एप्पल के इस साल होने वाले सबसे बड़े प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। कंपनी सितंबर में होने वाले अपने एनुअल कीनोट में इस बार रेगुलर आईफोन मॉडल को पेश करने की अपनी पुरानी परंपरा में बदलाव कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 9 सितंबर के इवेंट में कंपनी स्टैंडर्ड आईफोन 18 को लॉन्च नहीं करेगी। इसके बजाय पूरा ध्यान महंगे और प्रीमियम डिवाइसेज पर रखा जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स के साथ एपल का पहला फोल्डेबल आईफोन देखने को मिल सकता है। वहीं, रेगुलर आईफोन 18, आईफोन 18e और दूसरी पीढ़ी का आईफोन एयर इस इवेंट का हिस्सा नहीं होंगे। इन डिवाइसेज को अगले साल तक के लिए टाला जा सकता है।
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमत को माना जा रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म ट्रेंडफोर्स के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 256GB मेमोरी चिप की कीमत में लगभग 400 फीसदी तक उछाल आया है। ऐसे में ज्यादा स्टोरेज वाले आईफोन तैयार करने की लागत भी काफी बढ़ गई है।
मेमोरी की कीमत ने बढ़ाई एप्पल की मुश्किल
आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में मेमोरी का योगदान तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में 256GB प्रो मॉडल के कुल कंपोनेंट खर्च में मेमोरी की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी थी। अब 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 34 फीसदी तक पहुंच गया है।
अगर मेमोरी की कीमत इसी तरह बढ़ती रही तो 2027 तक कुल कंपोनेंट लागत में इसका हिस्सा 40 फीसदी से भी ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है। इसका सीधा असर फोन की निर्माण लागत पर पड़ता है।
ट्रेंडफोर्स के अनुमान के अनुसार, 256GB स्टोरेज वाले आईफोन 18 प्रो की कुल मैन्युफैक्चरिंग लागत पिछले साल के आईफोन 17 प्रो की तुलना में लगभग 38 फीसदी ज्यादा हो सकती है। यानी एक ही कैटेगरी के फोन को तैयार करने में एप्पल को पहले की तुलना में काफी अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
Pro मॉडल में कीमत बढ़ाना आसान, बेस मॉडल में चुनौती
एप्पल के लिए महंगे प्रो मॉडल्स पर बढ़ती लागत का असर संभालना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है। प्रो सीरीज खरीदने वाले ग्राहक आमतौर पर ज्यादा कीमत वाले स्मार्टफोन के लिए तैयार रहते हैं। इसलिए कंपनी बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा कीमत में शामिल कर सकती है।
लेकिन रेगुलर आईफोन के मामले में स्थिति अलग है। बेस मॉडल की कीमत ज्यादा बढ़ाने पर ग्राहक उससे दूरी बना सकते हैं। वहीं, कीमत को स्थिर रखने पर अतिरिक्त उत्पादन लागत का दबाव सीधे कंपनी के मुनाफे पर पड़ सकता है।
यही वजह है कि एप्पल इस बार अपने लॉन्च कैलेंडर को दो हिस्सों में बांटने की रणनीति अपना सकती है। सितंबर में कंपनी प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस कर सकती है, जबकि कम कीमत वाले और स्टैंडर्ड मॉडल बाद में बाजार में उतारे जा सकते हैं।
डेढ़ साल तक नहीं आएगा नया स्टैंडर्ड आईफोन?
अगर यह रणनीति लागू होती है तो एपल के बेस मॉडल के चाहने वालों को सामान्य से काफी ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनी आमतौर पर हर साल सितंबर में अपनी नई आईफोन सीरीज का स्टैंडर्ड मॉडल पेश करती है।
लेकिन इस बार आईफोन 18 को 2027 की शुरुआत तक टालने की बात कही जा रही है। इसका मतलब होगा कि पिछले स्टैंडर्ड मॉडल और अगले मॉडल के बीच करीब 18 महीने का अंतर आ जाएगा।
एप्पल के लॉन्च इतिहास को देखते हुए यह काफी बड़ा बदलाव होगा। कंपनी लंबे समय से अपने फ्लैगशिप आईफोन की नई पीढ़ी को हर साल लगभग एक ही समय पर पेश करती रही है। इसलिए बेस आईफोन के लॉन्च में इतना लंबा गैप कंपनी की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
सितंबर इवेंट में किन डिवाइसेज पर रहेगा जोर?
