हरियाणा के सिवानी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण विकास, स्वरोजगार और खादी आधारित अर्थव्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं किया जा सकता। इसी सोच के साथ राज्य सरकार खादी, ग्रामोद्योग, कुटीर उद्योग और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, स्वदेशी भावना और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जिस खादी ने देश को एकजुट किया, वही आज आधुनिक भारत में लाखों लोगों के लिए रोजगार और सम्मानजनक आजीविका का माध्यम बन रही है।
गांवों में रोजगार बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों में ही रोजगार के अवसर तैयार करना है। उनका मानना है कि यदि गांवों में उद्योग, स्वरोजगार और कौशल आधारित कार्य बढ़ेंगे तो युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “विकसित भारत 2047” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि छोटे उद्यमियों और कारीगरों की आय भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा अपने गांव में ही व्यवसाय शुरू कर सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
972 कारीगरों को मिली मशीनें और आधुनिक टूलकिट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए लाभार्थियों को आधुनिक मशीनें, उपकरण और टूलकिट वितरित किए। उन्होंने बताया कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत प्रदेश के 972 कारीगरों को कुल 3,645 मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इनमें कई प्रकार के आधुनिक उपकरण शामिल हैं, जिनसे पारंपरिक व्यवसायों को नई तकनीक और बेहतर उत्पादन क्षमता मिलेगी।
प्रमुख उपकरणों में शामिल हैं—
- सिलाई मशीनें
- फुटवियर निर्माण मशीनें
- चरखे
- विद्युत चालित चाक
- मधुमक्खी पालन के लिए बी-बॉक्स और बी-कॉलोनी
- लकड़ी कारीगरी टूलकिट
- दोना-पत्तल निर्माण मशीनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मशीनें केवल उपकरण नहीं हैं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए आय बढ़ाने और नए स्वरोजगार की शुरुआत करने का मजबूत आधार हैं। आधुनिक तकनीक मिलने से उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ेगी, उत्पादन लागत कम होगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता भी विकसित होगी।
मधुमक्खी पालन को मिलेगा नया प्रोत्साहन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से 2,350 बी-बॉक्स भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन आज कृषि से जुड़ा एक ऐसा व्यवसाय बन चुका है, जिससे कम लागत में अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फसलों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे कृषि उत्पादन बढ़ता है और किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलता है।
सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण युवाओं और किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसे वैकल्पिक व्यवसायों से भी जोड़ा जाए, जिनसे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हों।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 504 करोड़ रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने वाले युवाओं तथा पारंपरिक कारीगरों को 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को आर्थिक सहयोग देना है जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
सरकार की इस सहायता से हजारों नए उद्योग स्थापित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहयोग केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि मेहनत करने वाले लोगों के सपनों पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है।
खादी कारोबार में कई गुना बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने देश में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
| वर्ष | कुल कारोबार |
|---|---|
| 2013-14 | लगभग 31 हजार करोड़ रुपये |
| वर्तमान | लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपये |
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि देश में स्वदेशी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने भी खादी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महिला सशक्तिकरण में खादी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत कारीगर महिलाएं हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।
राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इन समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
हरियाणा में हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा में खादी एवं ग्रामोद्योग की 96 सक्रिय संस्थाओं के माध्यम से लगभग 58,796 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
इसके अतिरिक्त ग्रामोद्योग विकास योजना के माध्यम से 1.27 लाख से अधिक लोग विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार की कोशिश है कि हर जिले और हर ब्लॉक में स्थानीय संसाधनों के आधार पर छोटे उद्योग विकसित किए जाएं ताकि लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके।
पानीपत में बनेगा राष्ट्रीय स्तर का हैंडलूम प्रशिक्षण संस्थान
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि पानीपत में 10 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय स्तर का आधुनिक हैंडलूम प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा।
यह संस्थान युवाओं को आधुनिक बुनाई तकनीक, डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, मार्केटिंग और उद्यमिता का प्रशिक्षण देगा। इससे हरियाणा का हैंडलूम उद्योग और अधिक प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
हर ब्लॉक में आधुनिक ग्राम हाट की योजना
ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार हर ब्लॉक में आधुनिक ग्राम हाट स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
इन ग्राम हाटों के माध्यम से स्थानीय कारीगर, किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और छोटे उद्यमी सीधे उपभोक्ताओं तक अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
20 हजार युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 20 हजार ग्रामीण युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की योजना पर कार्य कर रही है।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यवसाय शुरू करने, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ग्राहक प्रबंधन जैसी आधुनिक जानकारियां भी दी जाएंगी।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का संतुलित विकास तभी संभव है जब गांव आर्थिक रूप से मजबूत हों। इसलिए सरकार कृषि के साथ-साथ ग्रामीण उद्योग, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग और सेवा आधारित व्यवसायों को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक गांव को कौशल विकास, स्वरोजगार और लघु उद्योगों से जोड़कर एक मजबूत ग्रामीण आर्थिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास होगा।
युवाओं से नवाचार और डिजिटल मार्केटिंग अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं से आह्वान किया कि वे खादी और ग्रामोद्योग को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल उत्पादन करना पर्याप्त नहीं है। यदि उत्पादों की अच्छी डिजाइनिंग, आकर्षक पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की जाए तो ग्रामीण उत्पाद भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि उनके पास नया विचार, मेहनत और सीखने की इच्छा है तो सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है।
महाराणा प्रताप को किया नमन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे देशभक्ति, आत्मसम्मान और सेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाएं।
खादी और स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब लोग स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खरीद करेंगे तो इससे छोटे उद्योगों, कारीगरों और ग्रामीण परिवारों की आय सीधे बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देगा और देश के कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों का समर्थन करेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां, युवाओं की ऊर्जा, महिलाओं की भागीदारी और ग्रामीण समाज की मेहनत मिलकर हरियाणा को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएंगी। आने वाले वर्षों में खादी, ग्रामोद्योग और स्वरोजगार आधारित योजनाएं राज्य के हजारों परिवारों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएंगी और ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करेंगी।


