सिंगापुर के निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी, मुख्यमंत्री सैनी ने उद्योग जगत को दिया हरियाणा आने का न्योता

सिंगापुर के निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी, मुख्यमंत्री सैनी ने उद्योग जगत को दिया हरियाणा आने का न्योता

हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों के बीच सिंगापुर के निवेशकों और उद्योग जगत ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। सिंगापुर के उद्यमियों ने लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी क्षेत्र, विनिर्माण और शिक्षा के साथ-साथ डाटा सेंटर, रक्षा, आधारभूत ढांचे और आवास परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई है। इससे हरियाणा में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ विभिन्न उद्योग समूहों और उद्यमियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान हरियाणा में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक ढांचे, शहरी विकास, तकनीकी क्षमता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए क्षेत्रों में सहयोग को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने हरियाणा की मौजूदा औद्योगिक क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को रखते हुए कहा कि राज्य को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना उनका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उद्योगों के लिए मजबूत आधार मौजूद है और अब इस आधार को आधुनिक तकनीक, वैश्विक निवेश और नए औद्योगिक क्षेत्रों के साथ जोड़ने की जरूरत है।

2017 के निवेश समझौतों की नींव पर आगे बढ़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री सैनी ने सिंगापुर के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को बताया कि हरियाणा और सिंगापुर के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग कोई नया प्रयास नहीं है। वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लॉजिस्टिक्स, टाउनशिप, विमानन, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य एवं जीवनशैली, बिजली और आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े समझौते किए थे।

इन समझौतों का कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डॉलर से अधिक था, जो भारतीय मुद्रा में 28 हजार 584 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय शुरू हुई साझेदारी ने हरियाणा और सिंगापुर के बीच निवेश संबंधों के लिए आधार तैयार किया था। अब जरूरत इस सहयोग को नई ऊंचाई तक ले जाने की है।

उन्होंने सिंगापुर की कंपनी असेंडास-सिंगब्रिज का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। यह परियोजना हरियाणा में सिंगापुर की विशेषज्ञता और निवेश क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अब इस नींव को आगे बढ़ाते हुए नए क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी के अवसर तैयार किए जाने चाहिए।

लॉजिस्टिक्स और आधारभूत ढांचे में बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के निवेशकों के सामने चार प्रमुख क्षेत्रों को विशेष रूप से रेखांकित किया, जिनमें दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। इनमें सबसे पहला क्षेत्र लॉजिस्टिक्स और आधारभूत ढांचा है।

उन्होंने कहा कि सिंगापुर दुनिया के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला केंद्रों में शामिल है। उसकी विशेषज्ञता से हरियाणा को काफी लाभ मिल सकता है। राज्य की भौगोलिक स्थिति, दिल्ली-एनसीआर के निकटता और मजबूत सड़क तथा औद्योगिक संपर्क के कारण हरियाणा में आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में निवेश से औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। इससे परिवहन लागत कम करने और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर की कंपनियों को इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और निवेश के साथ हरियाणा से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

गुरुग्राम और आसपास शहरी विकास का विस्तार

दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र शहरी विकास और रियल एस्टेट है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम और इसके आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक और एकीकृत शहरी विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य में इंटीग्रेटेड टाउनशिप, वाणिज्यिक परियोजनाओं और आधुनिक शहरी आधारभूत ढांचे के निर्माण में विदेशी कंपनियों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों के लिए केवल नई इमारतें बनाना पर्याप्त नहीं है। आधुनिक परिवहन व्यवस्था, आवास, व्यावसायिक क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और तकनीकी ढांचा एक साथ विकसित करना आवश्यक है। सिंगापुर ने योजनाबद्ध शहरी विकास के क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया है और हरियाणा इस अनुभव से लाभ उठा सकता है।

गुरुग्राम को वैश्विक कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में संतुलित शहरी विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी संदर्भ में सिंगापुर के निवेशकों के साथ संभावित साझेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तकनीक और वैश्विक क्षमता केंद्रों पर नजर

सहयोग के तीसरे प्रमुख क्षेत्र के रूप में तकनीक और वैश्विक क्षमता केंद्रों को रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर की कंपनियां अपने तकनीकी, डिजिटल, वित्तीय और पेशेवर क्षमता केंद्र हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं।

