Haryana में बिजली महंगी हुई, गुरुग्राम और फरीदाबाद के उपभोक्ताओं पर कितना पड़ेगा असर ?

Haryana में बिजली महंगी हुई, गुरुग्राम और फरीदाबाद के उपभोक्ताओं पर कितना पड़ेगा असर ?

हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नए बिजली टैरिफ लागू कर दिए गए हैं। लगभग तीन वर्ष बाद राज्य में बिजली दरों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट बिजली की कीमत में 20 पैसे से लेकर 40 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। नए टैरिफ 1 अप्रैल से प्रभावी हो चुके हैं और इनका असर घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों तथा अन्य श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं पर दिखाई देगा।

बिजली दरों में बदलाव के साथ कई श्रेणियों में फिक्स चार्ज, लोड आधारित शुल्क और विशेष रियायतों को भी यथावत रखा गया है या उनमें आवश्यक संशोधन किया गया है। वहीं कृषि क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी जारी रहने के कारण किसानों पर बढ़ी हुई दरों का सीधा आर्थिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

ऊर्जा विभाग का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था, रखरखाव, आधारभूत संरचना और बढ़ती परिचालन लागत को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर टैरिफ की समीक्षा की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत नई दरें लागू की गई हैं।

घरेलू, कॉमर्शियल, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए नई बिजली दरें लागू

नई टैरिफ व्यवस्था के अंतर्गत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से लेकर व्यावसायिक संस्थानों, छोटे उद्योगों, बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा विशेष श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। कई श्रेणियों में मामूली बढ़ोतरी की गई है, जबकि कुछ श्रेणियों में पूर्व निर्धारित दरों को यथावत रखा गया है।

सरकार का कहना है कि नई दरों का उद्देश्य बिजली आपूर्ति व्यवस्था को वित्तीय रूप से संतुलित बनाए रखना तथा उपभोक्ताओं को नियमित विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 150 यूनिट तक बिजली हुई महंगी

नई दरों के अनुसार अब 150 यूनिट तक मासिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 20 पैसे अधिक भुगतान करना होगा। पहले इस श्रेणी के लिए बिजली दर 2.75 रुपये प्रति यूनिट थी, जिसे बढ़ाकर 2.95 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।

यह बदलाव उन लाखों परिवारों को प्रभावित करेगा जो सीमित बिजली खपत करते हैं और नियमित घरेलू उपयोग के लिए इस श्रेणी में आते हैं।

151 से 250 यूनिट तक की बिजली दर में नहीं हुआ बदलाव

151 से 250 यूनिट तक मासिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस श्रेणी में पहले की तरह 5.25 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू रहेगी।

इसका अर्थ है कि इस सीमा तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का प्रति यूनिट शुल्क पहले जैसा ही रहेगा और उनके बिल में केवल अन्य लागू शुल्कों के अनुसार अंतर आ सकता है।

251 से 500 यूनिट तक की खपत पर बढ़ी बिजली दर

251 से 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट दर में 15 पैसे की वृद्धि की गई है। पहले इस श्रेणी में 6.30 रुपये प्रति यूनिट का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 6.45 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।

यह श्रेणी सामान्यतः उन परिवारों की होती है जहां एयर कंडीशनर, गीजर, रेफ्रिजरेटर और अन्य विद्युत उपकरणों का नियमित उपयोग होता है।

300 यूनिट से अधिक खपत पर फिक्स चार्ज भी लागू

नई व्यवस्था के अनुसार 300 से 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर प्रति किलोवाट 50 रुपये का फिक्स चार्ज भी लागू रहेगा। इसी प्रकार 500 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी प्रति किलोवाट 50 रुपये का फिक्स चार्ज निर्धारित किया गया है।

फिक्स चार्ज बिजली की कुल खपत से अलग निर्धारित होता है और यह स्वीकृत विद्युत लोड के आधार पर लिया जाता है।

501 से 800 यूनिट तक की दर में कोई बदलाव नहीं

501 से 800 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट दर पहले की तरह 7.10 रुपये ही रखी गई है। इस श्रेणी में प्रति यूनिट ऊर्जा शुल्क में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की गई है।

