CM Yogi का कन्या पूजन पर संदेश, बोले-सब मिलकर सुनिश्चित करें कि कोई भी बहन-बेटी अन्याय की शिकार न हो

CM Yogi का कन्या पूजन पर संदेश, बोले-सब मिलकर सुनिश्चित करें कि कोई भी बहन-बेटी अन्याय की शिकार न हो

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी और वासंतिक नवरात्र की नवमी के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और देशवासियों को रामनवमी एवं चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए मातृ शक्ति के सम्मान, महिला सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति स्वरूपा माना गया है और समाज का प्रत्येक व्यक्ति उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें प्रसाद और उपहार भेंट किए। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में कन्या पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को महिला सम्मान और समानता का संदेश देने का माध्यम भी है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि बेटियों और महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह समाज के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर कार्य कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा संचालित महिला कल्याण योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से लाखों महिलाओं को लाभ मिल रहा है।

महिला सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित कई कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उन्होंने उल्लेख किया और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कन्या पूजन को बताया भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र दोनों ही भारतीय संस्कृति में मातृ शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के विशेष अवसर हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है और नवमी के दिन कन्या पूजन के माध्यम से देवी स्वरूपा बालिकाओं का सम्मान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज को यह संदेश देती है कि महिलाओं और बेटियों का सम्मान केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

बेटी और बेटे के बीच भेदभाव समाप्त करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटा और बेटी के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि बेटियों को समान अवसर, शिक्षा और सम्मान मिले।

उन्होंने कहा कि यदि समाज महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करेगा तो देश के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। महिला सुरक्षा और सम्मान को मजबूत किए बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता।

महिलाओं के खिलाफ अन्याय रोकने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बेटी, बहन या महिला अन्याय, शोषण या हिंसा का शिकार न बने। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कहीं महिलाओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय दिखाई दे तो उसके प्रति जागरूक रहें और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई में सहयोग करें।

रामनवमी के धार्मिक महत्व पर भी रखे विचार

रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि देशभर के मंदिरों में रामनवमी के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और अखंड रामायण पाठ आयोजित किए जा रहे हैं तथा श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं।

अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी संख्या का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हैं।

भगवान श्रीराम के जीवन से मिलने वाली प्रेरणा पर दिया संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि आदर्श जीवन का मार्गदर्शन भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का चरित्र कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक संबंध, सामाजिक जिम्मेदारियां और राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन की सीख भगवान श्रीराम के जीवन से प्राप्त होती है।

रामेश्वरम में नए पंबन ब्रिज के उद्घाटन पर जताया आभार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान तमिलनाडु के रामेश्वरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए पंबन वर्टिकल लिफ्ट रेलवे ब्रिज के उद्घाटन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आधुनिक भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और बुनियादी ढांचे के विकास का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामेश्वरम भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और वहां आधुनिक परिवहन सुविधाओं का विकास श्रद्धालुओं तथा यात्रियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

विरासत और विकास को साथ लेकर चलने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा आधुनिक विकास कार्य दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि देश में आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलता है।

नवरात्र और रामनवमी के अवसर पर सामाजिक समरसता का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक पर्व समाज को एकजुट करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द, स्वच्छता, अनुशासन और परस्पर सम्मान की भावना बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी और महिलाओं के सम्मान के साथ ही मजबूत, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाए जा सकते हैं। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और इसी भावना के साथ सभी लोगों को आगे बढ़ना चाहिए।

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