हरियाणा में पहले से ही बड़ी संख्या में तकनीकी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां मौजूद हैं। गुरुग्राम विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और वैश्विक कंपनियों के लिए प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में नए वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित होने से राज्य में उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय तकनीक और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में आने वाले वर्षों में भारी संभावनाएं हैं। हरियाणा इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करके खुद को देश के प्रमुख नवाचार केंद्रों में स्थापित करना चाहता है।

उन्नत विनिर्माण में साझेदारी के अवसर

चौथा प्रमुख क्षेत्र उन्नत विनिर्माण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का वाहन और इंजीनियरिंग उद्योग का आधार पहले से मजबूत है। राज्य अब इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण, अर्धचालक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उद्योगों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सिंगापुर की तकनीकी विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता के साथ हरियाणा के औद्योगिक ढांचे का बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है। इससे राज्य में नई तकनीक आधारित उत्पादन इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा उद्योगों के आधुनिकीकरण की संभावनाएं बढ़ेंगी।

अर्धचालक, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हरियाणा इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर अपने औद्योगिक आधार को पारंपरिक उद्योगों से आगे ले जाना चाहता है।

शिक्षा क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग

निवेश के साथ शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। हरियाणा ने सिंगापुर स्थित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ साझेदारी की है। इसके तहत राज्य में विश्व स्तरीय विद्यालयी शिक्षा ढांचे को विकसित करने की योजना है।

इस साझेदारी से लगभग दो हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए मजबूत शिक्षा व्यवस्था जरूरी है। उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण संस्थानों का विस्तार आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के आने से विद्यार्थियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिल सकते हैं। इससे राज्य के युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

रक्षा और डाटा सेंटर में निवेश की संभावनाएं

बैठक के दौरान हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। हरियाणा की दिल्ली-एनसीआर से निकटता और मजबूत औद्योगिक एवं संचार ढांचा इसे इस क्षेत्र के लिए संभावित निवेश स्थल बनाता है।

हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों और तकनीकी क्षमताओं के विकास को नए निवेश के अवसर के रूप में देख रही है। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में वही क्षेत्र आगे बढ़ेंगे, जहां आधुनिक तकनीक और मजबूत आधारभूत ढांचा एक साथ उपलब्ध होगा।

पानीपत और गुरुग्राम में आवास क्षेत्र पर मंथन

निवेशकों के साथ पानीपत में आवास क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए राज्य में किफायती और आधुनिक आवास की मांग लगातार बढ़ रही है।

गुरुग्राम में सस्ती दरों पर आवासीय क्षेत्र विकसित करने और किराये के लिए आवास नीति को लेकर भी बातचीत हुई। सरकार का प्रयास है कि बढ़ती आबादी और रोजगार के अवसरों के साथ शहरों में ऐसे आवास विकल्प उपलब्ध हों, जो कामकाजी वर्ग और मध्यम आय वर्ग की जरूरतों को पूरा कर सकें।

किफायती आवास के साथ बेहतर परिवहन, बुनियादी सुविधाएं और रोजगार केंद्रों के बीच संतुलन कायम करना भी शहरी विकास की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस क्षेत्र में विदेशी निवेश और विशेषज्ञता का लाभ उठाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

निवेशकों को हरियाणा आने का न्योता

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर के कारोबारी नेताओं से हरियाणा का दौरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को गुरुग्राम-मानेसर क्षेत्र, औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स संपर्क व्यवस्था और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को स्वयं देखना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि वे हरियाणा में किस क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि अब भारत और सिंगापुर के संबंधों को केवल सरकारों के बीच संवाद तक सीमित रखने का समय नहीं है। दोनों देशों के बीच संबंधों को कारोबारी साझेदारी, निवेश, औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और वास्तविक परियोजनाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। राज्य सरकार चाहती है कि विदेशी कंपनियां यहां केवल निवेश न करें, बल्कि स्थानीय उद्योगों और युवाओं के साथ साझेदारी कर दीर्घकालिक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करें।

सिंगापुर के निवेशकों की ओर से लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीक, विनिर्माण, शिक्षा, डाटा सेंटर, रक्षा, आवास और आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में दिखाई गई रुचि को हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित निवेश परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं तो इससे राज्य में पूंजी निवेश बढ़ने के साथ रोजगार, तकनीकी कौशल और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य इसी निवेश संभावनाओं को ठोस परियोजनाओं में बदलकर हरियाणा को देश के अग्रणी औद्योगिक और नवाचार केंद्रों में शामिल करना है।