पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अचानक विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्ट में उन्होंने अमेरिका से ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई की तय समयसीमा को दो हफ्तों तक टालने की अपील की थी। लेकिन मामला तब गरमा गया जब पोस्ट के शुरुआती वर्जन में ‘ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज’ लिखा हुआ दिखाई दिया।
दरअसल, यह पोस्ट कुछ ही देर बाद एडिट कर दिया गया और ‘ड्राफ्ट’ शब्द हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई यूजर्स इसके स्क्रीनशॉट ले चुके थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गईं। कुछ लोगों का मानना है कि यह मैसेज गलती से ड्राफ्ट फॉर्म में ही पोस्ट हो गया, जबकि कई यूजर्स ने इसे बड़ी लापरवाही करार दिया। वहीं, कुछ ने तो यह तक दावा कर दिया कि यह संदेश पाकिस्तान में नहीं बल्कि बाहर संभवतः अमेरिका या इजराइल में तैयार किया गया होगा।
इस बीच, Ryan Grim ने Forbes से बातचीत में कहा कि मैसेज की भाषा से लगता है कि इसे खुद प्रधानमंत्री या उनकी टीम ने नहीं लिखा होगा। उनका तर्क था कि कोई भी अपनी ही पहचान के लिए ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता। पोस्ट में Donald Trump से यह अपील की गई थी कि ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को दो हफ्तों के लिए टाल दिया जाए ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके। साथ ही पाकिस्तान ने ईरान से भी होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी तौर पर खोलने की अपील की थी, ताकि क्षेत्र में तनाव कम किया जा सके।
शहबाज शरीफ ने सभी पक्षों से यह भी आग्रह किया कि वे दो हफ्तों के लिए युद्ध रोक दें, जिससे शांति वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके और लंबे समय के लिए स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वह इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहता है और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, इस पूरे विवाद पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं, कुछ इसे विदेशी दबाव का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक तकनीकी गलती मान रहे हैं।




