काम के दबाव से दिमाग हो रहा है परेशान? बिना छुट्टी लिए मेंटल थकान दूर करने के 7 आसान तरीके, तुरंत लौटेगा फोकस

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सुबह से रात तक हमारा दिमाग किसी न किसी काम में उलझा रहता है। ऑफिस की डेडलाइन, लगातार आते ईमेल, मोबाइल पर बजते नोटिफिकेशन, घर की जिम्मेदारियां, पैसों की चिंता और भविष्य की प्लानिंग के बीच खुद के लिए कुछ पल निकालना मुश्किल हो जाता है। कई बार इसका असर इतना बढ़ जाता है कि काम करने के बावजूद मन नहीं लगता, छोटी-छोटी बातें परेशान करने लगती हैं और सामान्य फैसले लेना भी मुश्किल महसूस होने लगता है। ऐसी स्थिति में शरीर भले ही आराम कर रहा हो, लेकिन दिमाग लगातार व्यस्त बना रहता…

मूड बेहतर बनाने से लेकर तनाव घटाने तक, डाइट में शामिल करें ये 10 फूड्स; खुश रहने में मिल सकती है मदद

दिनभर की भागदौड़, काम का दबाव, नींद की कमी और रोजमर्रा की परेशानियां हमारे मूड को प्रभावित कर सकती हैं। कई बार बिना किसी खास वजह के भी थकान, चिड़चिड़ापन या उदासी महसूस होने लगती है। ऐसे में लोग अपना मूड ठीक करने के लिए मनोरंजन, घूमने-फिरने या दोस्तों के साथ समय बिताने का सहारा लेते हैं। हालांकि, अच्छी सेहत और बेहतर मानसिक स्थिति बनाए रखने में हमारी रोज की डाइट भी अहम भूमिका निभाती है। हम जो खाते हैं, उसका असर केवल शरीर की ऊर्जा और वजन पर ही नहीं पड़ता, बल्कि मस्तिष्क के कामकाज पर भी होता है।…

रिश्ता खुशहाल है, फिर भी मन में डर बना रहता है? बार-बार उठते हैं ऐसे सवाल तो समझें रिलेशनशिप एंग्जायटी के संकेत

कई रिश्ते ऐसे होते हैं जिनमें बाहर से देखने पर किसी तरह की परेशानी नज़र नहीं आती। पार्टनर एक-दूसरे के साथ खुश होते हैं, बातचीत अच्छी होती है और आपसी समझ भी मजबूत होती है। इसके बावजूद कभी-कभी मन में एक अनजानी बेचैनी जन्म लेने लगती है। व्यक्ति बार-बार सोचने लगता है कि क्या उसका पार्टनर वास्तव में उससे प्यार करता है, क्या वह इस रिश्ते को लेकर उतना ही गंभीर है या कहीं आने वाले समय में वह उसे छोड़ तो नहीं देगा। खास बात यह होती है कि इन आशंकाओं के पीछे कई बार कोई ठोस वजह भी…

दिल की बीमारी का नया कनेक्शन आया सामने: बड़े ट्रॉमा के बाद बढ़ सकता है कार्डियोवैस्कुलर रिस्क

जिंदगी में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनका असर सिर्फ उस पल तक सीमित नहीं रहता। किसी करीबी की अचानक मौत, गंभीर हादसा, शारीरिक हमला, आग या धमाके जैसी घटना, गंभीर चोट या किसी बड़ी बीमारी का सामना करना व्यक्ति को लंबे समय तक मानसिक रूप से परेशान कर सकता है। ऐसे अनुभव को आमतौर पर ट्रॉमा यानी मानसिक सदमा कहा जाता है। कई बार घटना गुजर जाने के बाद भी डर, बेचैनी, तनाव और दूसरी मानसिक परेशानियां बनी रहती हैं। अब एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन ने इस ओर ध्यान दिलाया है कि दर्दनाक अनुभव के बाद होने वाली मानसिक…

तनाव और चिंता को हल्के में न लें, डायबिटीज मरीजों के लिए मेंटल हेल्थ चेकअप क्यों है जरूरी?

