हरियाणा के 1.20 लाख एचकेआरएनएल कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, 1540 रुपये तक मासिक इजाफे की तैयारी

हरियाणा के 1.20 लाख एचकेआरएनएल कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, 1540 रुपये तक मासिक इजाफे की तैयारी

वित्त और मानव संसाधन विभाग ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, सीएम नायब सिंह सैनी पहले ही दे चुके हैं सैद्धांतिक सहमति; एक जुलाई से लागू हो सकता है संशोधित वेतन

हरियाणा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) के माध्यम से सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त संस्थानों में कार्यरत करीब 1.20 लाख कर्मचारियों के लिए वेतन बढ़ोतरी का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार इन कर्मचारियों के मासिक पारिश्रमिक में 820 रुपये से लेकर 1540 रुपये तक की वृद्धि करने की तैयारी में है। युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव को वित्त विभाग और मानव संसाधन विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इस प्रस्ताव को पहले ही सैद्धांतिक स्वीकृति दे चुके हैं।

अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की ओर से वेतन संशोधन के आदेश जारी किए जाने का इंतजार है। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार बढ़े हुए पारिश्रमिक का लाभ मिल सकेगा। प्रस्ताव के अनुसार संशोधित वेतन एक जुलाई से लागू किया जाना है। हालांकि, कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन कब से मिलना शुरू होगा, यह अंतिम आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।

इस प्रस्ताव से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में एचकेआरएनएल के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। वेतन में वृद्धि का निर्धारण कर्मचारियों के कार्यस्तर, अनुभव और संबंधित जिले की श्रेणी के आधार पर किया जाएगा। इसी कारण अलग-अलग जिलों में समान स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के पारिश्रमिक में भी अंतर रहेगा।

अनुभव और जिले की श्रेणी के आधार पर तय होगा वेतन

हरियाणा सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। कर्मचारियों का वेतन उनके कार्यस्तर यानी लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 के साथ-साथ अनुभव के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। अनुभव को तीन वर्गों में रखा गया है—पांच साल तक, दस साल तक और दस साल से अधिक।

इस व्यवस्था के तहत अधिक अनुभव वाले कर्मचारियों को संबंधित लेवल में अधिक पारिश्रमिक मिलेगा। इसी तरह पहली श्रेणी के जिलों में वेतन की दरें दूसरी और तीसरी श्रेणी के जिलों की तुलना में अधिक रखी गई हैं।

प्रस्तावित वेतन दरों का उद्देश्य कर्मचारियों के पारिश्रमिक को निर्धारित मानकों के अनुसार संशोधित करना है। इससे कर्मचारियों को अपने मासिक वेतन में होने वाले बदलाव की जानकारी मिल सकेगी। हालांकि, अंतिम भुगतान संबंधित आदेशों और लागू नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।

पहली श्रेणी के जिलों में लेवल-1 कर्मचारियों को 26,340 रुपये तक

पहली श्रेणी में शामिल जिलों में कार्यरत एचकेआरएनएल कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित वेतन दरें अन्य श्रेणियों के मुकाबले अधिक हैं। इस श्रेणी में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, दिल्ली और चंडीगढ़ शामिल हैं।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, इन क्षेत्रों में लेवल-1 के पांच साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों को 21,950 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। दस साल तक का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों के लिए यह राशि 24,150 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव वाले कर्मचारियों के लिए 26,340 रुपये निर्धारित की गई है।

लेवल-2 के कर्मचारियों के लिए पांच साल तक के अनुभव पर 25,830 रुपये, दस साल तक के अनुभव पर 28,420 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव पर 31,000 रुपये मासिक पारिश्रमिक प्रस्तावित है।

वहीं, लेवल-3 के कर्मचारियों को पांच साल तक के अनुभव पर 26,570 रुपये, दस साल तक के अनुभव पर 29,230 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव होने पर 31,890 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

इस प्रकार पहली श्रेणी के जिलों में लेवल-3 के दस साल से अधिक अनुभव वाले कर्मचारियों का प्रस्तावित मासिक पारिश्रमिक 31,890 रुपये होगा।

दूसरी श्रेणी के जिलों में वेतन की प्रस्तावित दरें

दूसरी श्रेणी में शामिल जिलों के कर्मचारियों के लिए भी अनुभव और कार्यस्तर के आधार पर संशोधित पारिश्रमिक तय किया गया है। इस श्रेणी में पानीपत, झज्जर, पलवल, करनाल, अंबाला, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, भिवानी और जींद शामिल हैं।

इन जिलों में लेवल-1 के पांच साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों को 19,380 रुपये मासिक वेतन देने का प्रस्ताव है। दस साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों के लिए यह राशि 21,320 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव रखने वालों के लिए 23,260 रुपये निर्धारित की गई है।

