नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल, अमित शाह के तीन साल में ड्रग्स खत्म करने के दावे पर साधा निशाना; प्रधानमंत्री मोदी को दी बहस की चुनौती
संगरूर। पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक तैयारियों को तेज करते हुए संगरूर में इंसाफ रैली के माध्यम से चुनावी अभियान का आगाज किया। रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहुंचकर आम आदमी पार्टी की सरकार को नशे, कानून-व्यवस्था और प्रदेश के राजनीतिक नेतृत्व जैसे मुद्दों पर घेरा। उन्होंने पंजाब में तेजी से फैल रहे नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो पंजाब के हितों के लिए पूरी ताकत से लड़े। पंजाब का मुख्यमंत्री ऐसा होना चाहिए जो केवल पंजाब के बारे में सोचे और प्रदेश के लोगों की आवाज बनकर काम करे।
राहुल गांधी ने रैली में मौजूद लोगों से पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति और सरकार चलाने का तरीका पंजाब की परिस्थितियों और यहां के लोगों की जरूरतों के अनुरूप होगा। कांग्रेस पंजाब की सरकार को पंजाब से ही चलाती है और भविष्य में भी यही व्यवस्था रहेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस का मुख्यमंत्री पंजाब का मुख्यमंत्री होता है। उनका इशारा इस बात की ओर था कि प्रदेश की सरकार के फैसले पंजाब के लोगों और यहां के नेतृत्व की प्राथमिकताओं के आधार पर होने चाहिए।
पंजाब में नशे के बढ़ते प्रसार पर जताई चिंता
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा बुरी तरह फैल रहा है और यह प्रदेश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। नशे के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसी सरकार की जरूरत है जो इस समस्या को केवल चुनावी मुद्दे के रूप में न देखे, बल्कि इसके खिलाफ गंभीरता और ईमानदारी से काम करे।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें तीन साल के भीतर पंजाब से ड्रग्स खत्म करने की बात कही गई है। राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ पंजाब से नशा खत्म करने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ गुजरात से हजारों किलो ड्रग्स जब्त किए जाने की खबरें सामने आती हैं। उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए और कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस कार्रवाई और राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।
राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखे। पंजाब की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने वाला नेतृत्व ही लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां के लोगों की भावनाओं के अनुरूप फैसले लेने जरूरी हैं।
जेलों में गैंगस्टरों के पनपने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भी आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जेलों में गैंगस्टरों को पाला जा रहा है। उनके मुताबिक, राज्य में अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों का बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिले और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
राहुल गांधी ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी घटनाएं और उनका प्रभाव एक तरह से फैशन बनता जा रहा है। उनके इस बयान का संदर्भ पंजाब में गैंगस्टरवाद, हिंसा और युवाओं के बीच अपराध से जुड़ी गतिविधियों के बढ़ते प्रभाव से था। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान मेहनत, बहादुरी, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रही है। ऐसे में प्रदेश में हिंसा और अपराध का माहौल बनना चिंता का विषय है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों को ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें। युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर मिलें तथा अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो।
मोदी को बहस की चुनौती देकर राष्ट्रीय राजनीति पर भी साधा निशाना
संगरूर की रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और राजनीतिक दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के सामने मौजूद मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार को सवालों से बचने के बजाय जनता के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन के जरिए पंजाब के राजनीतिक भविष्य को लेकर कांग्रेस का दृष्टिकोण भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो प्रदेश के हितों के लिए काम करे और यहां की समस्याओं को प्राथमिकता दे। उनके अनुसार, पंजाब के लोगों को ऐसी सरकार की जरूरत है जो बाहरी राजनीतिक दबावों के बजाय राज्य की जरूरतों के आधार पर फैसले ले।
मिशन-2027 के लिए कांग्रेस ने दिखाई ताकत
संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली को कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन के रूप में पेश किया। राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी ने नशे, कानून-व्यवस्था और पंजाब के अधिकारों जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की कोशिश की।
कांग्रेस की रणनीति के तहत प्रदेश में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को उसके चुनावी वादों और मौजूदा शासन के प्रदर्शन के आधार पर चुनौती देने का प्रयास किया जा रहा है। नशा मुक्ति, युवाओं का भविष्य, गैंगस्टरवाद और प्रदेश की कानून-व्यवस्था ऐसे मुद्दे हैं जिन पर आने वाले समय में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।
राहुल गांधी ने रैली के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को चुनावी संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने जनता से कांग्रेस को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब को ऐसा नेतृत्व मिलना चाहिए जो प्रदेश के लोगों के हितों के लिए समर्पित हो।
कुल मिलाकर संगरूर की इंसाफ रैली में कांग्रेस ने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अपना हमला तेज किया। राहुल गांधी ने नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर भगवंत मान सरकार को निशाने पर रखा, वहीं अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया। रैली के जरिए कांग्रेस ने यह संकेत देने की कोशिश की कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में नशा, सुरक्षा और पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दे उसके चुनावी अभियान के प्रमुख आधार होंगे।




