25 के बाद दोस्तियां क्यों पड़ने लगती हैं फीकी? जानिए क्यों इस उम्र में नए रिश्ते बनाना हो जाता है सबसे कठिन

हर इंसान की जिंदगी में एक ऐसा दौर जरूर आता है जब दोस्तों की लंबी लिस्ट धीरे-धीरे छोटी होने लगती है। स्कूल और कॉलेज में जिन लोगों के बिना दिन अधूरा लगता था, वही दोस्त समय के साथ जिंदगी से दूर होते चले जाते हैं। कुछ लोग नौकरी के कारण अलग शहरों में बस जाते हैं, कुछ शादी और परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त हो जाते हैं, जबकि कुछ रिश्ते बिना किसी बड़े झगड़े के भी धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। खासतौर पर 25 साल की उम्र के आसपास यह बदलाव सबसे ज्यादा महसूस होता है। यही वजह है कि…

सेहत को लेकर किस पीढ़ी का पलड़ा भारी? विशेषज्ञों ने बताया असली फर्क

आज के दौर में फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा युवा पीढ़ी के बीच देखने को मिलती है। सोशल मीडिया पर वर्कआउट वीडियो, हेल्दी डाइट प्लान, योग, मेडिटेशन, माइंडफुलनेस और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी लगातार साझा की जा रही है। खासतौर पर Gen Z को ऐसी पीढ़ी माना जाता है जो अपनी सेहत, मानसिक संतुलन और लाइफस्टाइल को लेकर काफी जागरूक है। दूसरी ओर Millennials को अक्सर काम के दबाव, तनाव और व्यस्त दिनचर्या से जूझने वाली पीढ़ी के रूप में देखा जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल हेल्थ के प्रति जागरूक होना…

रिश्ता बचाना है या खत्म करना? ब्रेकअप का फैसला लेने से पहले इन जरूरी सवालों का जवाब जरूर दें

हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं। कभी छोटी-छोटी बातों पर तकरार होती है तो कभी बड़े विवाद रिश्ते को कमजोर कर देते हैं। कई बार लगातार होने वाले झगड़ों के बाद मन में यह सवाल उठने लगता है कि क्या अब इस रिश्ते को आगे बढ़ाना सही रहेगा या अलग हो जाना ही बेहतर होगा। हालांकि भावनाओं में लिया गया फैसला बाद में पछतावे की वजह भी बन सकता है। इसलिए किसी भी रिश्ते को खत्म करने का निर्णय लेने से पहले खुद से कुछ ईमानदार सवाल पूछना बेहद जरूरी है। इन सवालों के जवाब आपको यह समझने में मदद…

नींद खुलते ही मोबाइल उठाना बन सकता है बड़ी परेशानी की वजह, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत से लेकर रात में सोने तक अधिकांश लोग किसी न किसी काम के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एक आदत ऐसी है जो धीरे-धीरे हमारी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है और ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह आदत है सुबह नींद खुलते ही सबसे पहले मोबाइल फोन उठाकर सोशल मीडिया, मैसेज, ईमेल या खबरें देखना। विशेषज्ञों का मानना है कि देखने में सामान्य लगने वाली यह आदत लंबे समय में मानसिक स्वास्थ्य, नींद की गुणवत्ता और…

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा माइग्रेन का खतरा, डॉक्टर बोले- बिगड़ी दिनचर्या और खानपान बन रहे सबसे बड़े कारण

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में माइग्रेन की समस्या केवल वयस्कों तक सीमित नहीं रह गई है। अब बच्चे, किशोर और युवा भी बड़ी संख्या में इस न्यूरोलॉजिकल समस्या का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित जीवनशैली, खराब खानपान और बढ़ता मानसिक दबाव इसके पीछे प्रमुख वजहें हैं। समय रहते इन कारणों पर ध्यान देकर माइग्रेन के हमलों की संख्या और उनकी गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मणिपाल हॉस्पिटल, भुवनेश्वर में एसोसिएट कंसल्टेंट (न्यूरोलॉजी) डॉ. अमलान तपन महापात्रा के अनुसार माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से अलग बीमारी है। यह केवल सिर में…

