मोहाली में एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबलों का रोमांच, 13 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद

मोहाली में एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबलों का रोमांच, 13 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद

4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल और फाइनल के लिए सज रहा ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर स्टेडियम, दोनों दिन दर्शकों को मिलेगा निःशुल्क प्रवेश; सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लाइव संगीत से सजेगी हॉकी की शाम

मोहाली। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 के निर्णायक मुकाबलों को यादगार बनाने के लिए मोहाली के फेज-9 स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के लिए स्टेडियम को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मैदान से लेकर दर्शक दीर्घा और स्टेडियम के बाहरी हिस्से तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम जारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि 4 और 5 नवंबर को होने वाले मुकाबलों के दौरान करीब 13 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंचेंगे।

पंजाब में पहली बार आयोजित हो रही इस प्रतिष्ठित हॉकी प्रतियोगिता के निर्णायक चरण को लेकर खेल प्रेमियों में खासा उत्साह है। सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी, जबकि 5 नवंबर को होने वाला फाइनल मुकाबला चैंपियन का फैसला करेगा। आयोजन को भव्य रूप देने के लिए स्टेडियम में खेल सुविधाओं के साथ-साथ दर्शकों के मनोरंजन और पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जा रही है।

स्टेडियम को दिया जा रहा अंतरराष्ट्रीय आयोजन का स्वरूप

मुकाबलों से पहले स्टेडियम परिसर को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट का काम तेज कर दिया गया है। परिसर में विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों के पोस्टर और बड़े-बड़े होर्डिंग भी लगाए जा रहे हैं। इन तैयारियों का उद्देश्य स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता जैसा माहौल तैयार करना है, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

मैदान की स्थिति, दर्शक दीर्घा की व्यवस्था और स्टेडियम के आसपास के हिस्सों को व्यवस्थित किया जा रहा है। दर्शकों के बैठने के इंतजामों की जांच की जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा प्रवेश और अन्य जरूरी सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

रात के मुकाबलों के लिए रोशनी पर विशेष ध्यान

4 और 5 नवंबर को होने वाले मुकाबलों का कार्यक्रम शाम तक चलेगा। ऐसे में स्टेडियम की प्रकाश व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। शाम के समय होने वाले सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के दौरान मैदान पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के लिए लाइट्स की जांच और आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन, दर्शकों की सुविधा और मैच के सुचारु संचालन के लिहाज से प्रकाश व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। आयोजन से जुड़े अन्य तकनीकी इंतजामों को भी समय रहते पूरा करने की तैयारी है, ताकि मुकाबलों के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।

हॉकी के साथ दिखेगी पंजाब की सांस्कृतिक झलक

इस आयोजन को केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा गया है। दर्शकों के मनोरंजन के लिए मुकाबलों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रसिद्ध गायकों की लाइव प्रस्तुतियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण होंगी। इससे स्टेडियम में खेल के रोमांच के साथ संगीत और मनोरंजन का माहौल भी बनेगा।

पंजाब की परंपरा, ग्रामीण जीवन और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए परिसर में ‘साडा पिंड’ भी तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से दर्शकों को पंजाब की पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन में आने वाले देश-विदेश के मेहमानों और खिलाड़ियों के लिए यह विशेष आकर्षण होगा। इस पहल से खेल प्रतियोगिता के साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

दोनों दिन प्रवेश निःशुल्क, डिजिटल टिकट जरूरी

आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों को मुकाबलों से जोड़ने के लिए दोनों दिन दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क रखा है। हालांकि, स्टेडियम में प्रवेश के लिए निःशुल्क डिजिटल टिकट लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए दर्शकों को www.ticketgenie.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके अलावा आयोजन के आधिकारिक क्यूआर कोड को स्कैन करके भी अपनी पसंद के मुकाबले का चयन किया जा सकता है।

दर्शकों से अपील है कि वे स्टेडियम पहुंचने से पहले डिजिटल टिकट के लिए पंजीकरण पूरा कर लें, ताकि प्रवेश के समय किसी तरह की असुविधा न हो। करीब 13 हजार दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए टिकट पंजीकरण और बैठने की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

4 नवंबर को होंगे दोनों सेमीफाइनल

टूर्नामेंट के कार्यक्रम के अनुसार, 4 नवंबर को दोपहर 2 बजे पांचवें और छठे स्थान के लिए वर्गीकरण मुकाबला खेला जाएगा। इसके बाद शाम 4:30 बजे पहला सेमीफाइनल शुरू होगा। दिन का दूसरा सेमीफाइनल शाम 7 बजे खेला जाएगा। इन दोनों मुकाबलों के परिणाम से फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला होगा।

सेमीफाइनल मुकाबलों में टीमों के सामने खिताबी दौड़ में बने रहने की चुनौती होगी। ऐसे में दर्शकों को तेज रफ्तार हॉकी, आक्रामक खेल और रोमांचक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। दोनों सेमीफाइनल के विजेता अगले दिन स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेंगे, जबकि हारने वाली टीमों के सामने कांस्य पदक जीतने का अवसर होगा।

5 नवंबर को कांस्य और स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला

प्रतियोगिता का अंतिम दिन यानी 5 नवंबर पदकों के फैसले के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। इस दिन शाम 4:30 बजे कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जाएगा। इसके बाद शाम 7 बजे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला यानी फाइनल आयोजित होगा। फाइनल में जीत दर्ज करने वाली टीम हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 की चैंपियन बनेगी और स्वर्ण पदक अपने नाम करेगी।

फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह रहने की संभावना है। दो दिनों तक चलने वाले इन निर्णायक मुकाबलों के साथ प्रतियोगिता अपने समापन की ओर बढ़ेगी।

खेल और संस्कृति का साझा मंच बनेगा मोहाली

मोहाली में आयोजित इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण को भव्य बनाने के लिए की जा रही तैयारियां खेल और संस्कृति को एक मंच पर लाने की कोशिश हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों के साथ पंजाब की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रसिद्ध गायकों का लाइव कार्यक्रम और ‘साडा पिंड’ दर्शकों को एक अलग अनुभव देने की तैयारी में हैं।

स्टेडियम में सजावट, प्रकाश व्यवस्था, दर्शक सुविधाओं और अन्य इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अब खेल प्रेमियों की नजरें 4 और 5 नवंबर पर टिकी हैं, जब मोहाली में एशियाई हॉकी की शीर्ष टीमों के बीच पदकों के लिए निर्णायक संघर्ष होगा। निःशुल्क प्रवेश की सुविधा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।