एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल मुकाबला मंगलवार को भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें निस्शिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आमने-सामने होंगी। मुकाबले की शुरुआत सुबह 10:30 बजे से होगी। भारत की नजर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीतने पर होगी। इससे पहले 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
इस बार भी भारत का सफर अब तक शानदार रहा है। टीम ने क्वार्टर फाइनल में जापान को 8 विकेट से हराया और इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी। दूसरी ओर श्रीलंका ने क्वार्टर फाइनल में मलेशिया को 86 रन से हराया, जबकि सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल से पहले दोनों टीमों के बीच टी-20 मुकाबलों का रिकॉर्ड भारत के पक्ष में है। अब तक खेले गए 32 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में भारत ने 26 मुकाबले जीते हैं, जबकि श्रीलंका को 5 मैचों में जीत मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पिछले सात टी-20 मैच लगातार जीते हैं।
शेफाली के बल्ले ने मचाई धूम
फाइनल में भारत की सबसे बड़ी ताकत युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा हो सकती हैं। टूर्नामेंट में उनका बल्ला अब तक जमकर चला है और खास बात यह है कि वह अभी तक आउट नहीं हुई हैं। उन्होंने केवल 64 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 140 रन बना दिए हैं।
शेफाली ने इस दौरान 9 चौके और 11 छक्के लगाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 218.75 का है। टूर्नामेंट में 100 या उससे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों के बीच यह सबसे तेज स्ट्राइक रेट है।
शेफाली की मौजूदा फॉर्म को देखकर श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने शुरुआती ओवरों में बड़ी चुनौती होगी। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने जापान के खिलाफ सिर्फ 15 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाए थे। इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ उनका बल्ला और भी आक्रामक नजर आया। उन्होंने 51 गेंदों पर नाबाद 100 रन की पारी खेली।
यह व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल क्रिकेट में शेफाली का पहला शतक भी रहा। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 195/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। जवाब में बांग्लादेश की पूरी टीम 81 रन पर सिमट गई और भारत ने 114 रन से मुकाबला जीत लिया।
शेफाली का हालिया रिकॉर्ड भी उन्हें आत्मविश्वास देगा। एशियन गेम्स से पहले खेले गए मुकाबलों में भी उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था। उनके पिछले चार टी-20 इंटरनेशनल स्कोर 64, 68, नाबाद 40 और नाबाद 100 रन रहे हैं। यानी पिछले चार मैचों में वह तीन बार 60 से ज्यादा रन बना चुकी हैं।
श्रीलंका की सबसे बड़ी उम्मीद कप्तान अट्टापट्टू
श्रीलंका की टीम के पास भी ऐसा बल्लेबाजी हथियार मौजूद है, जो भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। कप्तान चमारी अट्टापट्टू इस टूर्नामेंट में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं। उनके खाते में दो मैचों में 146 रन हैं।
अट्टापट्टू ने अब तक 63 और नाबाद 83 रन की पारियां खेली हैं। खास तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को बड़ी जीत दिलाई। 178 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 83 रन बनाए और टीम ने 17.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह एशियन गेम्स में श्रीलंका का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी रहा। अट्टापट्टू सिर्फ बल्ले से ही टीम को योगदान नहीं दे रही हैं। गेंदबाजी में भी उन्होंने प्रभाव छोड़ा है। टूर्नामेंट में उनके गेंदबाजी आंकड़े 2/3 और 1/30 रहे हैं।
भारत को इसलिए श्रीलंकाई कप्तान को जल्द रोकने की रणनीति बनानी होगी। अगर अट्टापट्टू क्रीज पर लंबे समय तक टिकती हैं तो श्रीलंका का स्कोर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
भारत के ओपनर्स पर फिर रहेगी जिम्मेदारी
भारतीय टीम की बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा भरोसा टॉप ऑर्डर पर है। शेफाली वर्मा के साथ स्मृति मंधाना की जोड़ी भारत को मजबूत शुरुआत देने की क्षमता रखती है। सेमीफाइनल में मंधाना ने 37 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 40 रन की उपयोगी पारी खेली।
