पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच जुबानी टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। भाजपा की ओर से निकाली जा रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाकर किए जा रहे विरोध पर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनुज खोसला ने प्रतिक्रिया दी है।
खोसला ने कहा कि नशे का मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब के हजारों परिवारों से जुड़ा गंभीर सामाजिक संकट है। उनके अनुसार, ऐसे मुद्दे पर राजनीतिक विरोध की बजाय सभी दलों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और नशा प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी की यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना और समाज को इस समस्या के खिलाफ एकजुट करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और युवाओं को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
नशे को राजनीतिक मुद्दे की बजाय सामाजिक संकट मानने की अपील
अनुज खोसला ने कहा कि पंजाब में नशे का प्रभाव केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। इसके कारण कई परिवार सामाजिक और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने से परिवारों पर मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से पंजाब के युवा और उनके परिवार नशे के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में जब कोई संगठन या राजनीतिक दल नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाता है तो उसके उद्देश्य को राजनीतिक विरोध के नजरिए से देखने की बजाय समस्या के समाधान के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
खोसला ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारधारात्मक और नीतिगत मतभेद हो सकते हैं, लेकिन नशे के खिलाफ लड़ाई को लेकर साझा प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों को केवल भाषण या राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि प्रभावी कार्रवाई, उपचार, पुनर्वास और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता है।
सरकार से जवाबदेही और आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा युवा मोर्चा नेता ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले पार्टी ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने को लेकर कई वादे किए थे। अब सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान नशे की रोकथाम और तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने रखना चाहिए।
खोसला ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नशे की तस्करी रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए, कितने मामलों में कार्रवाई हुई और नशा प्रभावित लोगों के उपचार व पुनर्वास के लिए क्या व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ किसी भी सरकारी नीति की प्रभावशीलता का आकलन स्पष्ट आंकड़ों और जमीन पर हुए काम के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने सरकार से नशा पीड़ितों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने की व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग की। उनके अनुसार, केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। नशे की समस्या से निपटने के लिए रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और रोजगार जैसे पहलुओं पर एक साथ काम करना जरूरी है।
‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्देश्य जागरूकता बताया
खोसला ने कहा कि भाजपा की ओर से आयोजित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करना है। उनके अनुसार, यात्रा के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करने तथा उन्हें नशे के खिलाफ सामाजिक अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस और प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। परिवार, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं, धार्मिक और सामुदायिक संगठन तथा युवा संगठन भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खोसला ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है। उनका कहना है कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ नशे की उपलब्धता और तस्करी के नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
सप्लाई चेन पर सख्ती की मांग
भाजपा नेता ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल नशा करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने से समाधान नहीं होगा। नशे की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से तस्करी के नेटवर्क, वितरण तंत्र और नशीले पदार्थों की उपलब्धता के स्रोतों पर सख्ती करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जो युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें अपराधी के तौर पर देखने की बजाय उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था से जोड़ना भी जरूरी है। वहीं नशे के कारोबार में शामिल तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
खोसला के मुताबिक, पंजाब में नशे से प्रभावित परिवारों को भी सरकारी और सामाजिक सहयोग की जरूरत है। कई परिवार अपने स्तर पर उपचार और पुनर्वास का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास केंद्रों को मजबूत करना जरूरी है।
रोजगार और पुनर्वास को भी अभियान का हिस्सा बनाने की बात
भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि नशे की समस्या के समाधान के लिए युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाना भी आवश्यक है। उनके अनुसार, युवाओं को शिक्षा, खेल, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के बाद व्यक्ति को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी चुनौती है। यदि पुनर्वास के बाद रोजगार और सामाजिक स्वीकार्यता का अवसर नहीं मिलता तो दोबारा नशे की ओर लौटने का खतरा बना रहता है। इसलिए उपचार के साथ पुनर्वास और रोजगार को भी व्यापक रणनीति का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
राजनीतिक विरोध पर खोसला का पलटवार
‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान काले झंडे दिखाए जाने को लेकर खोसला ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम का विरोध करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन नशे जैसे मुद्दे पर राजनीतिक टकराव को प्राथमिकता देना समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि काले झंडे दिखाने या राजनीतिक विरोध करने से पंजाब में नशे की समस्या खत्म नहीं होगी। इसके बजाय सभी राजनीतिक दलों को यह देखना चाहिए कि नशे की रोकथाम के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
खोसला ने पंजाब सरकार से अपील की कि यदि सरकार नशे के खिलाफ गंभीरता से काम कर रही है तो उसे जागरूकता अभियानों में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की मुहिम से अलग रहते हुए भी सरकार और सभी राजनीतिक संगठन नशे के खिलाफ साझा सामाजिक अभियान को मजबूत कर सकते हैं।
युवाओं और अभिभावकों से भागीदारी की अपील
खोसला ने पंजाब के युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियानों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का प्रभाव केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता जो नशे का सेवन करता है, बल्कि पूरा परिवार और समाज इससे प्रभावित होता है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों और उनके सामाजिक माहौल पर ध्यान देने के साथ उनके साथ संवाद बढ़ाने की अपील की। वहीं युवाओं से खेल, शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। यदि युवाओं को नशे से बचाकर शिक्षा, रोजगार, खेल और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो इसका सीधा असर प्रदेश के भविष्य पर पड़ेगा।
साझा अभियान की जरूरत पर जोर
भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई लंबी और बहुआयामी है। इसे केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं किया जा सकता। सरकार को कानून-व्यवस्था के स्तर पर कार्रवाई के साथ-साथ उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था मजबूत करनी होगी, जबकि समाज को जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों में भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राजनीतिक दलों के बीच कम से कम इस मुद्दे पर सहयोग का माहौल बनना चाहिए। उनके मुताबिक, नशे के खिलाफ अभियान तभी व्यापक प्रभाव पैदा कर सकते हैं जब सरकार, राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, परिवार और युवा एक साथ भागीदारी करें।
खोसला ने दोहराया कि भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना और इस मुद्दे को सामाजिक अभियान का रूप देना है। उन्होंने कहा कि पंजाब के भविष्य को नशे से बचाने के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है।




