आय सीमा बढ़ने से करीब 13.50 लाख नई महिलाएं दायरे में आएंगी, 23.50 लाख तक पहुंच सकती है लाभार्थियों की संख्या; 25 सितंबर से नए लाभार्थियों को मिल सकता है लाभ
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब ऐसे परिवारों की पात्र महिलाओं को भी योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। पहले यह सीमा एक लाख रुपये वार्षिक थी।
आय सीमा में 80 हजार रुपये की बढ़ोतरी किए जाने से योजना के लाभार्थियों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की संभावना है। सरकार के अनुसार अब करीब 23.50 लाख महिलाएं योजना के दायरे में आ सकती हैं। इनमें बड़ी संख्या उन महिलाओं की होगी जो पहले आय सीमा अधिक होने के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रही थीं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ में योजना के विस्तारित दायरे के लिए आवेदन पोर्टल की शुरुआत की। पात्र महिलाएं अब इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। सरकार की योजना 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नए लाभार्थियों को योजना का लाभ देना शुरू करने की है। इससे पहले आवेदन, दस्तावेजों की जांच और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आय सीमा बढ़ने से लाखों महिलाओं को मिलेगा अवसर
योजना की पात्रता के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा पहले एक लाख रुपये थी। इस सीमा के तहत प्रदेश की करीब 10 लाख महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की सहायता मिल रही थी। अब सरकार ने आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये वार्षिक कर दी है।
सरकार के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1.80 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों में कुल 17 लाख 13 हजार 447 महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं ऐसी हैं जो पहले से किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रही हैं।
इस गणना के आधार पर करीब 13.50 लाख नई महिलाओं के लिए लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ पाने का रास्ता साफ हुआ है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये मिलेंगे। यानी एक महिला को एक साल में कुल 25,200 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
इस विस्तार के बाद योजना को प्रदेश में महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल किया जा रहा है।
आवेदन के लिए पोर्टल शुरू
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ में योजना की आय सीमा बढ़ाने के साथ नए लाभार्थियों के आवेदन के लिए पोर्टल की शुरुआत की है। अब पात्र महिलाएं ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन के बाद पात्रता से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। सरकार की ओर से यह प्रक्रिया नए लाभार्थियों को योजना में शामिल करने से पहले पूरी की जाएगी। 25 सितंबर तक पात्रता जांच और आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार की योजना है कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नए दायरे में शामिल होने वाली महिलाओं को योजना की सहायता राशि मिलनी शुरू हो। हालांकि इसके लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया का समय पर पूरा होना जरूरी होगा।
सालाना 25,200 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता
लाडो लक्ष्मी योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 2100 रुपये मासिक दिए जाते हैं। इस हिसाब से सालभर में एक महिला को 25,200 रुपये की सहायता प्राप्त होगी।
आय सीमा बढ़ने से अब यह सहायता उन परिवारों तक भी पहुंचेगी जिनकी वार्षिक आय पहले निर्धारित एक लाख रुपये की सीमा से अधिक थी, लेकिन अब 1.80 लाख रुपये तक है।
सरकार की योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। मासिक राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचने से महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध होने की संभावना बढ़ती है।
नई पात्रता सीमा के बाद योजना का वित्तीय दायरा भी बढ़ेगा। लाभार्थियों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए सरकार ने बजट में भी इसके लिए बड़ी राशि निर्धारित की है।
बजट में 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान
हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना शुरू किए जाने के समय पहले बजट में इसके लिए 5000 करोड़ रुपये रखे गए थे।
इस तरह एक साल के भीतर योजना के लिए बजटीय प्रावधान में 1500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लाभार्थियों की संख्या बढ़ाए जाने के साथ सरकार ने इसके लिए वित्तीय संसाधन भी बढ़ाए हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में सामाजिक कल्याण एवं पोषण क्षेत्र के लिए कुल 20,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें अकेले लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इससे स्पष्ट है कि योजना राज्य के सामाजिक कल्याण बजट में एक महत्वपूर्ण हिस्सा रखती है। आय सीमा बढ़ने के बाद आने वाले समय में इस मद में वास्तविक खर्च लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की गति पर निर्भर करेगा।
