गगल एयरपोर्ट के विस्तार को मिली रफ्तार, मांझी खड्ड पर बनेगा नया पुल; बड़े विमानों के संचालन की दिशा में अहम कदम

गगल एयरपोर्ट के विस्तार को मिली रफ्तार, मांझी खड्ड पर बनेगा नया पुल; बड़े विमानों के संचालन की दिशा में अहम कदम

हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी में है। रनवे के विस्तार के साथ-साथ एयरपोर्ट के पास बहने वाली मांझी खड्ड पर करीब 380 मीटर लंबे पुल के निर्माण की भी योजना बनाई गई है, जो परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

पुल निर्माण का कार्य शुरू करने से पहले शिमला से एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति स्थल का निरीक्षण करेगी। समिति की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य परियोजना को पूरी तरह सुरक्षित, तकनीकी मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय सीमा में पूरा करना है।

समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति पर चर्चा

पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में परियोजना की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान सचिव देवेश कुमार ने की, जिसमें एयरपोर्ट विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परियोजना के प्रत्येक चरण में तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। खासतौर पर मांझी खड्ड पर बनने वाले पुल को लेकर विस्तृत निरीक्षण और विशेषज्ञों की राय लेने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाए।

पहले होगा हाई लेवल निरीक्षण

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुल निर्माण जैसा महत्वपूर्ण कार्य बिना विस्तृत तकनीकी परीक्षण के शुरू नहीं किया जाएगा। इसके लिए शिमला से एक उच्चस्तरीय टीम को गगल भेजा जाएगा, जो मौके पर जाकर भौगोलिक परिस्थितियों, जल प्रवाह, संरचनात्मक आवश्यकताओं और निर्माण की व्यवहारिकता का अध्ययन करेगी।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुल के डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया और अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या पर्यावरणीय चुनौती से बचने में मदद मिलेगी।

मौजूदा रनवे की लंबाई सीमित

वर्तमान समय में गगल एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1,372 मीटर लंबा है। सीमित लंबाई के कारण यहां केवल छोटे टर्बोप्रॉप विमान, जैसे एटीआर-72, ही सीमित क्षमता के साथ उड़ान भर सकते हैं और उतर सकते हैं।

इसी वजह से बड़े यात्री विमानों का संचालन फिलहाल संभव नहीं है। इससे यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद एयरपोर्ट अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहा है।

दो चरणों में पूरा होगा विस्तार

राज्य सरकार ने रनवे विस्तार की पूरी परियोजना को दो अलग-अलग चरणों में विभाजित किया है, ताकि निर्माण कार्य व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।

पहले चरण में रनवे की लंबाई बढ़ाकर करीब 1,900 मीटर की जाएगी। इसके लिए लगभग 600 मीटर अतिरिक्त विस्तार किया जाएगा। इसी चरण में मांझी खड्ड पर प्रस्तावित 380 मीटर लंबे पुल का निर्माण भी किया जाएगा, जो विस्तारित रनवे को आवश्यक आधार उपलब्ध कराएगा।

दूसरे चरण में बनेगा तीन किलोमीटर लंबा रनवे

पहला चरण पूरा होने के बाद परियोजना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसमें रनवे की लंबाई 1,900 मीटर से बढ़ाकर लगभग 3,010 मीटर तक पहुंचाई जाएगी। यानी दूसरे चरण में करीब 1,110 मीटर अतिरिक्त विस्तार किया जाएगा।

करीब तीन किलोमीटर लंबे रनवे के निर्माण के बाद गगल एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में बड़ा बदलाव आएगा। इसके बाद यहां मध्यम श्रेणी के वाणिज्यिक जेट विमानों का संचालन संभव हो सकेगा।

बड़े विमानों के लिए खुलेगा रास्ता

रनवे का विस्तार पूरा होने के बाद एयरपोर्ट पर एयरबस ए-320 और बोइंग 737 जैसे कमर्शियल जेट विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो जाएगी। वर्तमान में इन विमानों के संचालन के लिए आवश्यक रनवे लंबाई उपलब्ध नहीं है।

बड़े विमानों के संचालन से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद और देश के अन्य प्रमुख शहरों के साथ सीधी हवाई सेवाओं की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और एयरलाइन कंपनियों के लिए भी नए रूट शुरू करना आसान होगा।

पर्यटन को मिलेगा नया प्रोत्साहन

कांगड़ा जिला हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। धर्मशाला, मैकलोडगंज, पालमपुर, बैजनाथ और कांगड़ा किला जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं।

एयरपोर्ट के विस्तार के बाद अधिक संख्या में उड़ानों का संचालन संभव होगा, जिससे पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, स्थानीय व्यापार और परिवहन क्षेत्र को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

आर्थिक गतिविधियों को भी मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट का विस्तार केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। बेहतर हवाई संपर्क के कारण निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा चिकित्सा, शिक्षा और उद्योग से जुड़े लोगों के लिए भी तेज और सुविधाजनक हवाई यात्रा उपलब्ध होने से क्षेत्र का समग्र विकास तेज हो सकता है।

सरकार का फोकस समयबद्ध निर्माण पर

राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को परियोजना की सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

सरकार का प्रयास है कि गगल एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समय पर पूरा किया जाए, ताकि हिमाचल प्रदेश को आधुनिक हवाई अवसंरचना का लाभ मिल सके।

मांझी खड्ड पर प्रस्तावित पुल और रनवे विस्तार को इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। यदि दोनों चरण सफलतापूर्वक पूरे हो जाते हैं, तो गगल एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख क्षेत्रीय हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है और हिमाचल प्रदेश के पर्यटन, व्यापार तथा परिवहन क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है।