डायबिटीज को लंबे समय तक ऐसी बीमारी के तौर पर देखा जाता रहा है, जिसका सीधा संबंध ब्लड शुगर, खानपान, एक्सरसाइज और दवाओं से है। मरीजों को नियमित रूप से शुगर की जांच करने, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं लेने और डाइट में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अब विशेषज्ञ डायबिटीज मैनेजमेंट के एक ऐसे पहलू पर भी जोर दे रहे हैं, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह पहलू है मरीज की मानसिक सेहत। डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक डायबिटीज के साथ रहने से व्यक्ति पर सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक…

रंगों से बदल सकता है मूड? तनाव और चिड़चिड़ेपन से राहत देने में मदद कर सकती है कलर थेरेपी

हमारी जिंदगी में रंग सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने का काम नहीं करते। घर की दीवारों से लेकर कपड़ों, प्रकृति और हमारे आसपास की चीजों तक, हर जगह रंगों की मौजूदगी हमारे अनुभव को प्रभावित करती है। आपने भी महसूस किया होगा कि कुछ रंगों को देखकर मन हल्का और शांत लगता है, जबकि कुछ रंग उत्साह या ऊर्जा का एहसास करा सकते हैं। यही वजह है कि रंगों और इंसानी भावनाओं के बीच संबंध को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसी सोच पर आधारित एक तरीका है कलर थेरेपी, जिसे क्रोमोथेरेपी भी कहा जाता है। इसमें अलग-अलग रंगों…

शादीशुदा रिश्ते में ये बदलाव नजर आएं तो हो जाएं सतर्क, कहीं पार्टनर का व्यवहार आपको मानसिक रूप से नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा

रिश्ते में इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी शादी का रिश्ता केवल साथ रहने का नाम नहीं है। इसमें भरोसा, सम्मान, समझदारी, बातचीत और एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र होना भी जरूरी है। जब पति-पत्नी एक-दूसरे की पसंद-नापसंद और निजी सीमाओं का सम्मान करते हैं, तो रिश्ता मजबूत होता है। लेकिन कई बार वक्त के साथ पार्टनर के व्यवहार में ऐसे बदलाव आने लगते हैं, जो धीरे-धीरे रिश्ते को तनावपूर्ण बना देते हैं। शुरुआत में छोटी लगने वाली बातें बाद में मानसिक दबाव, डर और अकेलेपन का कारण बन सकती हैं। कई लोग ऐसे रिश्ते में रहते…

Meta पर अमेरिका में 9030 करोड़ रुपए का बड़ा जुर्माना, अदालत ने कहा- सोशल मीडिया का युवाओं की मानसिक सेहत पर पड़ा गंभीर असर

अमेरिका में सोशल मीडिया दिग्गज Meta को एक बड़े कानूनी झटके का सामना करना पड़ा है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने कंपनी पर 942 मिलियन डॉलर (करीब 9030 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। अदालत का मानना है कि कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर Instagram और Facebook, युवाओं और बच्चों की मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। यही वजह है कि अदालत ने केवल आर्थिक दंड ही नहीं लगाया, बल्कि जुर्माने की बड़ी राशि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों और इलाज पर खर्च करने का भी निर्देश दिया है। यह मामला लंबे समय से अदालत में…

25 के बाद दोस्तियां क्यों पड़ने लगती हैं फीकी? जानिए क्यों इस उम्र में नए रिश्ते बनाना हो जाता है सबसे कठिन

हर इंसान की जिंदगी में एक ऐसा दौर जरूर आता है जब दोस्तों की लंबी लिस्ट धीरे-धीरे छोटी होने लगती है। स्कूल और कॉलेज में जिन लोगों के बिना दिन अधूरा लगता था, वही दोस्त समय के साथ जिंदगी से दूर होते चले जाते हैं। कुछ लोग नौकरी के कारण अलग शहरों में बस जाते हैं, कुछ शादी और परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त हो जाते हैं, जबकि कुछ रिश्ते बिना किसी बड़े झगड़े के भी धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। खासतौर पर 25 साल की उम्र के आसपास यह बदलाव सबसे ज्यादा महसूस होता है। यही वजह है कि…

