मोहाली में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट का आज (रविवार) अंतिम दिन है। तीन दिवसीय इस निवेश सम्मेलन के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत देश-विदेश की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति और निवेशक शामिल होंगे। अंतिम दिन कई बड़े निवेश समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि समिट के आखिरी दिन होने वाले समझौतों के बाद पंजाब में उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी। पिछले दो दिनों के दौरान भी विभिन्न क्षेत्रों से बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जबकि अंतिम आंकड़ों की घोषणा समापन सत्र के बाद की जाएगी।
निवेशकों को आकर्षित करने पर सरकार का फोकस
प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट का उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना, नई औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। सम्मेलन में मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, स्टील, टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, डिफेंस, कृषि, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई क्षेत्रों की कंपनियां भाग ले रही हैं।
सरकार का कहना है कि पंजाब अपनी बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।
आज कई बड़े MoU पर लग सकती है मुहर
समिट के अंतिम दिन कई घरेलू और विदेशी कंपनियों के साथ निवेश संबंधी समझौते होने की संभावना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान समापन कार्यक्रम में भाग लेंगे और राज्य सरकार की औद्योगिक नीति, भविष्य की योजनाओं तथा निवेश से जुड़े रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा विभिन्न सेक्टरों के उद्योगपति, निवेशक और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि भी अपने अनुभव साझा करेंगे। समापन सत्र में सरकार अब तक प्राप्त निवेश प्रस्तावों और हस्ताक्षरित समझौतों का विस्तृत ब्यौरा भी साझा कर सकती है।
प्रदर्शनी में दिखे आधुनिक उत्पाद और नई तकनीक
समिट के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में पंजाब और देश के विभिन्न राज्यों की कंपनियों ने अपने उत्पादों और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन किया। यहां इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, आधुनिक कृषि उपकरण, रक्षा क्षेत्र से जुड़े उत्पाद, औद्योगिक मशीनरी और अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।
इन प्रदर्शनों का उद्देश्य निवेशकों को पंजाब में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं से परिचित कराना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देना था। कई स्टार्टअप और एमएसएमई इकाइयों ने भी अपने नवाचारों को प्रदर्शित किया।
पहले दिन क्या-क्या हुआ?
समिट के पहले दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, प्रशिक्षित मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि उद्योगों पर कोई नया कर लगाने की योजना नहीं है और सरकार कारोबार को आसान बनाने के लिए आवश्यक सुधार जारी रखेगी।
अरविंद केजरीवाल ने भी उद्योगपतियों को पूर्ण सरकारी सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए राज्यों में निवेश बढ़ाना जरूरी है और पंजाब इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने “मेक इन इंडिया” अभियान को मजबूत करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
पहले दिन मिले बड़े निवेश प्रस्ताव
समिट के उद्घाटन दिवस पर कई बड़ी औद्योगिक कंपनियों ने पंजाब में विस्तार और नए प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू, हीरो, आर्सेलर मित्तल, ट्राइडेंट सहित कई प्रमुख उद्योग समूहों ने राज्य में निवेश की योजनाएं साझा कीं।
सरकार के अनुसार पहले दिन ही 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों के जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई फैक्ट्रियां स्थापित करने और रोजगार के अवसर सृजित करने की संभावनाएं जताई गईं।
दूसरे दिन इन सेक्टरों पर रहा विशेष फोकस
समिट के दूसरे दिन एयरोस्पेस, डिफेंस, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई। विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने पंजाब में इन क्षेत्रों के विकास की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
इसी दौरान यूनाइटेड किंगडम की कंपनी 3 एसोसिएट्स ने पंजाब में लगभग 1,407 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। इसके अलावा कई अन्य कंपनियों ने भी राज्य में निवेश करने में रुचि दिखाई।
दूसरे दिन आयोजित बिजनेस सेशनों में वैश्विक साझेदारी, निर्यात, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास से जुड़े कई विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। निवेशकों ने राज्य की औद्योगिक नीतियों और प्रशासनिक सुधारों की सराहना भी की।
₹1.25 लाख करोड़ तक के संभावित निवेश की चर्चा
समिट के दौरान विभिन्न कंपनियों की ओर से मिले प्रस्तावों को मिलाकर लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये तक के संभावित निवेश की चर्चा सामने आई है। हालांकि यह सभी प्रस्ताव अंतिम निवेश में कब और कितनी मात्रा में बदलेंगे, इसका आधिकारिक विवरण समापन समारोह के बाद ही स्पष्ट होगा।
सरकार का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं तो राज्य में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
समापन के बाद सामने आएंगे अंतिम आंकड़े
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निवेश सम्मेलन के दौरान हुए कुल निवेश और हस्ताक्षरित समझौतों की अंतिम जानकारी समापन दिवस पर साझा की जाएगी। ऐसे में आज के कार्यक्रम पर उद्योग जगत और निवेशकों की विशेष नजर बनी हुई है।
समापन समारोह के दौरान यह भी स्पष्ट होगा कि कितने निवेश प्रस्तावों पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर हुए, किन क्षेत्रों में सबसे अधिक निवेश मिला और आने वाले समय में पंजाब में कौन-कौन से बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इससे राज्य की औद्योगिक विकास रणनीति और भविष्य की निवेश योजनाओं की दिशा भी तय होने की संभावना है।




