पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम का दौरा किया। इस दौरान तीनों नेताओं ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और पंजाब समेत पूरे देश की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
आश्रम के आध्यात्मिक और शांत वातावरण में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ध्यान भी किया। उन्होंने कहा कि आश्रम में बिताया गया समय उनके लिए बेहद सकारात्मक और आत्मिक शांति प्रदान करने वाला अनुभव रहा। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित भी किया और पंजाब की ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक मूल्यों तथा राज्य के देश के प्रति योगदान पर अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि बेंगलुरु के ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का आशीर्वाद लेने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के बड़े समूह को संबोधित करने के साथ-साथ आश्रम के शांत वातावरण में ध्यान लगाने का अनुभव भी मिला।
भगवंत मान ने श्री श्री रविशंकर के साथ मुलाकात को आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव से मिलना और उनके सानिध्य में कुछ समय बिताना उनके लिए गौरव और आत्मिक संतोष का विषय रहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मुलाकात ने उन्हें मानसिक शांति के साथ-साथ भीतर से सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान की।
पंजाब की विरासत को बताया देश की ताकत
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में पंजाब की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। पांच नदियों की धरती के रूप में पहचाना जाने वाला पंजाब अपनी प्राचीन परंपराओं, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के कारण देश में विशिष्ट स्थान रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने सदियों से भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। राज्य की धरती ने अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है और यहां के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने साहस, दृढ़ता और जीवटता को कायम रखा है।
उन्होंने पंजाब को देश की ‘खड़ग भुजा’ बताते हुए कहा कि जब भी देश की सुरक्षा और अखंडता के सामने चुनौती आई, पंजाब के लोगों ने आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। राज्य के लोगों ने बाहरी आक्रमणों से लेकर विभिन्न आंतरिक चुनौतियों तक, हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मान ने कहा कि पंजाब के लोगों की बहादुरी केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने की उनकी क्षमता ने राज्य के सामाजिक चरित्र को भी आकार दिया है। हजारों वर्षों के इतिहास में अनेक उतार-चढ़ाव आने के बावजूद पंजाब ने अपनी निर्भीकता और संघर्षशीलता को बरकरार रखा है।
सद्भाव और भाईचारा पंजाब की पहचान
मुख्यमंत्री ने पंजाब की पहचान में धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक भाईचारे को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब का धर्मनिरपेक्ष और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाला स्वभाव उसकी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है।
भगवंत मान के अनुसार, पंजाब के सामाजिक जीवन में सांप्रदायिक सद्भाव, एक-दूसरे के धर्म और विचारों का सम्मान तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे ने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाया है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भी समाज को मजबूत बनाने के लिए इन मूल्यों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। विकास और आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक एकता, समानता और शांति को बनाए रखना भी जरूरी है। एक मजबूत समाज तभी तैयार हो सकता है जब उसके नागरिक एक-दूसरे के अधिकारों और भावनाओं का सम्मान करें।
युवाओं को सही दिशा देना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के विकास के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और उनमें सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राज्य और देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और उनके पास समाज को नई दिशा देने की क्षमता होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षा, रोजगार, खेल और अन्य क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर पैदा करना नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय भावना से भी जोड़ना है।
मान ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी सही मूल्यों के साथ आगे बढ़ती है तो वह न केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य को बेहतर बना सकती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए युवाओं को सकारात्मक सोच, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के विभिन्न विकास क्षेत्रों में सर्वांगीण प्रगति के लिए काम कर रही है, लेकिन इसके साथ ही समाज की नैतिक और सामाजिक नींव को मजबूत करना भी सरकार के व्यापक मिशन का हिस्सा है।
श्री श्री रविशंकर के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को प्रेरित करने के लिए श्री श्री रविशंकर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षाओं के साथ-साथ उनका मार्गदर्शन लोगों को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करता है।
भगवंत मान ने कहा कि श्री श्री रविशंकर लंबे समय से युवाओं के बीच सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। उनके आध्यात्मिक संदेश और बौद्धिक मार्गदर्शन का प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि श्री श्री रविशंकर आगे भी अपने ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा दिखाते रहेंगे तथा विशेष रूप से युवा पीढ़ी को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
शांति और समानता पर दिया जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रगतिशील राष्ट्र की मजबूती केवल आर्थिक विकास से तय नहीं होती। समाज में शांति, समानता, आपसी सम्मान और भाईचारे का मजबूत होना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व ऐसे मूल्य हैं जो समाज के विभिन्न वर्गों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारे की भावना को मजबूत करके ही एक ऐसा समाज बनाया जा सकता है जिसमें हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित, सम्मानित और सहभागी महसूस करे।
मान ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में समाज को विभाजनकारी सोच के बजाय एकता और सहयोग के रास्ते पर आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से आपसी सम्मान, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ये मूल्य केवल किसी एक समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ने का काम करते हैं। इन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि समाज सांप्रदायिक सद्भाव, सामाजिक समानता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानवता के सिद्धांतों को मजबूती से अपनाता है, तो देश को अधिक शांतिपूर्ण, समावेशी और मजबूत बनाया जा सकता है।
पंजाब और देश की तरक्की के लिए प्रार्थना
‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने पंजाब तथा देश की प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आश्रम के आध्यात्मिक माहौल में मुख्यमंत्री ने ध्यान लगाया और कुछ समय शांत वातावरण में बिताया।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक गतिविधियों से अलग आध्यात्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंजाब की विरासत को देश की व्यापक सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
मान ने कहा कि पंजाब की बहादुरी, मेहनत, भाईचारा और धर्मनिरपेक्ष सोच उसकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल हैं। इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए राज्य और देश को शांति, विकास और सामाजिक एकता की दिशा में आगे ले जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आश्रम में मिले आध्यात्मिक अनुभव को अपने लिए यादगार बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को भीतर से ऊर्जा देते हैं और समाज के लिए सकारात्मक सोच के साथ काम करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।