9 सितंबर के संभावित कीनोट में कंपनी का मुख्य आकर्षण आईफोन 18 प्रो, आईफोन 18 प्रो मैक्स और पहला फोल्डेबल आईफोन हो सकता है। फोल्डेबल आईफोन को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं और यदि एपल इस इवेंट में इसे पेश करती है तो यह कंपनी के लिए बेहद अहम लॉन्च होगा। ऐसे में कंपनी एक ही कार्यक्रम में कई बड़े प्रोडक्ट पेश करने के बजाय प्रीमियम आईफोन और फोल्डेबल डिवाइस को पर्याप्त मंच देना चाहती है।
इस रणनीति का एक मकसद यह भी हो सकता है कि फोल्डेबल आईफोन जैसे नए प्रोडक्ट से लोगों का ध्यान दूसरे छोटे अपडेट्स की तरफ न बंटे।
कई दूसरे प्रोडक्ट्स भी सितंबर से बाहर
सिर्फ आईफोन 18 ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य डिवाइसेज को भी सितंबर के इवेंट से अलग रखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईफोन 18e और सेकंड जेनरेशन आईफोन एयर को भी 2027 तक के लिए टाला जा सकता है।
इसके अलावा कुछ नए प्रोडक्ट्स को अक्टूबर या नवंबर के आसपास लॉन्च किए जाने की संभावना बताई जा रही है। इनमें आईपैड मिनी का नया वर्जन, अपडेटेड एप्पल टीवी और होमपॉड मिनी शामिल हो सकते हैं।
इससे संकेत मिलता है कि कंपनी आने वाले महीनों में अलग-अलग प्रोडक्ट कैटेगरी के लिए अलग लॉन्च विंडो अपना सकती है। इसका फायदा यह होगा कि हर डिवाइस को बाजार और मीडिया में पर्याप्त ध्यान मिल सकेगा।
Mac लाइनअप के लिए भी बड़ा अपडेट संभव
एप्पल के कंप्यूटर कारोबार में भी आने वाले समय में कई नए प्रोडक्ट देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट्स में M6 चिप से लैस 14 इंच मैकबुक प्रो का जिक्र किया गया है। इसके साथ ही नए डिजाइन वाले 14 इंच और 16 इंच मैकबुक प्रो मॉडल्स पर भी काम किए जाने की बात सामने आई है। M6 चिप वाला 24 इंच आईमैक भी कंपनी के आगामी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि इन डिवाइसेज को सितंबर के मुख्य इवेंट में पेश किए जाने की संभावना कम बताई जा रही है। इनका लॉन्च 2027 की शुरुआत में हो सकता है।
नए CEO जॉन टर्नस के लिए पहला बड़ा कीनोट
इस बार एप्पल का सितंबर इवेंट सिर्फ नए प्रोडक्ट्स की वजह से ही चर्चा में नहीं है। कंपनी के नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव हो चुका है। लंबे समय तक एप्पल की कमान संभालने वाले टिम कुक 1 सितंबर को सीईओ के पद से हट चुके हैं। उनके बाद हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जॉन टर्नस ने कंपनी के नए सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है।
सीईओ बनने के बाद सितंबर का यह कार्यक्रम टर्नस का पहला बड़ा कीनोट होगा। ऐसे में टेक इंडस्ट्री की नजर इस बात पर भी रहेगी कि नए नेतृत्व में एपल अपने प्रोडक्ट और इनोवेशन की दिशा किस तरह आगे बढ़ाती है।
टर्नस लंबे समय से कंपनी के हार्डवेयर डेवलपमेंट से जुड़े रहे हैं। इसलिए उनका पहला बड़ा मंच कंपनी की भविष्य की रणनीति को लेकर भी संकेत दे सकता है।
Siri AI को लेकर भी हो सकता है बड़ा ऐलान
नए आईफोन के अलावा एप्पल के इस इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी प्रमुख विषय बन सकता है। कंपनी अपने नए ‘Siri AI Beta’ को व्यापक यूजर बेस के लिए उपलब्ध कराने की घोषणा कर सकती है। एप्पल ने इस नए Siri AI सिस्टम को WWDC 2026 में पहली बार प्रदर्शित किया था। अब माना जा रहा है कि सितंबर के कीनोट में कंपनी इसके अगले चरण की जानकारी दे सकती है।
इवेंट के लिए जारी किए गए एप्पल के आर्टवर्क ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। इसमें दिखाई देने वाला नियॉन ग्लो इफेक्ट नए Siri AI के इंटरफेस से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। इसी वजह से टेक एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि कंपनी अपने नए AI फीचर्स को इस इवेंट में प्रमुखता दे सकती है।
अगर Siri AI का नया वर्जन आम यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाता है तो एपल के लिए यह AI सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन कंपनियों के बीच AI फीचर्स को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ी है।
इवेंट के बाद आएंगे नए सॉफ्टवेयर अपडेट
सितंबर कीनोट के बाद एपल अपने अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम के नए वर्जन के रोलआउट की तारीखों का भी ऐलान कर सकती है। इनमें iPhone के लिए iOS 27, iPad के लिए iPadOS 27, Mac के लिए macOS गोल्डन गेट, Apple TV के लिए tvOS 27, Apple Watch के लिए watchOS 27 और Vision Pro के लिए visionOS 27 शामिल हैं।
एप्पल आमतौर पर अपने बड़े सितंबर इवेंट के कुछ समय बाद नए सॉफ्टवेयर अपडेट यूजर्स के लिए जारी करती है। ऐसे में इस बार भी कीनोट के बाद इन अपडेट्स की उपलब्धता को लेकर जानकारी मिल सकती है।
इस साल का एप्पल इवेंट कंपनी की पारंपरिक लॉन्च रणनीति से काफी अलग दिखाई दे सकता है। एक तरफ बढ़ती मेमोरी लागत ने स्टैंडर्ड आईफोन के लॉन्च को प्रभावित किया है, तो दूसरी ओर फोल्डेबल आईफोन, प्रो मॉडल्स और AI फीचर्स कंपनी के मुख्य आकर्षण बन सकते हैं। साथ ही नए सीईओ जॉन टर्नस के नेतृत्व में होने वाला पहला बड़ा कीनोट इस पूरे आयोजन को और भी खास बना देता है।



