गुलजार सिंह के परिवार से मिले राजा वड़िंग, बोले- नौकरी के नाम पर सिर्फ सिफारिशी पत्र थमाया

गुलजार सिंह के परिवार से मिले राजा वड़िंग, बोले- नौकरी के नाम पर सिर्फ सिफारिशी पत्र थमाया

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, हरपाल चीमा को मंत्रिमंडल से हटाने और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करने की मांग; बोले- परिवार को न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को संगरूर के तूर बनजारा गांव पहुंचकर गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार पर परिवार को नौकरी देने के नाम पर गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से परिवार के किसी सदस्य को वास्तविक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया, बल्कि केवल एक प्रशासनिक सिफारिश वाला पत्र थमाया गया।

राजा वड़िंग के मुताबिक, संगरूर के डिप्टी कमिश्नर की ओर से मुख्य सचिव को पत्र भेजकर गुलजार सिंह के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की सिफारिश की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इसी पत्र को परिवार के सामने नौकरी के प्रस्ताव के रूप में पेश किया गया और गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार से पहले परिवार को सौंप दिया गया।

वड़िंग ने कहा कि किसी शोकाकुल परिवार को वास्तविक नियुक्ति आदेश के बजाय केवल सिफारिशी पत्र देना उसके साथ संवेदनहीन व्यवहार है। उन्होंने इसे परिवार के साथ धोखा बताते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि नौकरी देने का निर्णय लिया गया था तो नियुक्ति पत्र जारी करने के बजाय केवल सिफारिशी पत्र क्यों दिया गया।

‘सिर्फ कागज देने से नौकरी नहीं मिलती’

राजा वड़िंग ने कहा कि एक परिवार अपने सदस्य की मौत के बाद पहले ही गहरे सदमे में है। ऐसे समय में उसे सरकारी नौकरी का भरोसा देकर ऐसा दस्तावेज सौंपना, जो केवल सिफारिश तक सीमित हो, परिवार की पीड़ा को और बढ़ाता है।

उन्होंने कहा कि नौकरी देने का वास्तविक अर्थ नियुक्ति आदेश जारी करना है। किसी अधिकारी द्वारा सरकार के उच्च स्तर पर सिफारिश भेज देना नियुक्ति के बराबर नहीं हो सकता। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि परिवार को यह बात स्पष्ट क्यों नहीं बताई गई कि उसे जो पत्र दिया जा रहा है, वह नियुक्ति पत्र नहीं बल्कि केवल सिफारिश है।

वड़िंग के अनुसार, सरकार को इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और परिवार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए कि अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया किस स्तर पर है तथा नियुक्ति कब तक की जाएगी।

हरपाल चीमा पर कार्रवाई की मांग दोहराई

गुलजार सिंह की मौत को लेकर कांग्रेस पहले से ही पंजाब सरकार पर हमलावर है। परिवार से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ अपनी मांगों को दोहराया।

उन्होंने मांग की कि हरपाल सिंह चीमा को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाया जाए। साथ ही उन्होंने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का मामला नहीं है, बल्कि एक परिवार के सदस्य की मौत और उसके बाद न्याय की मांग से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी और न्याय मिलने तक राजनीतिक तथा कानूनी स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

क्या है गुलजार सिंह मामला?

संगरूर जिले के तूर बनजारा गांव निवासी गुलजार सिंह ने कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना और अपमान से परेशान होकर आत्महत्या की थी। उनके परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके बेटे से जुड़े नशे के मामले को लेकर गुलजार सिंह पर दबाव बनाया जा रहा था।

कांग्रेस का दावा है कि गुलजार सिंह के कथित बयान में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम भी सामने आया था। इसी आधार पर कांग्रेस लगातार मंत्री की भूमिका पर सवाल उठा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।

हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकल सकता है। कांग्रेस लगातार सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रही है।

‘विपक्षी राजनीति नहीं, परिवार के साथ खड़े होना जिम्मेदारी’

राजा वड़िंग ने उन आरोपों को खारिज किया कि कांग्रेस इस मामले का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि जब किसी गरीब परिवार का सदस्य असामान्य परिस्थितियों में अपनी जान गंवाता है तो विपक्षी दल के रूप में उसके परिवार के साथ खड़ा होना उसकी जिम्मेदारी बनती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल विधानसभा या राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता परिवार के साथ व्यक्तिगत रूप से भी खड़े हैं।

वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं तक इस मामले में परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय मिलने तक पार्टी की ओर से हर संभव मंच पर आवाज उठाई जाएगी।

पूरे पंजाब में कांग्रेस का प्रदर्शन

गुलजार सिंह मामले को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को पूरे पंजाब में जिला स्तर पर प्रदर्शन भी किए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

कांग्रेस का कहना है कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जिला स्तर के प्रदर्शनों के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मामला केवल संगरूर तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी इसे प्रदेशव्यापी मुद्दे के रूप में उठा रही है।

सरकार के सामने कई सवाल

कांग्रेस की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों में सबसे प्रमुख मुद्दा गुलजार सिंह के परिवार को दी गई नौकरी संबंधी जानकारी है। वड़िंग का कहना है कि परिवार को जो पत्र सौंपा गया, वह नियुक्ति पत्र नहीं बल्कि संगरूर के डिप्टी कमिश्नर की ओर से मुख्य सचिव को भेजी गई सिफारिश थी।

अब कांग्रेस सरकार से यह जानना चाहती है कि अनुकंपा नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय क्या है और परिवार के सदस्य को औपचारिक नियुक्ति कब दी जाएगी। पार्टी का कहना है कि शोकाकुल परिवार को प्रशासनिक प्रक्रिया के नाम पर लंबे समय तक इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए।

इसके साथ ही कांग्रेस गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों और उनके कथित बयान में लगाए गए आरोपों की जांच की मांग भी कर रही है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

परिवार के समर्थन में राजनीतिक दबाव बढ़ा रही कांग्रेस

गुलजार सिंह प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने अब सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। जिला स्तर पर प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस मामले को अलग-अलग मंचों पर उठाया जाएगा।

राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई केवल एक नौकरी के लिए नहीं है। उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि परिवार को न्याय मिले, मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर जिम्मेदारी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार का दायित्व होता है कि वह आम नागरिक को सुरक्षा और न्याय का भरोसा दे। यदि किसी परिवार को लगता है कि उसके सदस्य को प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और उसकी मौत के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा, तो विपक्ष का उसके साथ खड़ा होना स्वाभाविक है।

अंतिम संस्कार से पहले पत्र देने पर भी सवाल

वड़िंग ने विशेष रूप से उस घटनाक्रम पर सवाल उठाया जिसमें परिवार को गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार से पहले नौकरी से संबंधित पत्र सौंपे जाने की बात कही गई है। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, दुख की घड़ी में परिवार को यह भरोसा दिया गया कि उसे नौकरी दी जा रही है, जबकि दस्तावेज वास्तव में केवल नियुक्ति की सिफारिश से संबंधित था।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि परिवार को पत्र की प्रकृति के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी या नहीं। यदि पत्र नियुक्ति आदेश नहीं था तो उसे नौकरी के प्रस्ताव के रूप में क्यों पेश किया गया, यह सवाल सरकार से जवाब मांगता है।

कांग्रेस ने कहा है कि वह इस पूरे मामले में दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रिया को भी सार्वजनिक करने की मांग करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परिवार को क्या आश्वासन दिया गया और उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

‘न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस’

राजा वड़िंग ने परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि कांग्रेस इस मामले को बीच में नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसी परिवार की पीड़ा को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित करना नहीं, बल्कि उसे न्याय दिलाने के लिए दबाव बनाना है।

उन्होंने कहा कि सरकार को परिवार की मांगों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दबाव की बात सामने आती है तो उसकी जांच कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी परिवार को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर समर्थन देने के लिए तैयार है। उन्होंने दोहराया कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

गुलजार सिंह की मौत और परिवार को नौकरी के नाम पर दिए गए पत्र को लेकर अब पंजाब की राजनीति में टकराव और बढ़ने के आसार हैं। एक तरफ कांग्रेस इस मामले को लेकर प्रदेशभर में सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष इस विवाद में महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि गुलजार सिंह के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा।