हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोलन में पहुंची नई इलेक्ट्रिक बसों का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण हितैषी परिवहन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक और नई डीजल बसें शामिल की जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होने वाली नई इलेक्ट्रिक बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन बसों में आरामदायक सीटिंग व्यवस्था, पर्याप्त लगेज स्पेस और बेहतर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बसों का डिजाइन हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और घुमावदार मार्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। प्रमुख बस अड्डों और चयनित स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लंबी दूरी के संचालन में भी सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना केवल परिवहन सुधार का हिस्सा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने जानकारी दी कि नई बसों का रूट ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। तकनीकी जांच और प्री-डिलीवरी निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वाहनों को प्रदेश के विभिन्न परिवहन डिपुओं में भेजा जाएगा। इसके बाद यात्रियों को इन आधुनिक बसों की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्वयं नई इलेक्ट्रिक बस में यात्रा कर इसकी सुविधाओं का अनुभव लिया। उन्होंने अधिकारियों से बसों के संचालन, तकनीकी क्षमता और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली। इस दौरान परिवहन विभाग और एचआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने नगर निगम सोलन चुनाव परिणामों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपेक्षित सफलता न मिलने के पीछे संगठनात्मक एकजुटता की कमी प्रमुख कारण रही। उनके अनुसार लंबे समय से चली आ रही आंतरिक गुटबाजी का असर चुनाव परिणामों पर देखने को मिला। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को मिले जनसमर्थन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और कई वार्डों में जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा।
उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि नगर निगम में चाहे किसी भी दल का नेतृत्व हो, प्रदेश सरकार विकास कार्यों में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि जनता के हित सर्वोपरि हैं और सरकार सभी शहरी निकायों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी तथा स्थानीय गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सरकार को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से प्रदेश में परिवहन व्यवस्था अधिक सुलभ, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।



