देश भगत यादगार हाल में जुटे कांग्रेस नेताओं ने कहा- पंजाब की सियासत को जाति-धर्म के विवाद में उलझाने की कोशिश; सेखों की AAP में एंट्री पर भगवंत मान से मांगा जवाब
जालंधर के देश भगत यादगार हाल में आयोजित रोष रैली के दौरान कांग्रेस ने मंच शुद्धिकरण विवाद को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। रैली में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, मंच शुद्धिकरण की घटना और आम आदमी पार्टी में गुरप्रीत सिंह सेखों के शामिल होने के मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब जैसे भाईचारे और सांझी संस्कृति वाले राज्य में जाति तथा धर्म से जुड़े विवादों को राजनीतिक लाभ के लिए हवा दी जा रही है। उनका कहना था कि प्रदेश के लोगों ने हमेशा सामाजिक समानता और आपसी भाईचारे को प्राथमिकता दी है, इसलिए ऐसी घटनाओं को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रोष रैली में कांग्रेस नेताओं ने संविधान में दिए समानता के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर भेदभाव करना संविधान की भावना के खिलाफ है।
सेखों के AAP में शामिल होने पर चन्नी-रंधावा का हमला
रोष रैली से एक दिन पहले जीरा में गुरप्रीत सिंह सेखों के आम आदमी पार्टी में शामिल होने का मुद्दा भी कांग्रेस नेताओं के निशाने पर रहा। चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सवाल उठाए।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण देकर राज्य में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और गैंगस्टरवाद को लेकर सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि एक तरफ सरकार पंजाब को नशे और अपराध से मुक्त करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे लोगों को राजनीतिक मंच उपलब्ध कराने से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी या सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।
चन्नी और रंधावा ने कहा कि पंजाब में कानून का राज स्थापित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को किसी भी व्यक्ति को पार्टी में शामिल करने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और उससे जुड़े विवादों को गंभीरता से देखना चाहिए।
मंच शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस का विरोध
रैली में कांग्रेस विधायक परगट सिंह, बावा हैनरी, सुखविंदर सिंह कोटली और हलका इंचार्ज सुरिंदर कौर ने मंच शुद्धिकरण की घटना को संविधान की मूल भावना से जोड़ते हुए सरकार और भाजपा पर हमला बोला।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार देता है। उनके मुताबिक संविधान की धारा 14, 15 और 17 सामाजिक समानता तथा भेदभाव के खिलाफ स्पष्ट संदेश देती हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति या सार्वजनिक मंच को उसकी जाति या पहचान के आधार पर कथित रूप से शुद्ध-अशुद्ध बताने की कोशिश सामाजिक समानता की भावना के विपरीत है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सामाजिक भेदभाव की किसी भी घटना को सामान्य नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि पंजाब की पहचान लंबे समय से भाईचारे, सांझी विरासत और एक-दूसरे के साथ खड़े होने की रही है।
भाजपा पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
रोष रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों जैसे मुद्दे गंभीर बने हुए हैं, लेकिन इन सवालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए जाति और धर्म की राजनीति को आगे किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आम लोगों के लिए रोजगार, महंगाई, आर्थिक स्थिति और देश की विदेश नीति जैसे मुद्दे सीधे तौर पर उनके जीवन को प्रभावित करते हैं। इसके बावजूद राजनीतिक बहस को सामाजिक और धार्मिक विवादों की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के वास्तविक सवालों का जवाब देने के बजाय समाज को अलग-अलग वर्गों में बांटने वाली राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकारों को जवाब देना चाहिए और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने तथा आम परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
पंजाब में जात-पात की राजनीति को नकारते हैं लोग: रंधावा
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपने संबोधन में पंजाब की सामाजिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के लोग जात-पात की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा कि पंजाब की सांस्कृतिक पहचान ऐसी रही है जहां लोग एक साथ बैठते हैं और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से धार्मिक तथा सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।
रंधावा ने ‘एक संगत और एक पंगत’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब की धरती पर सभी वर्गों के लोग साथ बैठकर भोजन करते और एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी इसी भाईचारे और समानता की विचारधारा में विश्वास रखती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हों या पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस में सभी नेता और कार्यकर्ता एक परिवार की तरह हैं। पार्टी का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं बल्कि लोगों को जोड़ना है।
‘देश को बांटने वाली राजनीति’ का विरोध
