फरीदकोट नगर चुनाव: SDM की शिकायत के बाद बंटी रोमाणा पर केस दर्ज, अकाली दल भड़का

फरीदकोट नगर चुनाव: SDM की शिकायत के बाद बंटी रोमाणा पर केस दर्ज, अकाली दल भड़का

फरीदकोट नगर काउंसिल चुनावों के बीच सियासी हलचल तेज, बंटी रोमाणा पर केस के बाद बढ़ा विवाद

नगर काउंसिल चुनावों के बीच पंजाब के फरीदकोट में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान पैदा हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

यह मामला नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के दौरान हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने यह केस रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत के आधार पर थाना सिटी फरीदकोट में दर्ज किया है। प्रशासन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है, जबकि अकाली दल इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है।

मामले के सामने आने के बाद फरीदकोट में चुनावी गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। विपक्षी दलों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, वहीं अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट को गंभीरता से ले रहे हैं।

नामांकन पत्रों की जांच के दौरान हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, नगर काउंसिल चुनावों के लिए नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को की जा रही थी। इस दौरान उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने और कुछ विभागीय रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच प्रक्रिया में देरी हो रही थी।

इसी बीच आरोप है कि परमबंस सिंह बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शिकायत में कहा गया है कि कार्यालय में बहस होने के कारण सरकारी कार्य प्रभावित हुआ।

प्रशासन की शिकायत के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को निर्धारित नियमों के तहत काम करना होता है और किसी भी प्रकार का दबाव या व्यवधान पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।

बंटी रोमाणा के खिलाफ दर्ज मामले पर अकाली दल का विरोध

मामला दर्ज होने के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है। अकाली दल ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल के बीच विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान करने की कोशिश की जा रही है।

अकाली दल की ओर से कहा गया कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखती है और चुनाव से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाती रही है। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक यही कहा गया है कि पुलिस कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई है। चुनावी प्रक्रिया में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर अकाली दल ने किया प्रदर्शन, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

फरीदकोट में राजनीतिक विवाद केवल बंटी रोमाणा के खिलाफ दर्ज मामले तक सीमित नहीं है। अकाली दल के जिला प्रधान सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है।

सतीश ग्रोवर की रिहाई की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में थाना सिटी फरीदकोट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

अकाली दल का आरोप है कि प्रशासन ने पहले रिहाई को लेकर भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में अपने रुख में बदलाव कर दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार है।

अकाली दल ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

अकाली दल नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान प्रशासन को सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। पार्टी का कहना है कि यदि किसी नेता या कार्यकर्ता पर कार्रवाई की जाती है तो उसके पीछे स्पष्ट कारण और निष्पक्ष प्रक्रिया होनी चाहिए।

पार्टी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में विपक्षी आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अलग-अलग स्तर पर सामने आ सकती है।

राजनीतिक दलों और प्रशासन के बीच बढ़ते विवाद के कारण फरीदकोट नगर काउंसिल चुनावों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। चुनावी प्रक्रिया के साथ-साथ कानून व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Punjab and Haryana High Court जाने की तैयारी

अकाली दल ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को कानूनी स्तर पर चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार, वे जल्द ही Punjab and Haryana High Court का रुख कर सकते हैं।

पार्टी का कहना है कि यदि उन्हें लगता है कि किसी कार्यकर्ता या नेता के साथ अन्याय हुआ है तो वह न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेगी। हाईकोर्ट में जाने का फैसला मामले के कानूनी पहलुओं और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।

कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति में मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। अदालत के सामने प्रशासनिक कार्रवाई, पुलिस रिपोर्ट और अन्य तथ्यों की समीक्षा हो सकती है।

नगर काउंसिल चुनावों पर पड़ रहा राजनीतिक विवाद का असर

फरीदकोट नगर काउंसिल चुनावों के बीच सामने आया यह विवाद अब स्थानीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। चुनावों के दौरान नामांकन प्रक्रिया, उम्मीदवारों की जांच और प्रशासनिक फैसले हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया तय होती है।

विपक्षी दल जहां प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन चुनावी नियमों के पालन को अपनी प्राथमिकता बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

फिलहाल फरीदकोट में नगर काउंसिल चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। बंटी रोमाणा पर दर्ज केस, सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी और अकाली दल के विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय चुनावी माहौल को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।