रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर में सह-प्रभारी की जिम्मेदारी, राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक नियुक्तियों में हिमाचल को दिया प्रतिनिधित्व
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठन में व्यापक स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास करते हुए हिमाचल प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया है। पार्टी ने श्रीकांत शर्मा को दोबारा हिमाचल प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य दर्शना सिंह को प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश भाजपा से जुड़ी पच्छाद की विधायक रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर घोषित इन नियुक्तियों को हिमाचल भाजपा के संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीकांत शर्मा को प्रदेश की जिम्मेदारी दोबारा मिलने से पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी, जबकि दर्शना सिंह के रूप में प्रदेश को एक नया सह-प्रभारी मिला है। दूसरी ओर, रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेश में संगठनात्मक जिम्मेदारी देकर हिमाचल के एक विधायक को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर दिया गया है।
श्रीकांत शर्मा पर दोबारा जताया भरोसा
भाजपा नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश के संगठन प्रभारी के रूप में श्रीकांत शर्मा पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उत्तर प्रदेश की मथुरा विधानसभा सीट से विधायक श्रीकांत शर्मा उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उनका जन्म 1 जुलाई 1970 को हुआ और वे स्नातक हैं।
श्रीकांत शर्मा का भाजपा संगठन में लंबा अनुभव रहा है। वे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सहित राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न संगठनात्मक और मीडिया संबंधी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। पार्टी के भीतर संगठन और चुनावी प्रबंधन से जुड़े कामकाज का अनुभव भी उनके खाते में रहा है।
हिमाचल प्रदेश के साथ उनका जुड़ाव लोकसभा चुनाव के दौरान और मजबूत हुआ। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। चुनाव के बाद उन्हें प्रदेश भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें इसी जिम्मेदारी पर आगे भी बनाए रखने का निर्णय लिया है।
चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत के दौरान संभाली थी जिम्मेदारी
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने राज्य की चारों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में श्रीकांत शर्मा प्रदेश के चुनाव प्रभारी की भूमिका में थे। चुनाव के बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश का संगठन प्रभारी बनाया गया।
अब दोबारा प्रभारी बनाए जाने से उनके सामने प्रदेश संगठन के मौजूदा ढांचे को आगे बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी रहेगी। हिमाचल में आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों, विधानसभा स्तर पर पार्टी की तैयारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय जैसे विषय प्रभारी की भूमिका में महत्वपूर्ण रहेंगे।
श्रीकांत शर्मा के पास उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर काम करने का अनुभव है। राष्ट्रीय संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के कारण प्रदेश स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की भूमिका भी उनके दायित्व का हिस्सा रहेगी।
दर्शना सिंह को मिली सह-प्रभारी की जिम्मेदारी
हिमाचल प्रदेश के संगठन में अब दर्शना सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। दर्शना सिंह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं और उनका भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय जुड़ाव रहा है। उनका राज्यसभा का पहला कार्यकाल 5 जुलाई 2022 से शुरू हुआ था। वे स्नातकोत्तर शिक्षित हैं।
दर्शना सिंह ने संगठन के विभिन्न स्तरों पर काम किया है। उपलब्ध सार्वजनिक विवरण के अनुसार उन्होंने वर्ष 2008 में सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2011 में उन्हें चंदौली जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2013 में वे भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य बनीं।
संगठन में आगे बढ़ते हुए वर्ष 2015 में उन्हें भाजपा काशी क्षेत्र की मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2018 में वे भाजपा महिला मोर्चा की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनीं। इसके बाद उन्होंने महिला मोर्चा के राष्ट्रीय स्तर पर भी जिम्मेदारी संभाली और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में काम किया।
दर्शना सिंह की पृष्ठभूमि केवल संगठनात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रही है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने आकाशवाणी और दूरदर्शन के इलाहाबाद केंद्र में भी काम किया। इतिहास विषय में उन्होंने स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल की है।
