भाजपा लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण को देगी धार, जजपा और इनेलो देवीलाल की विरासत के सहारे कार्यकर्ताओं को जुटाने में सक्रिय
हरियाणा में 25 सितंबर का दिन इस बार राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहने वाला है। इस दिन एक ओर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई जाएगी, तो दूसरी ओर पूर्व उप प्रधानमंत्री और जननायक चौधरी देवीलाल की जयंती भी राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक सक्रियता का अवसर बनेगी। दोनों नेताओं की राजनीतिक विरासत को लेकर प्रदेश की अलग-अलग पार्टियां अपने-अपने कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटी हैं।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को सरकार की महिला केंद्रित योजना के विस्तार से जोड़कर आगे बढ़ा रही है, वहीं जननायक जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल चौधरी देवीलाल की जयंती के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने फिलहाल इन दोनों नेताओं की जयंती पर किसी बड़े राज्यस्तरीय आयोजन की घोषणा नहीं की है। पार्टी का फोकस इन दिनों संगठन को निचले स्तर तक मजबूत करने पर है।
25 सितंबर को होने वाली गतिविधियों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कार्यक्रम तय कर लिए हैं। ऐसे में यह दिन प्रदेश की राजनीति में विभिन्न दलों की संगठनात्मक ताकत, जनसंपर्क और राजनीतिक संदेश को सामने रखने का माध्यम भी बनेगा।
दीनदयाल जयंती पर लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार
भाजपा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर महिला कल्याण से जुड़ी अपनी योजना को प्रमुखता देने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 17 सितंबर को ही दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर चुके हैं। अब 25 सितंबर को पार्टी संगठन और सरकार की ओर से इस योजना का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने तथा उन्हें योजना के बारे में जानकारी देने पर जोर रहेगा।
दूसरे चरण के तहत योजना की पात्रता के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को बढ़ाया गया है। पहले एक लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाली महिलाओं को योजना के दायरे में रखा गया था। अब यह सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही इस आय वर्ग में आने वाली महिलाओं को भी 2,100 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा।
सरकार के अनुसार पात्रता की आय सीमा बढ़ाए जाने से लगभग 17 लाख अतिरिक्त महिलाएं योजना के दायरे में आएंगी। भाजपा इस विस्तार को महिला सशक्तीकरण और परिवारों को आर्थिक सहायता देने से जोड़कर प्रचारित कर रही है। 25 सितंबर को पार्टी के कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े पदाधिकारी लाभार्थी महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को बताने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
भाजपा के लिए दीनदयाल जयंती केवल संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहने वाली है। सरकार की योजनाओं को पार्टी के जनसंपर्क अभियान से जोड़ने की रणनीति के तहत इस दिन महिला लाभार्थियों के बीच योजना का संदेश पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
देवीलाल की जयंती पर जजपा की प्रदेशभर में गतिविधियां
पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती को लेकर जननायक जनता पार्टी ने प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी ने 25 सितंबर को देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमाओं और स्मारकों से जुड़े कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है।
जजपा कार्यकर्ता प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित चौधरी देवीलाल की प्रतिमाओं की साफ-सफाई करेंगे और वहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का उद्देश्य इन कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं को देवीलाल की राजनीतिक और सामाजिक विरासत से जोड़ना है।
ऐलनाबाद में जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके अलावा सिरसा में पार्टी के जिला कार्यालय के उद्घाटन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। दोनों कार्यक्रमों को पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जजपा की ओर से जिला स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को 25 सितंबर के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सक्रिय किया जा रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की कोशिश है कि देवीलाल जयंती को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे संगठनात्मक संपर्क और कार्यकर्ताओं की लामबंदी से भी जोड़ा जाए।
इनेलो ने बदली रैली की तारीख
इनेलो ने चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर अपने मुख्य कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया है। पार्टी अब 25 सितंबर को मुख्य आयोजन करने के बजाय 27 सितंबर को नूंह में सम्मान दिवस रैली आयोजित करेगी। पार्टी नेताओं के अनुसार 25 सितंबर को मुस्लिम समुदाय के धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए रैली की तारीख बदली गई है।
इनेलो के लिए नूंह का सम्मान दिवस रैली संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। पार्टी की ओर से रैली को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को रैली का निमंत्रण दे रहे हैं।
सिरसा, रेवाड़ी, पलवल, हिसार, झज्जर सहित कई जिलों में कार्यकर्ताओं की बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों के माध्यम से रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। पार्टी संगठन से जुड़े पदाधिकारी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें जिम्मेदारियां भी दी जा रही हैं।
इनेलो की रणनीति में देवीलाल की राजनीतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करना शामिल है। पार्टी की ओर से गांवों में संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ पुराने कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया जा रहा है।
कांग्रेस का फोकस बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर
दूसरी ओर कांग्रेस ने 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय या चौधरी देवीलाल की जयंती को लेकर किसी बड़े राज्यस्तरीय राजनीतिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। पार्टी फिलहाल संगठन को मजबूत करने के अभियान में जुटी हुई है।
कांग्रेस की ओर से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। 18 से 21 सितंबर के बीच विभिन्न ब्लॉकों में आयोजित किए जा रहे इन सम्मेलनों में स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद किया जा रहा है। पार्टी का जोर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है।
सम्मेलनों में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की जा रही है। कार्यकर्ताओं से क्षेत्रवार फीडबैक लिया जा रहा है और संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनकी भूमिका पर भी बातचीत हो रही है।
कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त के नेतृत्व में चल रहे इन सम्मेलनों को पार्टी की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी का प्रयास है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के साथ बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाया जाए।
जयंती कार्यक्रमों से संगठन को गति देने की कोशिश
25 सितंबर को होने वाले कार्यक्रमों की तस्वीर देखें तो तीनों प्रमुख राजनीतिक धाराओं की प्राथमिकताएं अलग-अलग दिखाई देती हैं। भाजपा जहां सरकारी योजना के विस्तार और महिला लाभार्थियों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं जजपा और इनेलो चौधरी देवीलाल की विरासत को केंद्र में रखकर अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रहे हैं। कांग्रेस का तत्काल फोकस जयंती कार्यक्रमों के बजाय संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर है।
हरियाणा की राजनीति में चौधरी देवीलाल की विरासत का लंबे समय से प्रभाव रहा है। इसी तरह भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा और उनके नाम से जुड़ी योजनाओं को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ जोड़ती रही है। ऐसे में दोनों नेताओं की जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों का राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व भी बढ़ जाता है।
25 सितंबर को भाजपा के लिए महिला लाभार्थियों तक पहुंच बढ़ाने का अवसर होगा, जबकि जजपा और इनेलो के लिए देवीलाल की विरासत के सहारे कार्यकर्ताओं को जोड़ना प्रमुख उद्देश्य रहेगा। इनेलो का मुख्य कार्यक्रम 27 सितंबर को नूंह में होने के कारण पार्टी के लिए अगले कुछ दिन जनसंपर्क अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।
कुल मिलाकर 25 सितंबर को हरियाणा में एक ही दिन दो प्रमुख राजनीतिक विरासतों से जुड़े कार्यक्रमों की वजह से विभिन्न दलों की गतिविधियां तेज रहेंगी। इसके साथ ही कांग्रेस की संगठनात्मक बैठकों और ब्लॉक स्तर के सम्मेलनों से प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा। आने वाले दिनों में इन कार्यक्रमों के जरिए राजनीतिक दल अपने संगठन, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर देते नजर आएंगे।