दस किस्तों में 2042 करोड़ रुपये का भुगतान
परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के अनुसार 10 अगस्त 2026 तक लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 9.98 लाख के करीब महिलाओं को दस किस्तों में 2,042.31 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी थी।
उस समय सरकार ने योजना की पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने और वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी थी। अब मुख्यमंत्री की ओर से विस्तारित पात्रता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डॉ. सतीश खोला ने कहा कि सरकार की ओर से किए गए निर्णयों को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं, उसे हर हाल में पूरा करते हैं।
करीब 23.50 लाख तक पहुंच सकता है लाभार्थियों का आंकड़ा
योजना के शुरुआती चरण में करीब 10 लाख महिलाएं इसका लाभ ले रही थीं। अब आय सीमा बढ़ने और नई पात्र महिलाओं को शामिल किए जाने के बाद लाभार्थियों की संख्या करीब 23.50 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
हालांकि नई महिलाओं को योजना में शामिल करने के लिए आवेदन और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद वास्तविक लाभार्थियों की संख्या स्पष्ट होगी।
सरकार की ओर से पात्रता दायरा बढ़ाए जाने का सबसे बड़ा प्रभाव उन परिवारों पर पड़ेगा जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक लेकिन 1.80 लाख रुपये तक है। इन परिवारों की पात्र महिलाओं को अब योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
अन्य राज्यों की महिला सहायता योजनाओं से तुलना
महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के मामले में अलग-अलग राज्यों में विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। हरियाणा की दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मासिक सहायता का प्रावधान है।
पड़ोसी पंजाब में मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
हिमाचल प्रदेश में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता दी जाती है। वहीं कर्नाटक में गृह लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
इनके अलावा विवाह सहायता से जुड़ी योजनाएं भी विभिन्न राज्यों में संचालित हैं। हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 31 हजार रुपये की विवाह सहायता का प्रावधान है। हरियाणा की मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में पात्रता श्रेणी के अनुसार 31 हजार से 71 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है।
इन योजनाओं की पात्रता, शर्तें और भुगतान की व्यवस्था अलग-अलग है, इसलिए केवल राशि के आधार पर इनकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती। हर योजना का दायरा संबंधित राज्य के नियमों और बजटीय प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होता है।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में विस्तार का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना है। सरकार के अनुसार मासिक सहायता से महिलाओं को अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक खर्चों के लिए कुछ हद तक आर्थिक स्वतंत्रता मिल सकती है।
आय सीमा बढ़ाए जाने से योजना अब अपेक्षाकृत अधिक संख्या में परिवारों तक पहुंचेगी। पहले एक लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों तक सीमित योजना अब 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की पात्र महिलाओं के लिए खुल गई है।
नई महिलाओं को योजना में शामिल करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब पात्रता सत्यापन के बाद यह तय होगा कि कितनी महिलाओं को वास्तविक रूप से सहायता के लिए स्वीकृत किया जाता है।
25 सितंबर पर निगाह
सरकार की ओर से 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नए लाभार्थियों को योजना का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अगले कुछ दिनों में आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर रहेगा।
नए पात्र महिलाओं के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चरण आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन होगा। इसके बाद स्वीकृत लाभार्थियों को 2100 रुपये की मासिक सहायता मिलना शुरू होगा।
आय सीमा बढ़ाने के साथ योजना का वित्तीय आकार भी बढ़ा है। 6500 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान और संभावित 23.50 लाख लाभार्थियों के साथ सरकार के सामने समय पर सत्यापन, पात्र महिलाओं की पहचान और नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की चुनौती भी रहेगी।
फिलहाल सरकार ने पात्रता का दायरा बढ़ाकर उन लाखों महिलाओं को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो पहले आय सीमा के कारण इसके लाभ से बाहर थीं। अब आवेदन पोर्टल के माध्यम से इन महिलाओं को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।




