बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, हरियाली और ताजगी लेकर आता है। ऐसे सुहाने मौसम में सुबह की सैर करने का मन होना बिल्कुल स्वाभाविक है। कई लोग मानते हैं कि मानसून में खुली हवा में टहलने से दिन की शुरुआत बेहतर होती है और मानसिक तनाव भी कम महसूस होता है। हालांकि, इस मौसम में लापरवाही बरतना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। गीली सड़कें, फिसलन, कीचड़, पानी का जमाव और संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया व मच्छर कई तरह की समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बारिश के मौसम में मॉर्निंग वॉक करना सुरक्षित है? विशेषज्ञों की मानें तो इसका जवाब ‘हां’ है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। अगर आप सही तैयारी और सावधानियों के साथ घर से निकलते हैं, तो मानसून में भी वॉक का पूरा फायदा उठा सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि बारिश के मौसम में मॉर्निंग वॉक पर जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और लौटने के बाद क्या करना जरूरी है।
क्या मानसून में सुबह की सैर करना सही फैसला है?
बारिश के मौसम में वॉक करना पूरी तरह से गलत नहीं माना जाता। बल्कि अगर मौसम सामान्य हो और बहुत तेज बारिश या आंधी-तूफान न हो, तो हल्की सैर शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है। सुबह की ठंडी और साफ हवा मूड को बेहतर बनाने में मदद करती है। नियमित वॉक से शरीर सक्रिय रहता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।
हालांकि, अगर बाहर तेज बारिश हो रही हो, बिजली चमक रही हो या सड़कों पर पानी भर गया हो, तो ऐसे समय में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। इन परिस्थितियों में दुर्घटना या संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे दिनों में घर के अंदर योग, स्ट्रेचिंग, प्राणायाम या हल्की एक्सरसाइज करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
मौसम का हाल देखकर ही बनाएं प्लान
मानसून के दौरान मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति पर एक नजर जरूर डालें। अगर तेज बारिश, आंधी या बिजली गिरने की चेतावनी हो, तो मॉर्निंग वॉक टाल देना ही समझदारी है।
हल्की फुहार या बादलों वाला मौसम आमतौर पर सुरक्षित माना जा सकता है, लेकिन लगातार हो रही बारिश में बाहर निकलना जोखिम बढ़ा सकता है। मौसम के अनुसार अपनी योजना बदलना आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।
जूतों का चुनाव सबसे अहम
बरसात के मौसम में सबसे बड़ी चुनौती फिसलन होती है। ऐसे में सही जूते पहनना बेहद जरूरी हो जाता है। मजबूत ग्रिप वाले फुटवियर आपको फिसलने और चोट लगने से बचा सकते हैं।
सामान्य स्पोर्ट्स शूज कई बार पानी सोख लेते हैं, जिससे पैर लंबे समय तक गीले रहते हैं। इससे फंगल इन्फेक्शन, बदबू और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बारिश में वॉटरप्रूफ जूते, रेन-फ्रेंडली फुटवियर या ऐसे सैंडल चुनें जो जल्दी सूख जाएं और जिनमें पानी जमा न हो।
अगर वॉक के दौरान जूते पूरी तरह भीग जाएं, तो उन्हें अच्छी तरह सुखाने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें।
कपड़ों का चुनाव भी उतना ही जरूरी
मानसून में भारी या मोटे कपड़े पहनना असुविधाजनक साबित हो सकता है। ऐसे कपड़े पानी सोख लेते हैं और देर तक गीले रहते हैं, जिससे शरीर ठंडा पड़ सकता है।
वॉक के लिए हल्के, जल्दी सूखने वाले और आरामदायक कपड़ों का चयन करें। सिंथेटिक या नायलॉन फैब्रिक इस मौसम में बेहतर विकल्प माने जाते हैं क्योंकि ये नमी कम रोकते हैं। दूसरी ओर, कॉटन के कपड़े भीगने के बाद भारी हो जाते हैं और शरीर से चिपकने लगते हैं।
यदि बारिश की संभावना हो, तो हल्का रेनकोट या अच्छी क्वालिटी का छाता साथ रखें ताकि जरूरत पड़ने पर खुद को बारिश से बचाया जा सके।
जरूरी सामान को रखें सुरक्षित
बारिश में केवल खुद को ही नहीं, बल्कि अपने जरूरी सामान को भी सुरक्षित रखना जरूरी है। मोबाइल फोन, पर्स, चाबियां, दस्तावेज या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भीगने से खराब हो सकते हैं।
