हरियाणा में विमानन क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल एरोड्रोम में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के एविएशन सेक्टर को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हिसार एयरपोर्ट को केवल एक क्षेत्रीय हवाई अड्डे तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तर भारत के महत्वपूर्ण विमानन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिसार एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है और वर्ष 2027 के अंत तक यहां यात्री सुविधाओं से लेकर विमान रखरखाव सेवाओं तक आधुनिक ढांचा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
भिवानी एरोड्रोम में विकसित हुई नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने भिवानी के चौधरी बंसीलाल एरोड्रोम में लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें आधुनिक हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन, सुरक्षा चौकी तथा कैंटीन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इन सुविधाओं के शुरू होने से एरोड्रोम की संचालन क्षमता में वृद्धि होगी और यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पायलटों तथा विमानन गतिविधियों को बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध हो सकेगी। राज्य सरकार का मानना है कि विमानन प्रशिक्षण और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हरियाणा को नई पहचान दिलाने में यह निवेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हिसार एयरपोर्ट को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हिसार एयरपोर्ट का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि यहां आधुनिक पैसेंजर टर्मिनल और कार्गो टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि एयर कार्गो सुविधाएं उपलब्ध होने से कृषि, उद्योग और व्यापार क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हरियाणा के उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों तक तेज़ी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
एमआरओ हब के रूप में विकसित होगा एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हिसार एयरपोर्ट को एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) हब के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई गई है। विमानन उद्योग में एमआरओ सुविधाओं का विशेष महत्व होता है क्योंकि यहां विमानों की तकनीकी जांच, मरम्मत, रखरखाव और संचालन योग्य बनाने का कार्य किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस सुविधा के विकसित होने से हरियाणा विमानन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे न केवल तकनीकी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि निजी और वाणिज्यिक विमानन कंपनियों को भी लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हिसार में आधुनिक एमआरओ केंद्र स्थापित होता है, तो यह उत्तर भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
जल्द बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिसार एयरपोर्ट से संचालित होने वाली हवाई सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में जिन शहरों को जोड़ने की योजना बनाई गई है, उनमें चंडीगढ़ और जयपुर के अलावा जम्मू, अहमदाबाद और दिल्ली भी शामिल हैं।
इन नए रूट्स के शुरू होने से यात्रियों को सीधी हवाई सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी। इसके साथ ही व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के लोगों को बेहतर और सुलभ हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें अन्य राज्यों तक पहुंचने के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
हरियाणा में बढ़ रही विमानन गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में विमानन क्षेत्र को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। प्रशिक्षण, आधारभूत ढांचे और एयर कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में हरियाणा को विमानन प्रशिक्षण और एयरक्राफ्ट सर्विसिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक संसाधन और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पायलट प्रशिक्षण में भिवानी की बढ़ती पहचान
भिवानी स्थित एरोड्रोम धीरे-धीरे पायलट प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन प्रशिक्षु पायलटों को बधाई दी जिन्होंने 120 घंटे की फ्लाइट ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की है।
उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवा राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। प्रशिक्षित पायलट देश और विदेश में अपनी सेवाएं देकर हरियाणा का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विमानन क्षेत्र में रोजगार और करियर की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इस दिशा में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
हिसार एयरपोर्ट के विस्तार और एमआरओ हब के विकास से युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर पैदा होने की संभावना है। विमान रखरखाव, तकनीकी सेवाएं, ग्राउंड हैंडलिंग, एयर ट्रैफिक संचालन, सुरक्षा सेवाएं और कार्गो प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता बढ़ेगी।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा लाभ
बेहतर हवाई कनेक्टिविटी का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। जम्मू, अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क स्थापित होने पर निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में भी वृद्धि हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय हवाई अड्डों का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देता है। इससे छोटे शहर भी राष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनते हैं।
क्षेत्रीय विकास का नया केंद्र बनने की तैयारी
राज्य सरकार की योजना हिसार और भिवानी क्षेत्र को विमानन गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की है। एयरपोर्ट, प्रशिक्षण संस्थान, तकनीकी सेवाएं और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का एकीकृत विकास इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार परियोजनाएं पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत के विमानन मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है।
आधुनिक हरियाणा की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परिवहन, आधारभूत ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि हिसार एयरपोर्ट और भिवानी एरोड्रोम से जुड़ी परियोजनाएं प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
हवाई सेवाओं के विस्तार और आधुनिक विमानन ढांचे के निर्माण के साथ हरियाणा अब देश के उन राज्यों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है जहां क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी और विमानन उद्योग विकास का महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। आने वाले वर्षों में हिसार एयरपोर्ट की भूमिका इसी परिवर्तन की सबसे बड़ी पहचान बन सकती है।

