होशियारपुर से सीएम मान का विजन 2030: रोजगार, महिला सशक्तिकरण और न्याय के दम पर ‘नया पंजाब’ बनाने का दावा

होशियारपुर से सीएम मान का विजन 2030: रोजगार, महिला सशक्तिकरण और न्याय के दम पर ‘नया पंजाब’ बनाने का दावा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर जिले के टांडा क्षेत्र स्थित गांव भट्टलां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान राज्य के विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, शिक्षा और धार्मिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब अतीत की राजनीतिक गलतियों और प्रशासनिक विफलताओं से बाहर निकलकर विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के पास प्राकृतिक संसाधनों, कृषि क्षमता और मेहनतकश लोगों की कोई कमी नहीं है, लेकिन पिछले कई दशकों में राज्य को ऐसी राजनीतिक सोच का सामना करना पड़ा जिसने जनता के हितों की बजाय निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी। अब उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को फिर से देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करना है।

पंजाब के विकास को नई दिशा देने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा ध्यान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार सृजन बढ़ाने और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल ऐसे माहौल की है जहां उन्हें अपने ही राज्य में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में सुधारों के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार कर रही है जिससे युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए विदेशों की ओर पलायन न करना पड़े।

मुख्यमंत्री के अनुसार पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी उसकी युवा शक्ति है और सरकार इस शक्ति को राज्य के विकास में भागीदार बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

बेअदबी मामलों में न्याय का भरोसा

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अतीत में हुई बेअदबी की घटनाओं ने पंजाब के सामाजिक और धार्मिक ताने-बाने को गहरा आघात पहुंचाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों और आस्थाओं का सम्मान पंजाब की संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए सरकार ने ऐसे मामलों के प्रति सख्त रुख अपनाया है।

सख्त कानून को बताया सुरक्षा कवच

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए राज्य सरकार ने कानूनी ढांचे को और मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि नए प्रावधान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि समाज में यह संदेश देना भी है कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विपक्ष पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दलों ने लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभाली, वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग अब राजनीतिक नारों और वादों से आगे बढ़कर वास्तविक काम देखना चाहते हैं। उनकी सरकार इसी सोच के साथ प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित को केंद्र में रखकर काम कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि आज राज्य में जो विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं, वे जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम हैं।

युवाओं को पंजाब में ही अवसर देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने युवाओं के विदेश पलायन के मुद्दे को गंभीर सामाजिक चुनौती बताते हुए कहा कि सरकार रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्षों से बड़ी संख्या में युवा बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जा रहे हैं, जिससे परिवारों और समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। अब सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार और बेहतर भविष्य मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन के साथ-साथ कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महिला कर्मचारियों के लिए अहम फैसला

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत देने वाली घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणी की महिला कर्मचारियों की तैनाती को उनके निवास स्थान के नजदीक सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारियों को उनके घर से निर्धारित दूरी के भीतर तैनाती देने की योजना बनाई जा रही है। इससे हजारों महिला कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को महिलाओं के प्रति अधिक संवेदनशील और व्यावहारिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

गांवों में बिजली व्यवस्था सुधारने की योजना

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए शुरू की गई नई परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली की हाई-टेंशन लाइनों को भूमिगत करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि इससे गांवों में सुरक्षा बढ़ेगी और खेतों, पशुओं तथा लोगों को होने वाले जोखिम कम होंगे। साथ ही खराब मौसम और अन्य कारणों से होने वाली बिजली बाधाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने इसे ग्रामीण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुफ्त बिजली और किसानों को राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की बिजली नीति का लाभ बड़ी संख्या में परिवारों तक पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती से जुड़े खर्चों में कमी आई है और डीजल पर निर्भरता घटी है।

मुख्यमंत्री के अनुसार यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि लागत कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

सिंचाई और जल संरक्षण पर फोकस

राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए हैं।

उन्होंने बताया कि नहरों, पाइपलाइनों और जल संरक्षण परियोजनाओं के माध्यम से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही भूजल स्तर में सुधार के लिए विशेष योजनाएं भी लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने के कारण पंजाब के लिए जल संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।

महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। आर्थिक सहायता कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की प्रगति के बिना राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।

स्वास्थ्य सेवाओं को बताया प्राथमिकता

स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से परिवारों को महंगे इलाज के वित्तीय बोझ से राहत मिल रही है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में शुरू की गई नई पहलें राज्य के लाखों परिवारों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं।

जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद कायम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूरे पंजाब को अपने परिवार की तरह मानते हैं और राज्य के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग और सरकार की नीतियों के माध्यम से पंजाब आने वाले वर्षों में विकास, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के नए मानक स्थापित करेगा।

लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की कई पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अनुदान भी वितरित किया गया। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।