महिला संगठन में अनुभव का मिलेगा लाभ
हिमाचल प्रदेश भाजपा में सह-प्रभारी के रूप में दर्शना सिंह की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी संगठन में महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। महिला मोर्चा से लेकर पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक पदों तक काम करने के उनके अनुभव का इस्तेमाल प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय में किया जा सकता है।
सह-प्रभारी के तौर पर उनकी भूमिका प्रदेश प्रभारी के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने, पार्टी के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों से समन्वय करने और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को प्रदेश संगठन तक पहुंचाने से जुड़ी रहेगी।
रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश को एक और महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है। पच्छाद की विधायक रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर के प्रभारी के रूप में डॉ. सतीश पूनिया को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उनके साथ रीना कश्यप सह-प्रभारी के तौर पर काम करेंगी।
रीना कश्यप के लिए यह जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश से बाहर संगठनात्मक काम करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्हें ऐसे प्रदेश की जिम्मेदारी में शामिल किया गया है जहां भाजपा का संगठनात्मक ढांचा अलग राजनीतिक और भौगोलिक परिस्थितियों में काम करता है। इस भूमिका में उन्हें स्थानीय संगठन के साथ समन्वय, पार्टी गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में भागीदारी सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
पच्छाद से दूसरी बार विधायक हैं रीना कश्यप
रीना कश्यप हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की पच्छाद विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने पहली बार अक्टूबर 2019 में पच्छाद विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। इसके बाद दिसंबर 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पच्छाद सीट से जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार विधायक बनीं।
स्नातकोत्तर शिक्षित रीना कश्यप का विधानसभा और प्रदेश संगठन की राजनीति में सक्रिय अनुभव रहा है। अब उन्हें प्रदेश से बाहर संगठनात्मक दायित्व दिए जाने से उनका कार्यक्षेत्र भी विस्तृत होगा।
जम्मू-कश्मीर में सह-प्रभारी के तौर पर उन्हें प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करना होगा। इसके साथ ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और स्थानीय संगठन के बीच संवाद को मजबूत रखने की जिम्मेदारी भी उनके काम का हिस्सा रहेगी।
हिमाचल भाजपा को राष्ट्रीय संगठन में मिला प्रतिनिधित्व
भाजपा की नई नियुक्तियों में हिमाचल प्रदेश से जुड़े दो नेताओं को अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारी मिलना भी उल्लेखनीय है। एक ओर श्रीकांत शर्मा को हिमाचल का प्रभारी बनाए रखकर पार्टी ने मौजूदा संगठनात्मक व्यवस्था में निरंतरता कायम रखी है। दूसरी ओर दर्शना सिंह को सह-प्रभारी बनाकर प्रदेश संगठन में नई जिम्मेदारी जोड़ी गई है।
वहीं, रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर का सह-प्रभारी बनाए जाने से हिमाचल भाजपा के एक निर्वाचित प्रतिनिधि को दूसरे प्रदेश के संगठनात्मक कामकाज में भूमिका मिली है। इससे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में हिमाचल के नेताओं की भागीदारी का दायरा बढ़ेगा।
संगठन के सामने आगे कई अहम जिम्मेदारियां
हिमाचल प्रदेश में भाजपा के सामने आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाए रखने, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद और विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों के संचालन जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी। प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी इन गतिविधियों के लिए केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच समन्वय की भूमिका निभाएंगे।
श्रीकांत शर्मा को दोबारा जिम्मेदारी मिलने से उन्हें प्रदेश संगठन की मौजूदा संरचना और कामकाज की निरंतरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। वहीं, दर्शना सिंह की नियुक्ति से प्रदेश संगठन में एक नया संगठनात्मक अनुभव जुड़ेगा।
दूसरी तरफ रीना कश्यप के लिए जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी हिमाचल भाजपा की राजनीति से आगे राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर होगी। इस तरह भाजपा की ताजा संगठनात्मक नियुक्तियों में हिमाचल प्रदेश का जुड़ाव प्रदेश स्तर के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक कामकाज से भी दिखाई दे रहा है।




