राज्य सरकार ने डीए और डीआर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की, एक जुलाई 2026 से लागू होगा नया लाभ; नवंबर के वेतन-पेंशन के साथ दिसंबर में होगा भुगतान
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की है। इस फैसले के बाद सातवें वेतन एवं पेंशन आयोग के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों तथा पेंशनरों का महंगाई भत्ता मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। बढ़ी हुई दर एक जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के उन कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा, जो सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अनुसार वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के मुताबिक, बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का भुगतान नवंबर के वेतन और पेंशन के साथ किया जाएगा। इसका वास्तविक भुगतान दिसंबर में होगा। वहीं, एक जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक की अवधि के चार महीने का बकाया जनवरी में जारी किया जाएगा।
जुलाई से मिलेगा बढ़ोतरी का लाभ
सरकार की ओर से महंगाई भत्ते में की गई तीन प्रतिशत की वृद्धि एक जुलाई 2026 से लागू होगी। इसका अर्थ है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई महीने से ही बढ़ी हुई दर के आधार पर लाभ देय होगा। हालांकि, बढ़ी हुई राशि नियमित वेतन और पेंशन के साथ बाद में मिलेगी। जुलाई से अक्टूबर तक की अवधि का अंतर यानी एरियर जनवरी में दिया जाएगा।
इस फैसले से कर्मचारियों के मासिक वेतन और पेंशन में महंगाई भत्ते के हिस्से में वृद्धि होगी। महंगाई राहत में बढ़ोतरी से पेंशनरों को भी अतिरिक्त राशि मिलेगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब कर्मचारी और पेंशनर लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अपने भत्तों में संशोधन की उम्मीद कर रहे थे।
दिसंबर में खाते में आएगी बढ़ी हुई राशि
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, नवंबर के वेतन और पेंशन की गणना नई दर यानी 63 प्रतिशत महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के आधार पर की जाएगी। नवंबर का वेतन और पेंशन दिसंबर में भुगतान किया जाएगा। इस तरह कर्मचारियों और पेंशनरों को दिसंबर में बढ़ी हुई दर का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
वहीं, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के चार महीनों के बकाया भुगतान के लिए जनवरी का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में 60 प्रतिशत और 63 प्रतिशत की दर के बीच का अंतर एरियर के रूप में दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को एकमुश्त अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी।
भत्ते की गणना के लिए तय किया नियम
सरकार ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की गणना में रुपये के अंश को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, गणना के दौरान यदि 50 पैसे या इससे अधिक का अंश आता है तो उसे अगले पूरे रुपये में माना जाएगा। वहीं, 50 पैसे से कम के अंश को नजरअंदाज किया जाएगा।
इस नियम के तहत भुगतान की राशि का निर्धारण किया जाएगा, ताकि सभी संबंधित कर्मचारियों और पेंशनरों को एक समान प्रक्रिया के आधार पर संशोधित भत्ता मिल सके।
कर्मचारी-पेंशनर वर्ग को मिलेगी राहत
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की वृद्धि से हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की आय में इजाफा होगा। कर्मचारियों को वेतन के साथ मिलने वाले महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में महंगाई राहत के रूप में बढ़ोतरी होगी।
सरकार के आदेश के बाद अब संबंधित विभागों को संशोधित दर के अनुसार वेतन और पेंशन की गणना करनी होगी। कर्मचारियों और पेंशनरों को नवंबर के भुगतान के साथ नई दर का लाभ मिलेगा, जबकि जुलाई से अक्टूबर तक का बकाया जनवरी में जारी किया जाएगा। इस तरह बढ़ोतरी का लाभ एक जुलाई से प्रभावी होने के बावजूद इसका नियमित भुगतान दिसंबर से शुरू होगा।