इसके लिए वॉटरप्रूफ पाउच, जिप लॉक बैग या वॉटर-रेसिस्टेंट बैग का इस्तेमाल करें। इससे सामान सुरक्षित रहेगा और बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
वॉक के लिए सही जगह का चुनाव करें
मानसून में किस रास्ते पर वॉक की जाए, यह भी बेहद महत्वपूर्ण है। जहां पानी जमा हो, कीचड़ हो या सड़क टूटी हुई हो, वहां चलने से बचें। पानी के नीचे गड्ढे छिपे हो सकते हैं, जिससे पैर मुड़ने या गिरने का खतरा रहता है।
साफ-सुथरे पार्क, समतल सड़कें या ऐसे ट्रैक चुनें जहां पानी का जमाव न हो। जिन जगहों पर लगातार पानी भरा रहता है, वहां मच्छर और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा खुले मैनहोल, टूटे हुए फुटपाथ या निर्माण कार्य वाली जगहों से भी दूरी बनाकर रखें।
बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों से रहें दूर
बारिश के दौरान सुरक्षा का एक और महत्वपूर्ण पहलू है बिजली से जुड़े खतरे। भीग चुके बिजली के खंभे, खुले तार या पुराने पेड़ कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
तेज हवा और बारिश में कमजोर शाखाएं टूट सकती हैं या बिजली का रिसाव होने की संभावना रहती है। इसलिए ऐसे स्थानों पर रुकने या उनके नीचे खड़े होने से बचें। अगर मौसम अचानक खराब हो जाए, तो किसी सुरक्षित भवन में रुकना ज्यादा बेहतर विकल्प होगा।
संक्रमण से बचाव भी है जरूरी
मानसून का मौसम कई तरह के संक्रमणों के लिए अनुकूल माना जाता है। लंबे समय तक गीले जूते पहनने या गंदे पानी में चलने से पैरों में फंगल इन्फेक्शन हो सकता है।
यदि गलती से गंदे पानी में पैर चले जाएं, तो घर पहुंचने के बाद उन्हें अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है। साफ तौलिए से पैरों को पूरी तरह सुखाएं और जरूरत हो तो एंटीफंगल पाउडर का उपयोग करें। नाखूनों के बीच नमी जमा न रहने दें, क्योंकि यही संक्रमण की शुरुआत बन सकती है।
वॉक से लौटने के बाद क्या करें?
घर वापस आने के बाद कई लोग भीगे कपड़ों में ही पंखे या एसी के सामने बैठ जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
सबसे पहले भीगे हुए कपड़े बदलें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। इसके बाद पैरों को साबुन और साफ पानी से धोकर सुखाना न भूलें। यदि कपड़े पूरी तरह भीग गए हों, तो गुनगुने पानी से स्नान करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है।
इसके बाद गर्म हर्बल चाय, काढ़ा या गुनगुना पानी पीने से शरीर को आराम मिल सकता है और ठंड लगने की संभावना भी कम हो सकती है।
किन लोगों को बरसात में वॉक करने से बचना चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए बारिश में बाहर निकलना सही नहीं होता। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो, जिन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम होता हो या जिन्हें अस्थमा, गंभीर एलर्जी या सांस संबंधी समस्या हो, उन्हें मौसम खराब होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
बुजुर्ग, छोटे बच्चे और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को तेज बारिश वाले दिनों में घर के अंदर ही हल्की एक्सरसाइज करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
इन छोटी-छोटी बातों से मिलेगा बड़ा फायदा
अगर आप मानसून में भी अपनी फिटनेस रूटीन जारी रखना चाहते हैं, तो कुछ साधारण सावधानियां आपकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं। मौसम का सही आकलन करें, फिसलन से बचाने वाले जूते पहनें, हल्के और जल्दी सूखने वाले कपड़े चुनें, सुरक्षित रास्ते पर ही वॉक करें और घर लौटने के बाद शरीर की अच्छी तरह सफाई करें।
बारिश का मौसम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने का शानदार मौका देता है, लेकिन सेहत और सुरक्षा को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है। सही तैयारी और सतर्कता के साथ की गई मॉर्निंग वॉक न केवल आपको फिट रख सकती है, बल्कि दिनभर तरोताजा महसूस कराने में भी मदद कर सकती है।