हालांकि उपभोक्ताओं के अंतिम बिजली बिल में अन्य निर्धारित शुल्कों के अनुसार अंतर संभव है।

घरेलू उपभोक्ताओं को तीन लोड श्रेणियों में बांटा गया

नई टैरिफ व्यवस्था में घरेलू उपभोक्ताओं को उनके स्वीकृत विद्युत लोड के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार लगभग 78 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं का लोड 2 किलोवाट तक है।

करीब 16 प्रतिशत उपभोक्ता 2 से 5 किलोवाट के बीच आते हैं, जबकि लगभग 6 प्रतिशत उपभोक्ताओं का विद्युत लोड 5 किलोवाट से अधिक है। यह वर्गीकरण बिजली वितरण और विभिन्न शुल्कों के निर्धारण में उपयोगी माना जाता है।

कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए भी बढ़ी बिजली दरें

व्यावसायिक बिजली कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। अब 0 से 50 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 2 रुपये प्रति यूनिट के स्थान पर 2.20 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा।

इसी प्रकार 51 से 100 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों के लिए प्रति यूनिट दर 2.50 रुपये से बढ़ाकर 2.70 रुपये कर दी गई है। इससे कम बिजली उपयोग करने वाले छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के बिजली बिल में भी कुछ वृद्धि देखने को मिलेगी।

औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी संशोधित हुए टैरिफ

राज्य में उद्योगों के लिए भी बिजली दरों में संशोधन किया गया है। हाई टेंशन (एचटी) लाइन से बिजली प्राप्त करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट लगभग 30 से 35 पैसे तक की वृद्धि की गई है।

वहीं लो टेंशन (एलटी) सप्लाई के माध्यम से बिजली उपयोग करने वाले छोटे उद्योगों और कारखानों के लिए प्रति यूनिट लगभग 10 से 15 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। उद्योगों का कहना है कि बिजली लागत उत्पादन लागत का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, इसलिए टैरिफ में बदलाव का असर संचालन व्यय पर भी पड़ सकता है।

किसानों को सब्सिडी का लाभ पहले की तरह मिलेगा

हालांकि कृषि क्षेत्र के लिए बिजली दरों में संशोधन किया गया है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी जारी रहेगी। इसके कारण किसानों को पहले की तरह ही लगभग 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान करना होगा।

सरकार का कहना है कि कृषि क्षेत्र को राहत देने और सिंचाई व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए सब्सिडी व्यवस्था जारी रखी गई है।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिलेगी 5 प्रतिशत की छूट

नई टैरिफ व्यवस्था में प्रीपेड स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन भी जारी रखा गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 5 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य स्मार्ट मीटरों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा बिजली बिल भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

कुछ विशेष श्रेणियों के लिए अलग व्यवस्था

नई बिजली दरों में कुछ विशेष श्रेणियों के लिए अलग प्रावधान भी किए गए हैं। अधिवक्ताओं के चैंबरों के लिए बिजली बिल एलटी सप्लाई टैरिफ के अनुसार लिया जाएगा। वहीं विद्युत शवदाह गृहों को 2.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा पूजा स्थलों के लिए घरेलू बिजली आपूर्ति के अनुरूप टैरिफ लागू रहेगा। अस्थायी बिजली कनेक्शनों के लिए वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पहले की तरह ही दरें लागू रहेंगी।

बिजली बिल पर उपभोक्ताओं को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपने मासिक बिजली बिल, स्वीकृत लोड, बिजली खपत और लागू फिक्स चार्ज की जानकारी की नियमित जांच करनी चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे समय-समय पर अपनी बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक खपत को कम करने में सहायता मिल सकती है।

बिजली वितरण कंपनियों द्वारा जारी नवीनतम टैरिफ के अनुसार प्रत्येक श्रेणी के उपभोक्ता का बिल उसकी खपत, स्वीकृत लोड, फिक्स चार्ज, सरकारी नियमों और लागू शुल्कों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इसलिए उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल का नियमित अवलोकन करते हुए आवश्यक जानकारी के लिए संबंधित बिजली निगम के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करना चाहिए।

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