UP: दिव्यांग को नहीं मिल रही थी पेंशन, मुख्यमंत्री योगी ने सुनी दिव्यांग की फरियाद, तुरंत दिलाई पेंशन।

UP: दिव्यांग को नहीं मिल रही थी पेंशन, मुख्यमंत्री योगी ने सुनी दिव्यांग की फरियाद, तुरंत दिलाई पेंशन।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में एक बार फिर आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान चंदौली जिले से आए दो दिव्यांग नागरिकों की पेंशन से जुड़ी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कार्रवाई शुरू करवा दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में पूछा कि पात्र लाभार्थियों की पेंशन आखिर क्यों रुकी हुई है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने भूमि विवाद, पेंशन, पुलिस, राजस्व, बिजली बिल, गृहकर, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिव्यांग नागरिकों की पेंशन पर मुख्यमंत्री ने तुरंत लिया संज्ञान

जनता दर्शन के दौरान चंदौली जिले से आए दिव्यांग गोपाल और श्यामपाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे। दोनों ने बताया कि वे कई दिनों से पेंशन शुरू कराने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री स्वयं दोनों दिव्यांग नागरिकों के पास पहुंचे और उनकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने सबसे पहले उनका हालचाल जाना और पूछा कि वे किस जिले से आए हैं। जब दोनों ने बताया कि वे चंदौली जिले के निवासी हैं, तब मुख्यमंत्री ने तत्काल मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि संबंधित जिलाधिकारी और जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी से तुरंत जानकारी ली जाए कि पेंशन भुगतान में देरी क्यों हुई।

लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही के कारण पात्र लाभार्थियों की पेंशन रुकी है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पात्र व्यक्तियों को बिना किसी अनावश्यक देरी के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना है। यदि पात्र लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें तो यह व्यवस्था की कमी को दर्शाता है, जिसे सुधारना आवश्यक है।

केवाईसी अपडेट होने के बाद पेंशन बहाल करने की जानकारी

मुख्यमंत्री के निर्देश के कुछ समय बाद ही चंदौली के जिला दिव्यांग अधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर पूरी स्थिति स्पष्ट की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनकी पेंशन का भुगतान रुका हुआ था।

अधिकारी ने जानकारी दी कि अब दोनों लाभार्थियों की केवाईसी अपडेट कर दी गई है और उसी दिन शाम तक उनकी पेंशन दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि लाभार्थियों को समय पर भुगतान मिल सके।

जनता दर्शन में प्रदेशभर से पहुंचे नागरिक

कुछ समय के अंतराल के बाद आयोजित इस जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कुल 112 नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपनी विभिन्न समस्याओं से जुड़े 88 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए।

इन आवेदनों में राजस्व, पुलिस, सामाजिक कल्याण, बिजली, नगर निकाय, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़े मामले शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों को अलग-अलग विभागों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रॉनिक छड़ी भी उपलब्ध कराई

जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल शिकायतें ही नहीं सुनीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई। उन्होंने राजेश और चंद्रशेखर नामक दो दिव्यांग नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक छड़ी प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें इस उपकरण के उपयोग की जानकारी भी दी और बताया कि आधुनिक तकनीक दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकती है। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि दिव्यांग कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे।

बच्चों से भी मिले मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में अपने माता-पिता के साथ आए छोटे बच्चों से भी मुख्यमंत्री ने मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को टॉफी और चॉकलेट वितरित की तथा उनके परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

राजस्व विभाग से जुड़े 23 मामलों पर निर्देश

जनता दर्शन में प्राप्त आवेदनों में बड़ी संख्या भूमि विवाद, विरासत, कब्जा और पैमाइश से संबंधित थी। ऐसे कुल 23 मामलों को मुख्यमंत्री ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजते हुए निर्देश दिया कि इनका निस्तारण नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूमि विवाद लंबे समय तक लंबित रहने से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी होती है। इसलिए ऐसे मामलों में पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस मामलों को डीजीपी को सौंपा गया

पुलिस विभाग से संबंधित कुल 23 शिकायतें भी जनता दर्शन में प्राप्त हुईं। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों को पुलिस महानिदेशक के पास भेजते हुए निर्देश दिया कि शिकायतकर्ताओं की बात सुनकर निष्पक्ष जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में नागरिकों को त्वरित न्याय मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और अनुदान से जुड़े आवेदन

मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष, विवाह अनुदान तथा अन्य सामाजिक सहायता योजनाओं से संबंधित कुल 17 आवेदन अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को भेजे गए। इन मामलों में पात्रता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने और लाभार्थियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव को भेजे गए 25 अन्य मामले

विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 25 मामलों को मुख्य सचिव के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजा गया। इनमें कई प्रशासनिक और जनसुविधाओं से जुड़े विषय शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए।

बिजली बिल और गृहकर संबंधी शिकायतों पर भी कार्रवाई

जनता दर्शन में एक नागरिक ने अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायत दर्ज कराई, जबकि दूसरे नागरिक ने राजधानी क्षेत्र में गृहकर से संबंधित समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि के कारण आम नागरिकों को परेशानी हो रही है तो उसका शीघ्र निराकरण किया जाए और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्थित व्यवस्था विकसित की जाए।

जनता दर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार नियमित रूप से जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित करती है ताकि नागरिक अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकें। इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा होती है और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को सीधे निर्देश दिए जाते हैं।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी हों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। जनता दर्शन कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में कार्य कर रहा है, जहां विभिन्न जिलों से आए नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे शीर्ष स्तर पर प्रस्तुत कर सकते हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

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