गंभीरपुर स्थित आवास पर पंचों-सरपंचों को सौंपे ग्रांट के चेक, तीन गांवों को 10-10 लाख और 10 गांवों को 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए 13 गांवों को कुल 80 लाख रुपये की वित्तीय सहायता जारी की। गंभीरपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों के पंचों, सरपंचों और प्रतिनिधियों को ग्रांट के चेक सौंपे। इस राशि का इस्तेमाल गांवों में सड़कों, गलियों, नालियों, पेयजल, सफाई व्यवस्था और अन्य जरूरी विकास कार्यों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य गांवों का योजनाबद्ध तरीके से विकास करना है, ताकि ग्रामीण आबादी को शहरों जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। गांवों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
तीन गांवों को 10-10 लाख रुपये की ग्रांट
हरजोत सिंह बैंस ने गांव मांगेवाल, मीढवां लोअर और सैसोवाल को 10-10 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की। इस अवसर पर मांगेवाल के सरपंच इंद्रपाल सिंह, मीढवां लोअर के सरपंच जरनैल सिंह और सैसोवाल के सरपंच गुरदयाल सिंह ने मंत्री से ग्रांट के चेक प्राप्त किए।
इन तीनों गांवों को कुल 30 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इस राशि से गांवों में प्राथमिकता के आधार पर जरूरी विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। मंत्री ने गांवों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे स्थानीय लोगों की जरूरतों के अनुसार कार्यों की योजना तैयार करें, ताकि उपलब्ध धनराशि का अधिकतम लाभ ग्रामीणों को मिल सके।
10 अन्य गांवों को पांच-पांच लाख रुपये मिले
कार्यक्रम के दौरान 10 अन्य गांवों के विकास के लिए भी पांच-पांच लाख रुपये की ग्रांट जारी की गई। इनमें गांव काहिवाल के बीडीसी सदस्य रामपाल, सजमौर के रवि कुमार, महरोली के सुरजीत सिंह, मांगेवाल बाग के गुरनाम सिंह और दबखेड़ा लोअर की गुरदीप कौर को ग्रांट के चेक सौंपे गए।
इसी तरह गांव लंग माजरी के महेश जोशी, ब्रह्मपुर अपर के सुच्चा सिंह, महिंदली कलां के राजमुख सिंह, देहणी लोअर के कमलजीत सिंह राणा और दियापुर के जसविंदर सिंह को भी पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
इस तरह तीन गांवों को 30 लाख रुपये और 10 अन्य गांवों को 50 लाख रुपये की ग्रांट दी गई। सभी 13 गांवों के लिए जारी की गई कुल राशि 80 लाख रुपये है।
सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का काम जारी
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। गांवों की सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और गांवों का संपर्क आसपास के कस्बों तथा शहरों से बेहतर होगा।
उन्होंने बताया कि कई गांवों में सड़कों को चौड़ा करने और निर्माण का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष गांवों में भी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं को मजबूत किया जाए, ताकि किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी न हो।
बैंस ने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होती है और गांवों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
गलियों, नालियों और पेयजल सुविधाओं पर रहेगा जोर
मंत्री ने कहा कि गांवों के विकास का अर्थ केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण और जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। इसी उद्देश्य से सरकार गलियों, नालियों, पेयजल व्यवस्था, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की जरूरत अलग-अलग होती है। कहीं सड़क निर्माण की आवश्यकता है तो कहीं जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। इसी तरह कुछ गांवों में पेयजल और सफाई से संबंधित कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाने जरूरी हैं। सरकार स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से इन आवश्यकताओं को समझकर विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा रही है।
उन्होंने गांवों के प्रतिनिधियों से कहा कि ग्रांट का इस्तेमाल ऐसे कार्यों पर किया जाए, जिनसे अधिक से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिल सके। विकास योजनाओं को तैयार करते समय ग्रामीणों की जरूरतों और सुझावों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ग्रांट के इस्तेमाल में पारदर्शिता बरतने की अपील
हरजोत सिंह बैंस ने पंचों और सरपंचों से जारी की गई राशि का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जारी होने वाला प्रत्येक रुपया जनता की सुविधा और गांवों की बेहतरी के लिए है। इसलिए इसका सही तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करना संबंधित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं, ताकि उनका लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिल सके। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों को विकास कार्यों की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार लोगों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए भी प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा कि गांवों के निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं। ऐसे में उनकी भूमिका ग्रामीण विकास को गति देने में महत्वपूर्ण है। सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों के आपसी तालमेल से गांवों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सकता है।
मुफ्त बिजली सुविधा का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने पंजाब सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को दी जा रही मुफ्त बिजली की सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों को राहत देने और उनके घरेलू खर्च का बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना नहीं, बल्कि आम परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है। बेहतर सड़कें, स्वच्छता, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाएं ग्रामीण जीवन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर डॉ. संजीव गौतम, जिला प्रधान, दीपक सोनी, चेयरमैन खत्री अरोड़ा वेलफेयर बोर्ड, पम्मू ढिल्लों, चेयरमैन मार्केट कमेटी, दिलीप हंस, सदस्य दलित विकास बोर्ड सहित विभिन्न गांवों के पंच, सरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान गांवों के प्रतिनिधियों ने विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने पर मंत्री का आभार जताया। कुल मिलाकर 80 लाख रुपये की इस ग्रांट से 13 गांवों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलेगा। सरकार की ओर से जारी इस वित्तीय सहायता का वास्तविक लाभ गांवों के लोगों तक पहुंचाने के लिए अब संबंधित प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।




