सिरमौर के नौहराधार को मिली 6.92 करोड़ की स्वास्थ्य सौगात, 50 हजार लोगों को घर के पास मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

सिरमौर के नौहराधार को मिली 6.92 करोड़ की स्वास्थ्य सौगात, 50 हजार लोगों को घर के पास मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

मुख्यमंत्री सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से किया छह बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन, संगड़ाह स्कूल को सीबीएसई में स्तरोन्नत करने की घोषणा; दूध कारोबार को बढ़ावा देने के लिए मिल्क चिलिंग प्लांट लगाने पर भी विचार

शिमला: हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के नौहराधार में 6.92 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का लोकार्पण किया। छह बिस्तरों की क्षमता वाले इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों की लगभग 50 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। अब स्थानीय लोगों को प्राथमिक और सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूरदराज के अस्पतालों का रुख करने की मजबूरी काफी हद तक कम होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े शहरों और जिला मुख्यालयों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। नौहराधार में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण इसी सोच का हिस्सा है। सरकार स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ वहां पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कई बार काफी समय लग जाता है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों के लिए नजदीक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। नौहराधार में नए सीएचसी भवन के शुरू होने से आसपास की पंचायतों के लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश के अस्पतालों में केवल 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसके कारण स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई और मरीजों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च, 2027 तक प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता 70 प्रतिशत से अधिक की जाए। इसके लिए आवश्यक पदों को भरने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल अस्पतालों की इमारतें तैयार कर देना पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से नौहराधार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सुचारू संचालन के लिए दो चिकित्सा अधिकारियों और एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय स्टाफ की तैनाती से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।

20 पंचायतों और 47 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

नौहराधार में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरमौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा साबित हो सकता है। इस केंद्र से करीब 50 हजार लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। क्षेत्र की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों के निवासियों को अब अपने आसपास ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी अक्सर मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। कई बार सामान्य बीमारी के उपचार के लिए भी लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं, आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

ऐसे में नौहराधार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा शुरू होना स्थानीय लोगों के लिए राहत भरा कदम है। छह बिस्तरों वाले इस केंद्र में मरीजों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए नजदीकी स्तर पर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।

सरकार की ओर से स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार और उनमें सुविधाएं बढ़ाने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद है।

संगड़ाह स्कूल को सीबीएसई में स्तरोन्नत करने की घोषणा

स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संगड़ाह को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूल के रूप में स्तरोन्नत करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार और शैक्षणिक स्तर में सुधार पर ध्यान दे रही है।

संगड़ाह स्कूल को सीबीएसई से जोड़ने की घोषणा को क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होने से अभिभावकों को भी अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनके विकास के बिना ग्रामीण क्षेत्रों की समग्र प्रगति संभव नहीं है।

पांच हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट लगाने पर विचार

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से नौहराधार क्षेत्र में प्रतिदिन पांच हजार लीटर क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने पर विचार करने का आश्वासन भी दिया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। यदि गांवों के नजदीक दूध संग्रहण और शीतलन की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो पशुपालकों को अपना उत्पाद बेचने में आसानी होगी। इससे दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी बेहतर हो सकती है।

मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित होने से आसपास के गांवों के दूध उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर दूध जमा करवाने की सुविधा मिल सकती है। इससे दूध को दूर स्थित संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाने में लगने वाला समय और परिवहन संबंधी परेशानियां कम होने की संभावना है।

इसके अलावा, दूध की नियमित खरीद और संग्रहण व्यवस्था विकसित होने से पशुपालकों को पशुपालन के क्षेत्र में अधिक सक्रिय होने का प्रोत्साहन मिल सकता है। ग्रामीण परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी सुविधाओं के विकास पर विचार करने की बात कही, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे। विशेषकर दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था एक-दूसरे से जुड़े हुए क्षेत्र हैं। यदि गांवों में बेहतर अस्पताल, गुणवत्तापूर्ण स्कूल और रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे तो वहां रहने वाले परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

नौहराधार में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, संगड़ाह स्कूल को सीबीएसई में स्तरोन्नत करने की घोषणा और मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने पर विचार इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण को दर्शाता है।

सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुविधाओं के अभाव में अपने घर और गांव छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। इसके लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

विनय कुमार ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने नौहराधार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता महसूस हो रही थी। अब आधुनिक भवन और चिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति से स्थानीय लोगों को अपने घर के नजदीक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

विनय कुमार ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण आबादी के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

नौहराधार में 6.92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन सिरमौर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इस परियोजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अस्पताल में नियमित रूप से चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध रहें और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। इसके साथ ही संगड़ाह स्कूल को सीबीएसई में स्तरोन्नत करने और मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने वाले कदम क्षेत्र के शैक्षणिक और आर्थिक विकास को नई गति दे सकते हैं।