लेवल-2 में पांच साल तक के अनुभव पर 23,160 रुपये, दस साल तक के अनुभव पर 25,480 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव पर 27,800 रुपये मासिक पारिश्रमिक प्रस्तावित है।

लेवल-3 के कर्मचारियों के लिए पांच साल तक के अनुभव पर 23,940 रुपये, दस साल तक के अनुभव पर 26,340 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव होने पर 28,730 रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है।

इस श्रेणी में भी अनुभव बढ़ने के साथ पारिश्रमिक में अंतर रखा गया है। इससे कर्मचारियों को उनके सेवा अनुभव के अनुरूप वेतन मिलने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

तीसरी श्रेणी के जिलों में लेवल-3 पर 27,040 रुपये तक वेतन

तीसरी श्रेणी में शामिल जिलों में महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी आते हैं। इन जिलों में एचकेआरएनएल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए अलग-अलग लेवल और अनुभव के आधार पर वेतन दरें तय की गई हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, लेवल-1 के पांच साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों को 17,910 रुपये मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। दस साल तक का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों के लिए यह राशि 19,700 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव वालों के लिए 21,500 रुपये निर्धारित की गई है।

लेवल-2 के कर्मचारियों के लिए पांच साल तक के अनुभव पर 21,840 रुपये, दस साल तक के अनुभव पर 24,000 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव पर 26,210 रुपये मासिक वेतन प्रस्तावित है।

इसी प्रकार लेवल-3 में पांच साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों को 22,530 रुपये, दस साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों को 24,790 रुपये और दस साल से अधिक अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को 27,040 रुपये प्रतिमाह देने का प्रस्ताव है।

इस तरह तीसरी श्रेणी के जिलों में लेवल-3 के सबसे अधिक अनुभव वाले कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित मासिक पारिश्रमिक 27,040 रुपये होगा।

तीनों श्रेणियों में प्रस्तावित मासिक वेतन

प्रस्तावित संशोधित वेतन दरों के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाला मासिक पारिश्रमिक इस प्रकार रहेगा:

जिला श्रेणीलेवल-1लेवल-2लेवल-3
पहली श्रेणी21,950 से 26,340 रुपये25,830 से 31,000 रुपये26,570 से 31,890 रुपये
दूसरी श्रेणी19,380 से 23,260 रुपये23,160 से 27,800 रुपये23,940 से 28,730 रुपये
तीसरी श्रेणी17,910 से 21,500 रुपये21,840 से 26,210 रुपये22,530 से 27,040 रुपये

तालिका में प्रत्येक लेवल के लिए पांच साल तक और दस साल से अधिक अनुभव वाले कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम प्रस्तावित वेतन दरें दी गई हैं। दस साल तक के अनुभव की दरें संबंधित विवरण में अलग से दी गई हैं।

सीएम की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद आदेशों का इंतजार

वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाया जा चुका है। युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे वित्त विभाग और मानव संसाधन विभाग की मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से भी इसे सैद्धांतिक स्वीकृति दी जा चुकी है।

अब निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ओर से औपचारिक आदेश जारी किए जाने की प्रक्रिया बाकी है। आदेश जारी होने के बाद ही संशोधित वेतन दरों के लागू होने और भुगतान की प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होगी।

प्रस्ताव के अनुसार, वेतन संशोधन एक जुलाई से प्रभावी होना है। यदि आदेशों में इसी तारीख को लागू करने की पुष्टि होती है, तो कर्मचारियों को संशोधित दरों के हिसाब से भुगतान किया जा सकेगा। जुलाई से वास्तविक भुगतान तक की प्रक्रिया और संभावित बकाया राशि के संबंध में अंतिम आदेशों में दी गई शर्तें महत्वपूर्ण होंगी।

1.20 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त संस्थानों में करीब 1.20 लाख कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। प्रस्तावित वेतन वृद्धि का लाभ इसी वर्ग के कर्मचारियों को निर्धारित पात्रता और वेतन संरचना के अनुसार मिलने की उम्मीद है।

वेतन में 820 रुपये से 1540 रुपये तक की प्रस्तावित मासिक वृद्धि से कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, हर कर्मचारी के वेतन में समान राशि नहीं बढ़ेगी। वास्तविक वृद्धि संबंधित कर्मचारी के वर्तमान पारिश्रमिक, लेवल, अनुभव और जिले की श्रेणी के आधार पर तय होगी।

सरकारी संस्थानों में एचकेआरएनएल के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि उनकी मासिक आय घरेलू खर्चों और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रमुख साधन है। बढ़ा हुआ पारिश्रमिक मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

फिलहाल कर्मचारियों की नजर निगम के आधिकारिक आदेशों पर है। वित्त और मानव संसाधन विभाग की मंजूरी तथा मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति के बाद अब औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। आदेश जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि संशोधित वेतन किस प्रक्रिया से और किस समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचना शुरू होगा।