हरियाणा: IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले को लेकर विधानसभा में हंगामा, CM सैनी बोले- एक-एक पैसा आएगा वापस

हरियाणा: IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले को लेकर विधानसभा में हंगामा, CM सैनी बोले- एक-एक पैसा आएगा वापस

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित घोटाले का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगा और इसे गंभीर वित्तीय मामला बताया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में आरोप लगाया कि IDFC फर्स्ट बैंक में करीब 590 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसकी पूरी जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी है।

विपक्ष के सवालों के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकारी धन पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने जहां तत्काल कार्रवाई की मांग की, वहीं सरकार ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने उठाया मामला

हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े मामले को उठाते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है और सरकार को इस पर तुरंत जवाब देना चाहिए।

उन्होंने सदन में कहा कि अगर सरकारी विभागों से जुड़ा इतना बड़ा वित्तीय मामला सामने आया है, तो इसकी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

हुड्डा ने कहा कि ऐसे मामलों में देरी से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में दिया जवाब

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार अलग-अलग बैंकों में अपना पैसा रखती है। जिस बैंक से जुड़ा यह मामला सामने आया है, वहां चार विभागों के खाते मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार को इस मामले की जानकारी मिली, तुरंत कदम उठाए गए। संबंधित बैंक से सरकारी धन को राष्ट्रीयकृत बैंक में ट्रांसफर कर दिया गया ताकि किसी भी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सीएम ने कहा- एक-एक पैसा वापस आएगा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में स्पष्ट कहा कि सरकार का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और एक-एक पैसा वापस आएगा।

उन्होंने बताया कि IDFC फर्स्ट बैंक की ओर से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को भी इस मामले में जानकारी दी गई है। बैंक की ओर से शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों की ओर से गड़बड़ी की गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में बैंक की ओर से करीब 450 फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार इस पूरे मामले की जांच करवा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि मामले में चाहे कोई सरकारी अधिकारी शामिल हो या बैंक से जुड़ा कोई व्यक्ति, किसी को भी बचाया नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार के पास मामले से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और जांच के दौरान सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

सीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकारी धन की सुरक्षा और दोषियों को सामने लाना है।

एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस कर रही जांच

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस विभाग को भी लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार को करीब चार से पांच दिन पहले इस मामले की जानकारी मिली थी और उसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

इसके अलावा संबंधित एजेंसियों के साथ भी संपर्क किया जा रहा है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

SEBI को भी दी गई जानकारी

मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि इस मामले को लेकर SEBI को भी पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय मामलों से जुड़े मामलों में सभी संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय जरूरी होता है।

सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और सभी जरूरी तथ्यों को सामने लाया जाए।

जवाब के बाद सदन में फिर हुई बहस

मुख्यमंत्री के जवाब के बाद भी विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी रही। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार को यह जानकारी है कि इस मामले में कौन जिम्मेदार है, इसलिए तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ जल्द कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार के पास पूरा रिकॉर्ड मौजूद है और जांच के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में समय लगता है, लेकिन जो भी दोषी मिलेगा, उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

सरकार ने दी वित्तीय सुरक्षा की गारंटी

IDFC फर्स्ट बैंक मामले पर मुख्यमंत्री ने बार-बार दोहराया कि सरकारी धन को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने समय रहते जरूरी कदम उठाए हैं और धन की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही जांच एजेंसियों को मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पूरे मामले को लेकर अब जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने सरकारी वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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