इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा विधानसभा के हाल ही में संपन्न मानसून सत्र को लेकर सरकार और विधानसभा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चौटाला ने आरोप लगाया कि सत्र के दौरान विधायकों को जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने सदन की कार्यवाही को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ऐसा सत्र बताया, जिसमें विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं मिला।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभय चौटाला ने मानसून सत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही इस तरह संचालित की गई कि विधायकों के पास जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने का अवसर ही नहीं बचा। उनके अनुसार, विधायकों को अपनी बात रखने के लिए महज दो-दो मिनट का समय दिया गया, जबकि कई महत्वपूर्ण मुद्दे ऐसे थे जिन पर सदन में विस्तृत चर्चा की जरूरत थी।
चौटाला ने तंज कसते हुए विधानसभा के इस सत्र को ‘जेब फाड़ो और कोहनी मारो सत्र’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सत्र के पहले ही दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल तक नहीं हो पाया। उनका कहना था कि जब विधायक अपने क्षेत्रों और प्रदेश की समस्याओं से जुड़े सवाल सदन में नहीं उठा पाएंगे तो फिर विधानसभा सत्र बुलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाता है।
इनेलो नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने जनहित से जुड़े एक दर्जन से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव विधानसभा में लगाए थे। इनमें प्रदेश की अलग-अलग समस्याओं और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने की कोशिश की गई थी, लेकिन इनमें से केवल बिगड़ती कानून व्यवस्था से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अन्य मुद्दों पर चर्चा से बचने का रास्ता अपनाया।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा उठाया
अभय चौटाला ने प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छह अगस्त से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और इससे प्रदेश के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद विधानसभा में इस विषय को पर्याप्त महत्व नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगों और उनकी समस्याओं पर सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि विपक्ष की ओर से ऐसे मुद्दे उठाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें सदन में अपेक्षित समय नहीं दिया गया।
चौटाला ने कहा कि विपक्ष का काम केवल सरकार की आलोचना करना नहीं बल्कि जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाना भी है। जब विधायकों को अपनी बात रखने का समय ही सीमित कर दिया जाएगा तो जनता से जुड़े मुद्दे सदन में कैसे प्रभावी तरीके से उठाए जा सकते हैं।
कानून व्यवस्था पर सवाल, सरकार ने पुराने कार्यकाल गिनाए
इनेलो अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रदेश की मौजूदा कानून व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा था। उनका आरोप है कि जब वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया गया तो जवाब देने के बजाय पूर्ववर्ती इनेलो और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल की घटनाओं का उल्लेख किया गया।
चौटाला ने कहा कि विपक्ष वर्तमान परिस्थितियों को लेकर सवाल कर रहा था और सरकार को यह बताना चाहिए था कि आज प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति कैसी है तथा अपराध पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, पुरानी सरकारों के कार्यकाल की घटनाओं का जिक्र करके मौजूदा सवालों से बचा नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा में वर्तमान समस्याओं पर ही चर्चा नहीं होगी तो सदन की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। चौटाला ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और कई ऐसे मुद्दे चर्चा से बाहर रह गए जिनका सीधा संबंध आम लोगों से था।
पत्रकार वार्ता के दौरान इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला भी मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा
अभय चौटाला ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही और विधायकों को दिए गए समय को लेकर वह विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा गया है ताकि सदन की कार्यवाही से जुड़े मुद्दों पर सीधे चर्चा की जा सके।
उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है और यहां सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष को भी अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए। यदि विपक्ष को बोलने का पर्याप्त समय नहीं मिलता है तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मुद्दों की आवाज कमजोर होती है।
चौटाला ने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विधानसभा सत्र में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा ही नहीं करनी थी तो फिर सत्र बुलाने का औचित्य क्या था।
इनेलो नेता ने विपक्षी दलों की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग आपसी विवादों और अंदरूनी मुद्दों में उलझे हुए हैं, जबकि प्रदेश की जनता से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
HKRNL के आंकड़ों पर सरकार को घेरा
अभय चौटाला ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के जरिए रोजगार देने के सरकार के दावे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरटीआई से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि HKRNL के तहत केवल करीब 17 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दावा किया जाता है कि HKRNL के माध्यम से सवा लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। चौटाला ने इन दोनों आंकड़ों के बीच अंतर को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कहा कि यदि आरटीआई से प्राप्त जानकारी में केवल 17 हजार कर्मचारियों की नियुक्ति का आंकड़ा सामने आता है और मुख्यमंत्री सवा लाख लोगों को रोजगार देने की बात करते हैं तो इन दोनों में से किसी एक दावे में विरोधाभास है। उनके मुताबिक, या तो सरकार की ओर से गलत आंकड़े बताए जा रहे हैं या फिर HKRNL के अधिकारियों की ओर से सही जानकारी नहीं दी गई।
इनेलो अध्यक्ष ने इस मामले में सरकार से वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी देनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निगम के माध्यम से वास्तव में कितने लोगों को रोजगार मिला है।
सत्ता में आए तो पंजाब से पानी लाने का दावा
अभय चौटाला ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर भी इनेलो का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा में इनेलो की सरकार बनती है तो उनकी पार्टी हर हाल में पंजाब से SYL के माध्यम से हरियाणा के हिस्से का पानी लाएगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के पानी के अधिकार को लेकर इनेलो अपने पुराने रुख पर कायम है। चौटाला ने इस मुद्दे को प्रदेश के हितों से जोड़ते हुए कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी पानी के अधिकार को लेकर निर्णायक कदम उठाएगी।
SYL को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। ऐसे में अभय चौटाला का यह बयान प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को फिर से प्रमुखता देने वाला माना जा रहा है।
देवीलाल सम्मान दिवस को लेकर तैयारियां
इनेलो नेता ने पूर्व उपप्रधानमंत्री और पार्टी के प्रमुख नेता रहे स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के जन्मदिन के अवसर पर 27 सितंबर को आयोजित होने वाले सम्मान दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
चौटाला के मुताबिक, सम्मान दिवस के लिए करीब 75 एकड़ क्षेत्र में पंडाल तैयार किया जाएगा। इसमें लगभग पौने दो लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था किए जाने की योजना है। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
अभय चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल की राजनीतिक विरासत और उनके विचार आज भी लोगों के बीच प्रासंगिक हैं। सम्मान दिवस के जरिए पार्टी अपने संगठन और समर्थकों को एकजुट करने के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को भी जनता के बीच रखने की तैयारी कर रही है।
कुल मिलाकर अभय चौटाला की पत्रकार वार्ता में विधानसभा के मानसून सत्र से लेकर रोजगार, कानून व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और SYL के पानी तक कई मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने सरकार पर विधानसभा में विपक्ष को पर्याप्त समय नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि जनता से जुड़े सवालों पर सदन में खुली चर्चा होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि विधानसभा की कार्यवाही को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा और मुख्यमंत्री व राज्यपाल को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उनके संज्ञान में लाया जाएगा।




