चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी और आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं के तहत एक साथ बड़ी वित्तीय सहायता जारी की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को प्रदेश के 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 1890 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना, गृहिणियों के लिए गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई और दयालु योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता सहित उद्योग क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की राशि भी जारी की गई।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की मौजूदगी में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को राशि जारी करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे पहुंचाना है। सरकार की ओर से किए गए इस हस्तांतरण में समाज के अलग-अलग वर्गों को आर्थिक सहारा देने वाली योजनाओं को शामिल किया गया है।
सबसे बड़ी राशि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत जारी की गई। प्रदेश सरकार ने 15 अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के बैंक खातों में 1129 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। सरकार के इस कदम से लाखों बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। पेंशन के माध्यम से पात्र लोगों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। सरकार द्वारा एक साथ 1129 करोड़ रुपये जारी किए जाने से बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सीधा वित्तीय लाभ मिला है।
इसी क्रम में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त भी जारी कर दी गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना के तहत 10 लाख 10 हजार महिलाओं के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि पहुंचाई। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और परिवार की वित्तीय स्थिति में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि 17 सितंबर से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा। इसके तहत ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, वे भी योजना का लाभ लेना शुरू कर सकेंगे। इससे आने वाले समय में योजना से जुड़ने वाली पात्र महिलाओं की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके जीवन में वित्तीय स्थिरता बढ़ाना है। बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से लाभार्थियों को सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए किसी मध्यस्थ पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
वीरवार को जारी वित्तीय पैकेज में किसानों को भी शामिल किया गया। किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत सहायता राशि जारी की गई। भावांतर व्यवस्था का उद्देश्य बाजार भाव में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई करना है। इसके साथ ही दयालु योजना के पात्र लाभार्थियों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
गृहिणियों को भी सरकार की ओर से गैस सब्सिडी का लाभ दिया गया। इससे घरेलू बजट पर पड़ने वाले ईंधन खर्च के बोझ को कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। सरकार ने विभिन्न वर्गों को एक ही वित्तीय हस्तांतरण कार्यक्रम के तहत जोड़ते हुए सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता से संबंधित कई योजनाओं की राशि एक साथ जारी की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी बताया कि सरकार की बजट घोषणाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र से जुड़ी एक और बजट घोषणा को वीरवार को पूरा किया गया। एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की सात अलग-अलग योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई।
उद्योगों को दी गई यह राशि राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से विभिन्न औद्योगिक नीतियों के तहत पात्र इकाइयों को अलग-अलग प्रकार की प्रोत्साहन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई। इसी नीति के तहत 16 अन्य लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये दिए गए। इस मद में जारी राशि औद्योगिक इकाइयों और रोजगार से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत दी गई है।
लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति के अंतर्गत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। सरकार की ओर से इस क्षेत्र को महत्व दिए जाने के पीछे राज्य में भंडारण, परिवहन और खुदरा क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने की नीति को देखा जा रहा है।
प्लग एंड प्ले योजना के तहत भी 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई। इस योजना का उद्देश्य उद्योगों को तैयार बुनियादी ढांचे के साथ कारोबार शुरू करने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत दी गई वित्तीय सहायता से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये की राशि दी गई। कपड़ा क्षेत्र में निवेश और गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस नीति के अंतर्गत पात्र इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में लाभार्थियों को इस योजना के तहत राशि जारी की गई है, जिससे टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश को गति देने के सरकार के प्रयासों का संकेत मिलता है।
पदमा योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। वहीं एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर के विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये जारी किए गए। सरकार की औद्योगिक नीतियों में क्लस्टर आधारित विकास को भी महत्व दिया जा रहा है, ताकि छोटे और मध्यम उद्यमों को साझा सुविधाओं और बेहतर औद्योगिक वातावरण का लाभ मिल सके।
इस तरह उद्योग क्षेत्र से संबंधित सात योजनाओं के माध्यम से कुल 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। सरकार के मुताबिक यह राशि प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहित करने, निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसरों को विस्तार देने की दिशा में इस्तेमाल होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत राशि जारी करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है। सरकार द्वारा सीधे बैंक खातों में राशि भेजने की व्यवस्था से लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से आर्थिक सहायता मिल रही है।
वीरवार के कार्यक्रम में जारी हुई राशि को सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास दोनों मोर्चों से जोड़कर देखा जा सकता है। एक ओर जहां 35 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत आर्थिक सहायता मिली, वहीं 10 लाख से अधिक महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना की किस्त प्राप्त हुई। दूसरी ओर किसानों, गृहिणियों और दयालु योजना के लाभार्थियों को भी सहायता दी गई।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए जारी 311 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि इस वित्तीय हस्तांतरण का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा रही। सरकार द्वारा अलग-अलग औद्योगिक नीतियों के तहत पात्र इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन देकर राज्य में कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों की आय सीमा में प्रस्तावित विस्तार को भी इस घोषणा का अहम हिस्सा माना जा रहा है। 17 सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को योजना का लाभ मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की अधिक महिलाओं को इसके दायरे में लाया जा सकेगा।
वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 1129 करोड़ रुपये का हस्तांतरण यह दर्शाता है कि सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाएं सीधे उन वर्गों से जुड़ी हैं जिन्हें नियमित आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है।
कुल मिलाकर, वीरवार को हरियाणा सरकार द्वारा 50 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 1890 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का हस्तांतरण किया गया। इसमें सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसान सहायता, घरेलू खर्च में राहत और औद्योगिक प्रोत्साहन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया। सरकार के लिए यह पहल एक ओर कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार का संकेत है, वहीं दूसरी ओर उद्योग एवं रोजगार से जुड़ी नीतियों के जरिए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है।