रंधावा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी ऐसी गतिविधि की कड़ी निंदा करती है जिससे समाज में विभाजन पैदा हो। उनके अनुसार पंजाब ने हमेशा सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की है। ऐसे में राजनीतिक लाभ के लिए लोगों के बीच दूरी पैदा करने वाली किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर किसी व्यक्ति के सम्मान और सामाजिक समानता को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। रंधावा ने कहा कि सार्वजनिक मंच सभी के लिए समान होने चाहिए और किसी भी व्यक्ति को जाति या पहचान के आधार पर नीचा दिखाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
दोषियों पर केस दर्ज करने की मांग
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंच शुद्धिकरण की घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किया, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने ऐसी गतिविधि का समर्थन किया।
रंधावा के मुताबिक यदि किसी घटना को सामाजिक भेदभाव और संविधान की भावना के खिलाफ माना जाता है तो पुलिस को उसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव के आधार पर नहीं बल्कि कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
कांग्रेस ने दिखाई एकजुटता
देश भगत यादगार हाल में हुई रोष रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मंच शुद्धिकरण विवाद को लेकर पार्टी की एकजुटता भी प्रदर्शित करने की कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और स्थानीय कांग्रेस विधायकों एवं नेताओं की मौजूदगी में पार्टी ने इस मुद्दे को सामाजिक समानता से जोड़कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल किसी एक नेता या राजनीतिक दल से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इससे समाज में समानता और सम्मान की भावना का सवाल जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है और इस अधिकार का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
AAP सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
रैली में आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने कई सवाल उठाए। खास तौर पर गुरप्रीत सिंह सेखों के पार्टी में शामिल होने को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की राजनीतिक नीति पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था और गैंगस्टरवाद को लेकर सरकार को स्पष्ट और सख्त नीति अपनानी चाहिए। उनके मुताबिक सरकार की ओर से अपराध के खिलाफ कार्रवाई के दावों और राजनीतिक स्तर पर लिए जा रहे फैसलों के बीच जनता को स्पष्टता मिलनी चाहिए।
चन्नी और रंधावा ने आरोप लगाया कि यदि सरकार अपराध और गैंगस्टरवाद को खत्म करने के लिए गंभीर है तो उसे राजनीतिक स्तर पर भी उसी कठोरता का प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जिसमें अपराध और सत्ता की राजनीति के बीच कथित तौर पर कोई संबंध दिखाई दे।
संविधान और सामाजिक बराबरी को बनाया मुद्दा
कांग्रेस ने पूरे विवाद को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय इसे संविधान और सामाजिक समानता के मुद्दे से जोड़ने की रणनीति अपनाई। पार्टी नेताओं ने संविधान की धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक पंजाब में सामाजिक सद्भाव बनाए रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि प्रदेश की पहचान विभिन्न समुदायों और वर्गों के आपसी सहयोग से बनी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक विविधता पंजाब की ताकत है और इसे राजनीतिक विवादों के कारण कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए।
रैली में नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार दोनों पर अपने-अपने स्तर पर जनता के वास्तविक मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना था कि महंगाई, रोजगार, आर्थिक स्थिति, कानून-व्यवस्था और युवाओं का भविष्य जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में होने चाहिए।
आगे भी मुद्दा उठाने के संकेत
देश भगत यादगार हाल में हुई रोष रैली से कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह मंच शुद्धिकरण विवाद और इससे जुड़े सामाजिक समानता के मुद्दे को आगे भी राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उठाएगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि संविधान में मिले अधिकारों और सामाजिक सम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
रैली के दौरान चन्नी और रंधावा ने भाजपा तथा आम आदमी पार्टी पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर हमला बोला। जहां चन्नी और रंधावा ने गुरप्रीत सिंह सेखों के AAP में शामिल होने को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरा, वहीं स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मंच शुद्धिकरण की घटना को संविधान के समानता के अधिकार से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस का कहना है कि पंजाब की राजनीति को जाति और धर्म के विवादों से ऊपर उठाकर रोजगार, महंगाई, आर्थिक विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भाईचारे जैसे मुद्दों पर केंद्रित किया जाना चाहिए। वहीं रंधावा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ‘एक संगत और एक पंगत’ की भावना में विश्वास करती है और समाज को बांटने वाली किसी भी गतिविधि का विरोध करती रहेगी।