सूर्य नमस्कार: सिर्फ योग नहीं बल्कि शरीर और दिमाग के लिए पूरा फिटनेस सिस्टम, जानिए इसके पीछे की असली वजह

आज के समय में लोग फिट रहने के लिए जिम, कार्डियो और हैवी वर्कआउट का सहारा लेते हैं। घंटों पसीना बहाने के बाद भी कई लोग शरीर और मन के बीच सही संतुलन नहीं बना पाते। ऐसे में योग का एक प्राचीन अभ्यास सूर्य नमस्कार आज भी बेहद प्रभावी माना जाता है। इसे योग की सबसे संपूर्ण क्रियाओं में से एक कहा जाता है, क्योंकि इसमें शरीर के कई हिस्सों की एक साथ एक्सरसाइज हो जाती है। सूर्य नमस्कार केवल कुछ आसनों का समूह नहीं है, बल्कि यह सांस, शरीर की गति और मानसिक एकाग्रता का ऐसा मेल है जो…

कम नींद से बढ़ सकता है दिमाग पर दबाव, नई रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बातें

नींद हमारे शरीर और दिमाग के लिए किसी दवा से कम नहीं मानी जाती। पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ दिमाग को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है। लेकिन आज की व्यस्त जीवनशैली में देर रात तक जागना, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण लोगों की नींद लगातार प्रभावित हो रही है। अब एक नई स्टडी में सामने आया है कि लंबे समय तक नींद पूरी न होने या बार-बार नींद टूटने का असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिमाग की अंदरूनी कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर…

संचिता उगले की मौत पर पिता का बड़ा दावा, बोले- बेटी लंबे समय से मानसिक दबाव में थी, जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई

टीवी अभिनेत्री संचिता उगले के निधन की खबर ने मनोरंजन जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मुंबई स्थित अपने आवास पर 14 जून को हुई इस दुखद घटना के बाद मामले की जांच जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच अभिनेत्री के परिवार की ओर से लगातार ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि संचिता पिछले कुछ समय से मानसिक…

अरेंज मैरिज को लेकर मन में घबराहट? नए परिवार और अनजान माहौल की चिंता से ऐसे पाएं राहत

शादी जीवन का एक ऐसा फैसला है जो केवल दो लोगों को ही नहीं बल्कि दो परिवारों को भी एक नए रिश्ते में जोड़ता है। खासकर जब बात अरेंज मैरिज की हो, तो यह बदलाव और भी बड़ा महसूस हो सकता है। कई बार दो लोग सीमित मुलाकातों, कुछ बातचीत और परिवारों की सहमति के आधार पर जीवनभर साथ रहने का निर्णय लेते हैं। ऐसे में मन में कई तरह के सवाल और आशंकाएं आना बिल्कुल स्वाभाविक है। बहुत से लोग शादी से पहले सोचते हैं कि नया घर कैसा होगा, परिवार के सदस्य कैसे होंगे, जीवनसाथी के साथ तालमेल…

वर्क फ्रॉम होम की बढ़ती लोकप्रियता के बीच रिसर्च का बड़ा खुलासा, मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा गहरा असर

पिछले कुछ वर्षों में कार्यस्थल की परिभाषा तेजी से बदली है। एक समय था जब ऑफिस जाकर काम करना ही सामान्य माना जाता था, लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद रिमोट वर्क और वर्क फ्रॉम होम मॉडल ने दुनिया भर में अपनी मजबूत जगह बना ली। आज लाखों कर्मचारी अपने घरों से ही ऑफिस का काम संभाल रहे हैं। कई लोगों के लिए यह व्यवस्था सुविधाजनक साबित हुई है, क्योंकि इससे यात्रा का समय बचता है और परिवार के साथ अधिक समय बिताने का अवसर मिलता है। हालांकि अब एक नई रिसर्च ने इस व्यवस्था के दूसरे पहलू को उजागर किया…

पार्टनर हर कुछ मिनट में मोबाइल देखता है? यह सिर्फ आदत नहीं, रिश्ते के लिए हो सकता है खतरे का संकेत

आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन लोगों की दिनचर्या का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कई लोग खुद को अधूरा महसूस करते हैं। सुबह उठते ही सबसे पहले फोन हाथ में आता है और रात को सोने से पहले आखिरी नज़र भी उसी पर पड़ती है। हालांकि तकनीक ने जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसका बढ़ता असर अब रिश्तों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई बार आपने देखा होगा कि आप अपने पार्टनर के साथ बैठे हैं, बातचीत कर रहे हैं या कहीं बाहर समय बिता रहे हैं, लेकिन उनका ध्यान बार-बार मोबाइल स्क्रीन पर…

दिमाग में छिपा है मायूसी का कंट्रोल रूम, उम्मीद टूटते ही हो जाता है एक्टिव; वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

कई बार इंसान किसी अच्छे परिणाम, सफलता, पुरस्कार या खुशखबरी की उम्मीद करता है, लेकिन जब वैसा नहीं होता तो मन अचानक भारी हो जाता है। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे दिमाग की एक जटिल जैविक प्रक्रिया भी काम करती है। अब वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क में ऐसी खास कोशिकाओं की पहचान की है, जो यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं कि उम्मीद पूरी न होने पर व्यक्ति कितनी निराशा महसूस करेगा। हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन ने यह संकेत दिया है कि हमारे दिमाग में एक ऐसा तंत्र मौजूद है जो अपेक्षाओं…

आत्मनिर्भर होने के बाद भी क्यों नहीं छोड़ पातीं कई महिलाएं दुखभरी शादी? वजहें सिर्फ पैसों से जुड़ी नहीं

आज के समय में महिलाएं शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय और समाज के लगभग हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और अपने फैसले खुद लेने की क्षमता रखती हैं। इसके बावजूद कई बार ऐसी महिलाएं भी तनावपूर्ण, असंतोषजनक या परेशान करने वाले वैवाहिक रिश्तों से बाहर निकलने का निर्णय नहीं ले पातीं। अक्सर यह माना जाता है कि आर्थिक आत्मनिर्भरता किसी भी व्यक्ति को हर मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकलने की ताकत दे देती है, लेकिन रिश्तों से जुड़े फैसले केवल पैसों पर आधारित नहीं होते। शादी जैसे रिश्ते में…

सिगरेट से मिलता है सुकून या बढ़ता है तनाव? जानिए निकोटीन की असली सच्चाई

तेज रफ्तार जीवनशैली, काम का बढ़ता दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, पारिवारिक चुनौतियां और व्यक्तिगत समस्याएं आज के समय में तनाव (Stress) को लगभग हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बना चुकी हैं। ऐसे में बहुत से लोग तनाव से राहत पाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कुछ लोग व्यायाम, योग या ध्यान का सहारा लेते हैं, जबकि कई लोग यह मानते हैं कि सिगरेट पीने से तनाव कम हो जाता है और मन शांत महसूस करता है। कार्यालयों के बाहर, कॉलेज परिसरों में या देर रात तक काम करने वाले लोगों के बीच अक्सर यह धारणा सुनने को मिलती है…

मोबाइल की ओवरयूज से बढ़ रहा मानसिक दबाव, डॉक्टरों ने दी स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह

लगातार मोबाइल चलाना और देर रात तक स्क्रीन देखना क्यों बन रहा है दिमाग के लिए खतरा? विशेषज्ञों ने बताया मानसिक थकान, नींद और फोकस पर पड़ने वाला असर स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। काम, पढ़ाई, मनोरंजन, बैंकिंग, खरीदारी और सामाजिक संपर्क जैसे अधिकांश कार्य अब डिजिटल माध्यमों से पूरे होने लगे हैं। तकनीक ने जीवन को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके बढ़ते उपयोग ने मानसिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को लेकर नई चुनौतियां भी पैदा की हैं। आज अधिकांश लोगों…

