना है।
नए कार्यालय में जनता से मुलाकात पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को केवल प्रशासनिक बैठकों के लिए ही नहीं, बल्कि जनता से संवाद के लिहाज से भी तैयार किया गया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोग अपनी शिकायतें और मांगें लेकर मुख्यमंत्री से मिलने राजधानी पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय परिसर में आगंतुकों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए कार्यालय में बैठने की बेहतर व्यवस्था होने से लोगों को अपनी बारी का इंतजार करने के दौरान अधिक सुविधा मिल सकेगी। इससे सचिवालय परिसर में भीड़ को व्यवस्थित रखने में प्रशासन को मदद मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता की समस्याओं को सुनने और अधिकारियों के साथ उनके समाधान को लेकर चर्चा करने की प्रक्रिया भी नए परिसर में अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी।
नवरात्र से शुरू होगा नया अध्याय
मुख्यमंत्री सुक्खू के शारदीय नवरात्र के दौरान नए कार्यालय में बैठने की तैयारी को सचिवालय में बदलाव के एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है। नए भवन में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री यहां से सरकारी बैठकों और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन करेंगे।
फिलहाल लोक निर्माण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग की टीम भवन से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटी है। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के नए कार्यालय में कामकाज शुरू करने के समय सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
पुराने कार्यालय की सीमाओं से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री के पुराने कार्यालय में सीमित जगह के कारण बड़ी संख्या में आने वाले लोगों और अधिकारियों को एक साथ समायोजित करने में दिक्कत होती थी। अब नए कार्यालय में अधिक क्षमता और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण इस समस्या को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की गई है।
विशेष रूप से बड़े स्तर की बैठकों के लिए तैयार किए गए हॉल और आम लोगों के लिए उपलब्ध करवाई गई प्रतीक्षा व्यवस्था नए कार्यालय की प्रमुख विशेषताएं हैं। इससे मुख्यमंत्री के प्रशासनिक कामकाज और जनसुनवाई, दोनों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
सचिवालय में मुख्यमंत्री का नया कार्यालय शुरू होने के बाद आने वाले दिनों में यहां होने वाली बैठकों और जनसुनवाई की गतिविधियां नए परिसर में संचालित होंगी। इससे एक तरफ मुख्यमंत्री और अधिकारियों के लिए आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध होगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर से अपनी फरियाद लेकर आने वाले लोगों के लिए भी पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
इस तरह शारदीय नवरात्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नए कार्यालय से कामकाज शुरू करने के साथ सचिवालय के प्रशासनिक ढांचे में एक और महत्वपूर्ण बदलाव जुड़ जाएगा। आर्म्जडेल फेज-दो में तैयार यह कार्यालय मुख्यमंत्री के नियमित प्रशासनिक कामकाज, अधिकारियों के साथ बैठकों और जनता से संवाद के लिए नया केंद्र बनेगा।