हालांकि नंबर-3 के बाद भारतीय बल्लेबाजी को लेकर कुछ सवाल बने हुए हैं। जी. कमालिनी और भारती फुलमाली को अभी तक मिले अवसरों में बड़ी पारियां खेलने का मौका नहीं मिला है। यदि भारत शुरुआती विकेट जल्दी गंवाता है तो मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे समय में ऋचा घोष तेजी से रन बनाने वाली अहम बल्लेबाज साबित हो सकती हैं। भारत को फाइनल में शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत होगी, क्योंकि श्रीलंका के पास अट्टापट्टू के रूप में तेज रन बनाने वाली बल्लेबाज मौजूद हैं।
गेंदबाजी में भारत की रणनीति में स्पिन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। दीप्ति शर्मा और एन. श्री चरणी ने टूर्नामेंट में विकेट हासिल किए हैं। दोनों पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकने की जिम्मेदारी होगी।
श्रीलंका के पास भी कई अहम बल्लेबाज
श्रीलंका की बल्लेबाजी सिर्फ अट्टापट्टू तक सीमित नहीं है। हसीनी परेरा और कविशा दिलहारी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। हसीनी ने पाकिस्तान के खिलाफ 26 गेंदों में 42 रन की तेज पारी खेली थी।
वहीं कविशा दिलहारी ने मलेशिया के खिलाफ 27 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाए थे। ऐसे में भारत को श्रीलंका के टॉप ऑर्डर के साथ-साथ मिडिल ऑर्डर को भी नियंत्रण में रखना होगा।
बारिश ने बढ़ाई फाइनल की चिंता
भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले गोल्ड मेडल मैच पर मौसम की भी नजर रहेगी। निस्शिन और आइची-नागोया इलाके में खराब मौसम का असर एशियन गेम्स के अन्य मुकाबलों पर भी देखने को मिला है। टाइफून डुजुआन के प्रभाव से जापान के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है।
21 सितंबर को खराब मौसम के कारण एक घुड़सवारी प्रतियोगिता भी स्थगित करनी पड़ी थी। 22 सितंबर के मौसम को लेकर अलग-अलग पूर्वानुमानों में बारिश की संभावना अलग-अलग बताई गई है। कुछ अनुमान करीब 20 प्रतिशत बारिश की संभावना जता रहे हैं, जबकि दूसरे पूर्वानुमानों में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत तक पहुंच रहा है। तापमान 29 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
अगर बारिश के कारण फाइनल नहीं हो पाता और रिजर्व डे से भी मैच पूरा नहीं कराया जा सकता, तो प्रतियोगिता के नियम अहम हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में ऊंची वरीयता प्राप्त टीम को गोल्ड मेडल दिए जाने का प्रावधान है। उपलब्ध टूर्नामेंट जानकारी के मुताबिक इस स्थिति में भारत को फायदा मिलेगा।
बारिश पहले भी बदल चुकी है नॉकआउट का नतीजा
इस प्रतियोगिता में मौसम पहले ही एक नॉकआउट मैच का फैसला कर चुका है। चीन और बांग्लादेश के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला लगातार बारिश के कारण शुरू ही नहीं हो सका था। एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी और मुकाबला रद्द करना पड़ा।
इसके बाद रैंकिंग के आधार पर बांग्लादेश को अगले दौर में प्रवेश मिला। इसलिए भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल में भी मौसम की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोरोगी पार्क में कैसी होगी पिच?
फाइनल के लिए चुना गया कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क अपेक्षाकृत नया क्रिकेट वेन्यू है। इस मैदान का इस्तेमाल पहले बेसबॉल सुविधा के तौर पर किया जाता था। मार्च 2026 में इसे क्रिकेट के लिए तैयार किया गया और यहां हाइब्रिड पिच लगाई गई है।
मैदान की सबसे छोटी बाउंड्री लगभग 65 मीटर की है। यहां अब तक 11 टी-20 मुकाबले खेले जा चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 6 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते, जबकि 5 मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम विजयी रही।
इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर करीब 135 रन रहा है, जबकि दूसरी पारी का औसत 87 रन है। यहां अब तक सबसे बड़ा स्कोर 204/5 रहा है। सबसे बड़ा सफल रन चेज 178/2 का है, जिसे श्रीलंका ने पाकिस्तान के खिलाफ हासिल किया था।
भारत भी इसी मैदान पर अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखा चुका है। बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टीम ने 195/4 का स्कोर बनाया था। इसलिए फाइनल में पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच किस तरह संतुलन बनाती है, यह मुकाबले की दिशा तय कर सकता है।
भारत के पास शेफाली वर्मा जैसी आक्रामक बल्लेबाज हैं, जबकि श्रीलंका की उम्मीदें कप्तान चमारी अट्टापट्टू पर टिकी हैं। एक तरफ भारत लगातार सात टी-20 में श्रीलंका को हराने के रिकॉर्ड के साथ उतरेगा, तो दूसरी तरफ श्रीलंकाई टीम अपने सफल रन चेज के आत्मविश्वास के साथ गोल्ड मेडल के लिए मैदान में उतरेगी। ऐसे में फाइनल में बल्लेबाजी, स्पिन गेंदबाजी और मौसम तीनों पर खास नजर रहेगी।