दुनिया में बढ़ता मानसिक तनाव बना बड़ा खतरा, हर 43 सेकंड में जा रही एक जान

दुनिया में तेजी से बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य की चुनौती मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अब केवल किसी एक देश या आयु वर्ग तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि यह पूरी दुनिया के सामने खड़ी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी हैं। आधुनिक जीवनशैली, बढ़ता काम का दबाव, सामाजिक बदलाव, आर्थिक अस्थिरता, डिजिटल दुनिया का प्रभाव और अकेलेपन जैसी परिस्थितियों ने मानसिक स्वास्थ्य को पहले से कहीं अधिक प्रभावित किया है। इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) लगातार मानसिक स्वास्थ्य को वैश्विक प्राथमिकता के रूप में सामने ला रहा है। WHO की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान…

एग्जाम या इंटरव्यू से पहले पेट में क्यों होती है घबराहट? जानिए ‘बटरफ्लाई फीलिंग’ का साइंटिफिक कारण

लगभग हर व्यक्ति ने जीवन में कभी न कभी ऐसा अनुभव जरूर किया होगा जब किसी महत्वपूर्ण परीक्षा, नौकरी के इंटरव्यू, स्टेज पर भाषण देने, खेल प्रतियोगिता या किसी बड़े फैसले से पहले अचानक पेट में अजीब सी हलचल महसूस होने लगती है। कई लोग इसे ऐसा महसूस होना बताते हैं जैसे पेट में “तितलियाँ उड़ रही हों”। इसके साथ ही दिल की धड़कन तेज हो जाती है, हाथों में पसीना आने लगता है, मुंह सूखने लगता है और मन में घबराहट बढ़ जाती है। पहली नजर में यह केवल एक भावनात्मक अनुभव लग सकता है, लेकिन वास्तव में इसके…

हर वक्त सुस्ती रहती है? रिसर्च में सामने आया एक्टिव और खुश रहने का आसान तरीका

थोड़ी-सी शारीरिक गतिविधि से बढ़ सकती है ऊर्जा और बेहतर हो सकता है मूड, नई रिसर्च में खुलासा अगर आपको दिनभर थकान, सुस्ती या कम ऊर्जा महसूस होती है, तो अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करना फायदेमंद साबित हो सकता है। एक नई वैज्ञानिक रिसर्च में सामने आया है कि ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज के बिना भी हल्की शारीरिक गतिविधियां इंसान के मूड और ऊर्जा स्तर को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि चलना, सीढ़ियां चढ़ना, घर के सामान्य काम करना या कुछ देर सक्रिय रहना भी शरीर और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव डाल…

हर बात को बार-बार सोचते हैं? ओवरथिंकिंग के ये 4 संकेत बताते हैं कि दिमाग पर बढ़ रहा है दबाव

ओवरथिंकिंग के संकेत: जब छोटी बातें भी दिमाग पर डालने लगें असर, समझें कैसे करें नियंत्रण आज के तेज रफ्तार जीवन में तनाव, चिंता और मानसिक दबाव लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं। काम का दबाव, रिश्तों से जुड़ी चिंताएं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता कई बार व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा सोचने के लिए मजबूर कर देती हैं। यही आदत धीरे-धीरे ओवरथिंकिंग का रूप ले सकती है। ओवरथिंकिंग का मतलब है किसी घटना, बातचीत, फैसले या परिस्थिति के बारे में बार-बार सोचना, जबकि उस पर लगातार विचार करने से कोई समाधान न निकल रहा…

क्या हर घबराहट एंग्जाइटी है? जानिए शरीर में दिखने वाले इसके आम संकेत

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, आर्थिक चिंताएं, पारिवारिक जिम्मेदारियां और लगातार बदलती परिस्थितियां कई लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं। कभी-कभी तनाव किसी खास परिस्थिति के कारण होता है और स्थिति सामान्य होने के बाद कम भी हो जाता है। लेकिन जब चिंता बार-बार होने लगे, लंबे समय तक बनी रहे या रोजमर्रा के काम, नींद और रिश्तों को प्रभावित करने लगे, तो इसे गंभीरता से समझना जरूरी हो जाता है। एंग्जाइटी यानी चिंता केवल मन में चलने वाले विचारों तक सीमित नहीं रहती। इसका असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर भी दिखाई…