हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (फेज-4) के तहत संचालित होने वाली बसों में स्कूली विद्यार्थियों, उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों और महिलाओं को विशेष रियायतें देने का फैसला किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिलाओं को सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को योजना के तहत शामिल बसों में पूरी तरह निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, 10+2 से ऊपर की कक्षाओं, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए मात्र 5 रुपये का डे-पास उपलब्ध कराया जाएगा। इस पास के जरिए छात्र-छात्राएं पूरे दिन संबंधित बसों में असीमित यात्रा कर सकेंगे।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह डे-पास केवल उसी दिन के लिए मान्य होगा जिस दिन इसे जारी किया जाएगा। इसके अलावा रविवार और अन्य राजपत्रित अवकाशों पर इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को अपना वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा, ताकि पात्रता का सत्यापन किया जा सके।
1000 नई बसों में मिलेगी सुविधा
सरकार द्वारा दी जा रही यह विशेष रियायत केवल राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (फेज-4) के तहत खरीदी जाने वाली 1000 नई बसों में ही लागू होगी। सरकार का मानना है कि इन बसों के संचालन से एक ओर प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को बेहतर और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
महिलाओं को आधे किराये में यात्रा
नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को प्रत्येक यात्रा पर 50 प्रतिशत किराया छूट भी दी जाएगी। इससे महिलाओं का यात्रा खर्च कम होगा और उन्हें दैनिक आवागमन में आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच को आसान बनाना और उन्हें सुरक्षित व किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराना है।
डिजिटल व्यवस्था के लिए जारी होगा हिमबस कार्ड
योजना के सफल संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ‘हिमबस कार्ड’ जारी करेगी। यह कार्ड पात्र विद्यार्थियों और महिलाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। बसों में आरएफआईडी (RFID) आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिसके माध्यम से रियायती और निशुल्क यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस तकनीक के उपयोग से फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी, लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचेगा और टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं आसान बनेगी।
शिक्षा तक पहुंच होगी आसान
सरकार का मानना है कि परिवहन खर्च कई बार विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा बन जाता है, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों के लिए। मुफ्त यात्रा और कम लागत वाले डे-पास की सुविधा से छात्रों का आर्थिक बोझ घटेगा और वे बिना अतिरिक्त खर्च की चिंता के स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सकेंगे।
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी है। योजना के तहत पात्र युवाओं को बस खरीदने और उसका संचालन करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए सरकार सब्सिडी भी उपलब्ध कराएगी, जिससे परिवहन क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
आवेदन के लिए पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का बोनाफाइड निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। इसके अलावा उसके पास कम से कम तीन वर्ष पुराना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
सरकार ने यह भी तय किया है कि रोजगार कार्यालय में पंजीकृत युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन पारिवारिक वार्षिक आय के आधार पर किया जाएगा। यदि दो या अधिक आवेदकों की आय समान होती है, तो चयन ड्रा ऑफ लॉट्स के माध्यम से किया जाएगा।
इन शर्तों का पालन भी जरूरी
योजना के तहत आवेदन करने वाले व्यक्ति का किसी बैंक या सरकारी विभाग का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) द्वारा आयोजित ड्राइविंग टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।
योजना के अंतर्गत शामिल बस में कम से कम 32 सीटों की क्षमता होना आवश्यक है। वाहन खरीदने के लिए लाभार्थी को कुल कीमत का 10 प्रतिशत अंशदान स्वयं देना होगा।
इलेक्ट्रिक बसों पर अधिक सब्सिडी
सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी है। योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जबकि डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इससे स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं को आधुनिक परिवहन व्यवसाय अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार की दोहरी पहल
राज्य सरकार का यह निर्णय एक साथ कई उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में माना जा रहा है। एक ओर छात्रों और महिलाओं को सस्ती एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। डिजिटल टिकटिंग, हिमबस कार्ड और आधुनिक बसों के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जनहितकारी बनाने की भी कोशिश की जा रही है। योजना के तहत शुरू होने वाली नई बसों के संचालन के बाद प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों, महिलाओं और युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।



