“ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत के संकेत, वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा”

“ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत के संकेत, वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा”

पंजाब सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और ठेका मुलाजिमों से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक कर उनकी मांगों और समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान कर्मचारी यूनियनों ने नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक मुद्दों से जुड़ी मांगें सरकार के समक्ष रखीं। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसी सोच के तहत विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की समस्याओं का चरणबद्ध समाधान किया जा रहा है।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकार पहले ही ठेका कर्मचारियों को नियमित करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित सेवा ढांचे में लाने के संबंध में अपनी नीति स्पष्ट कर चुकी है। इस दिशा में विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और संबंधित विभागों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को लंबे समय तक अनिश्चितता में नहीं रखा जाएगा और सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जाए तथा जिन मांगों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर संभव है, उन्हें बिना अनावश्यक देरी के लागू किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के पक्ष में है ताकि समस्याओं का समाधान टकराव के बजाय बातचीत के माध्यम से किया जा सके।

बैठक में विशेष रूप से गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष के रूप में चीमा ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत की। इनमें तकनीकी प्रशिक्षकों, सहायता प्राप्त स्कूलों के अध्यापकों एवं कर्मचारियों, आदर्श स्कूलों के शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ, ठेका कर्मचारियों तथा रोडवेज और पनबस से जुड़े कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

यूनियन नेताओं ने सरकार के समक्ष अपने विभागों से जुड़े कई लंबित मुद्दे रखे और अपेक्षा जताई कि सरकार इन मामलों में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी। इस पर वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों का तथ्यों और नियमों के आधार पर परीक्षण किया जाएगा तथा जो मांगें उचित और व्यावहारिक होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों को शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। कर्मचारियों के सहयोग के बिना जनहित योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू नहीं किया जा सकता। इसलिए सरकार उनकी कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने और सेवा संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

बैठक के अंत में कर्मचारी संगठनों ने अपनी बात विस्तार से रखने का अवसर देने के लिए सरकार का धन्यवाद किया, जबकि वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी संवाद का यह सिलसिला जारी रहेगा और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाती रहेगी।