₹250 करोड़ के विवाद के बाद चंडीगढ़ नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल, स्वतंत्र लोकायुक्त की मांग
चंडीगढ़ नगर निगम में करीब 250 करोड़ रुपये से जुड़े वित्तीय प्रस्तावों को लेकर सामने आए विवाद ने निगम की वित्तीय निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इन एजेंडों को लेकर सवाल उठने और बाद में नगर निगम सदन द्वारा उन्हें निरस्त किए जाने के बाद अब यह मांग सामने आई है कि बड़े वित्तीय फैसलों की समीक्षा के लिए अधिक मजबूत और स्वतंत्र व्यवस्था होनी चाहिए। एडवोकेट और चंडीगढ़ प्रशासन की एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य अजय जग्गा ने इस संबंध में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। उन्होंने नगर निगम…