सेहत को लेकर किस पीढ़ी का पलड़ा भारी? विशेषज्ञों ने बताया असली फर्क

आज के दौर में फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा युवा पीढ़ी के बीच देखने को मिलती है। सोशल मीडिया पर वर्कआउट वीडियो, हेल्दी डाइट प्लान, योग, मेडिटेशन, माइंडफुलनेस और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी लगातार साझा की जा रही है। खासतौर पर Gen Z को ऐसी पीढ़ी माना जाता है जो अपनी सेहत, मानसिक संतुलन और लाइफस्टाइल को लेकर काफी जागरूक है। दूसरी ओर Millennials को अक्सर काम के दबाव, तनाव और व्यस्त दिनचर्या से जूझने वाली पीढ़ी के रूप में देखा जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल हेल्थ के प्रति जागरूक होना…

रिश्ता बचाना है या खत्म करना? ब्रेकअप का फैसला लेने से पहले इन जरूरी सवालों का जवाब जरूर दें

हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं। कभी छोटी-छोटी बातों पर तकरार होती है तो कभी बड़े विवाद रिश्ते को कमजोर कर देते हैं। कई बार लगातार होने वाले झगड़ों के बाद मन में यह सवाल उठने लगता है कि क्या अब इस रिश्ते को आगे बढ़ाना सही रहेगा या अलग हो जाना ही बेहतर होगा। हालांकि भावनाओं में लिया गया फैसला बाद में पछतावे की वजह भी बन सकता है। इसलिए किसी भी रिश्ते को खत्म करने का निर्णय लेने से पहले खुद से कुछ ईमानदार सवाल पूछना बेहद जरूरी है। इन सवालों के जवाब आपको यह समझने में मदद…

नींद खुलते ही मोबाइल उठाना बन सकता है बड़ी परेशानी की वजह, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत से लेकर रात में सोने तक अधिकांश लोग किसी न किसी काम के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एक आदत ऐसी है जो धीरे-धीरे हमारी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है और ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह आदत है सुबह नींद खुलते ही सबसे पहले मोबाइल फोन उठाकर सोशल मीडिया, मैसेज, ईमेल या खबरें देखना। विशेषज्ञों का मानना है कि देखने में सामान्य लगने वाली यह आदत लंबे समय में मानसिक स्वास्थ्य, नींद की गुणवत्ता और…

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा माइग्रेन का खतरा, डॉक्टर बोले- बिगड़ी दिनचर्या और खानपान बन रहे सबसे बड़े कारण

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में माइग्रेन की समस्या केवल वयस्कों तक सीमित नहीं रह गई है। अब बच्चे, किशोर और युवा भी बड़ी संख्या में इस न्यूरोलॉजिकल समस्या का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित जीवनशैली, खराब खानपान और बढ़ता मानसिक दबाव इसके पीछे प्रमुख वजहें हैं। समय रहते इन कारणों पर ध्यान देकर माइग्रेन के हमलों की संख्या और उनकी गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मणिपाल हॉस्पिटल, भुवनेश्वर में एसोसिएट कंसल्टेंट (न्यूरोलॉजी) डॉ. अमलान तपन महापात्रा के अनुसार माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से अलग बीमारी है। यह केवल सिर में…

सूर्य नमस्कार: सिर्फ योग नहीं बल्कि शरीर और दिमाग के लिए पूरा फिटनेस सिस्टम, जानिए इसके पीछे की असली वजह

आज के समय में लोग फिट रहने के लिए जिम, कार्डियो और हैवी वर्कआउट का सहारा लेते हैं। घंटों पसीना बहाने के बाद भी कई लोग शरीर और मन के बीच सही संतुलन नहीं बना पाते। ऐसे में योग का एक प्राचीन अभ्यास सूर्य नमस्कार आज भी बेहद प्रभावी माना जाता है। इसे योग की सबसे संपूर्ण क्रियाओं में से एक कहा जाता है, क्योंकि इसमें शरीर के कई हिस्सों की एक साथ एक्सरसाइज हो जाती है। सूर्य नमस्कार केवल कुछ आसनों का समूह नहीं है, बल्कि यह सांस, शरीर की गति और मानसिक एकाग्रता का ऐसा मेल है जो…

कम नींद से बढ़ सकता है दिमाग पर दबाव, नई रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बातें

