पंजाब में सरकारी भर्तियों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ कथित खिलवाड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और नकल के मामले सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
ढिल्लों ने पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) की ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले और फरीदकोट में फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए हाईटेक नकल प्रकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सत्ता में आने से पहले व्यवस्था बदलने, भ्रष्टाचार खत्म करने और युवाओं को निष्पक्ष तरीके से रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे करती थी, लेकिन मौजूदा हालात उन दावों की पोल खोल रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के लाखों युवा सरकारी नौकरियों के लिए वर्षों तक तैयारी करते हैं। वे आर्थिक और मानसिक मेहनत करके परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन जब पेपर लीक या नकल जैसे मामले सामने आते हैं तो उनकी मेहनत बेकार हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के हौसले बढ़ रहे हैं।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि PSSSB की ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को सामने आए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक जांच किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी होना सिर्फ एक परीक्षा की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पेपर लीक कैसे हुआ, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में देरी होने से युवाओं के बीच यह संदेश जा रहा है कि सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
ढिल्लों ने कहा कि सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में बड़ी संख्या में युवाओं ने इस परीक्षा में भाग लिया था। पेपर लीक जैसी घटनाओं से न केवल अभ्यर्थियों का समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि उनका भरोसा भी कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए।
फरीदकोट में फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए नकल मामले को लेकर भी भाजपा नेता ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों में हाईटेक तरीके से नकल कराने की कोशिश की गई और कुछ लोगों ने पैसों के बदले सरकारी नौकरी दिलाने का खेल चलाया।
उन्होंने दावा किया कि नकल के लिए पेन कैमरा, ब्लूटूथ उपकरण और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये तक की मांग की गई, जिससे यह साफ होता है कि भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए संगठित तरीके से प्रयास किए जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है। अगर केंद्रों पर जैमर, निगरानी और जांच की उचित व्यवस्था होती तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार युवाओं को सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था देने में आखिर क्यों विफल रही।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी दावों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आप नेताओं ने सत्ता में आने से पहले पंजाब में नई राजनीतिक संस्कृति और ईमानदार शासन का वादा किया था, लेकिन अब भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। युवाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि रोजगार का मुद्दा पंजाब के युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं के सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि जब भी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सामने आता है तो सरकार जांच का भरोसा देती है, लेकिन दोषियों तक पहुंचने और कार्रवाई करने में देरी होती है।
उन्होंने मांग की कि पेपर लीक और नकल मामलों की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और इसमें शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की हिम्मत न कर सके।
भाजपा नेता ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में भर्ती से जुड़े विवाद सामने आए हैं, वहां जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और युवाओं के हितों को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी पहले से ही एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में अगर सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठेंगे तो युवाओं में निराशा बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर भर्ती व्यवस्था में सुधार करे।
ढिल्लों ने कहा कि भाजपा युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का भविष्य उसके युवाओं से जुड़ा होता है और युवाओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पंजाब में सरकारी भर्तियों को लेकर चल रही यह राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं। विपक्ष जहां सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार की ओर से इन आरोपों पर जवाब आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पेपर लीक और नकल के मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।