नींद हमारे शरीर और दिमाग के लिए किसी दवा से कम नहीं मानी जाती। पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ दिमाग को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है। लेकिन आज की व्यस्त जीवनशैली में देर रात तक जागना, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण लोगों की नींद लगातार प्रभावित हो रही है। अब एक नई स्टडी में सामने आया है कि लंबे समय तक नींद पूरी न होने या बार-बार नींद टूटने का असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिमाग की अंदरूनी कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर…

संचिता उगले की मौत पर पिता का बड़ा दावा, बोले- बेटी लंबे समय से मानसिक दबाव में थी, जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई

टीवी अभिनेत्री संचिता उगले के निधन की खबर ने मनोरंजन जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मुंबई स्थित अपने आवास पर 14 जून को हुई इस दुखद घटना के बाद मामले की जांच जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच अभिनेत्री के परिवार की ओर से लगातार ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि संचिता पिछले कुछ समय से मानसिक…

अरेंज मैरिज को लेकर मन में घबराहट? नए परिवार और अनजान माहौल की चिंता से ऐसे पाएं राहत

शादी जीवन का एक ऐसा फैसला है जो केवल दो लोगों को ही नहीं बल्कि दो परिवारों को भी एक नए रिश्ते में जोड़ता है। खासकर जब बात अरेंज मैरिज की हो, तो यह बदलाव और भी बड़ा महसूस हो सकता है। कई बार दो लोग सीमित मुलाकातों, कुछ बातचीत और परिवारों की सहमति के आधार पर जीवनभर साथ रहने का निर्णय लेते हैं। ऐसे में मन में कई तरह के सवाल और आशंकाएं आना बिल्कुल स्वाभाविक है। बहुत से लोग शादी से पहले सोचते हैं कि नया घर कैसा होगा, परिवार के सदस्य कैसे होंगे, जीवनसाथी के साथ तालमेल…

वर्क फ्रॉम होम की बढ़ती लोकप्रियता के बीच रिसर्च का बड़ा खुलासा, मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा गहरा असर

पिछले कुछ वर्षों में कार्यस्थल की परिभाषा तेजी से बदली है। एक समय था जब ऑफिस जाकर काम करना ही सामान्य माना जाता था, लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद रिमोट वर्क और वर्क फ्रॉम होम मॉडल ने दुनिया भर में अपनी मजबूत जगह बना ली। आज लाखों कर्मचारी अपने घरों से ही ऑफिस का काम संभाल रहे हैं। कई लोगों के लिए यह व्यवस्था सुविधाजनक साबित हुई है, क्योंकि इससे यात्रा का समय बचता है और परिवार के साथ अधिक समय बिताने का अवसर मिलता है। हालांकि अब एक नई रिसर्च ने इस व्यवस्था के दूसरे पहलू को उजागर किया…

पार्टनर हर कुछ मिनट में मोबाइल देखता है? यह सिर्फ आदत नहीं, रिश्ते के लिए हो सकता है खतरे का संकेत

आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन लोगों की दिनचर्या का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कई लोग खुद को अधूरा महसूस करते हैं। सुबह उठते ही सबसे पहले फोन हाथ में आता है और रात को सोने से पहले आखिरी नज़र भी उसी पर पड़ती है। हालांकि तकनीक ने जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसका बढ़ता असर अब रिश्तों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई बार आपने देखा होगा कि आप अपने पार्टनर के साथ बैठे हैं, बातचीत कर रहे हैं या कहीं बाहर समय बिता रहे हैं, लेकिन उनका ध्यान बार-बार मोबाइल स्क्रीन पर…

दिमाग में छिपा है मायूसी का कंट्रोल रूम, उम्मीद टूटते ही हो जाता है एक्टिव; वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

कई बार इंसान किसी अच्छे परिणाम, सफलता, पुरस्कार या खुशखबरी की उम्मीद करता है, लेकिन जब वैसा नहीं होता तो मन अचानक भारी हो जाता है। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे दिमाग की एक जटिल जैविक प्रक्रिया भी काम करती है। अब वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क में ऐसी खास कोशिकाओं की पहचान की है, जो यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं कि उम्मीद पूरी न होने पर व्यक्ति कितनी निराशा महसूस करेगा। हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन ने यह संकेत दिया है कि हमारे दिमाग में एक ऐसा तंत्र मौजूद है जो अपेक्षाओं…