PTM में सिर्फ नंबर और ग्रेड न पूछें, टीचर से इन बातों पर करें चर्चा

पेरेंट-टीचर मीटिंग यानी PTM माता-पिता के लिए बच्चे की पढ़ाई का हाल जानने का एक अहम मौका होती है। स्कूल में होने वाली इस मुलाकात के दौरान आमतौर पर सबसे ज्यादा चर्चा परीक्षा के परिणाम, नंबर, ग्रेड, होमवर्क और कमजोर विषयों को लेकर होती है। रिपोर्ट कार्ड सामने आते ही पेरेंट्स अक्सर यही जानना चाहते हैं कि बच्चा बाकी बच्चों की तुलना में कैसा प्रदर्शन कर रहा है और उसे किन विषयों में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। हालांकि बच्चे की स्कूल लाइफ को केवल उसके नंबरों से समझना संभव नहीं है। स्कूल में उसका व्यवहार, दोस्तों के साथ…

बच्चे एक जगह क्यों नहीं ध्यान टिकाते? हर बार डांटना सही नहीं, रिसर्च में सामने आया दिमाग का खास तरीका

अगर आपका बच्चा स्कूल जाने के लिए घर से निकलते ही रास्ते में किसी चीज को देखकर रुक जाता है, हर थोड़ी देर में सवाल पूछता है या किसी एक काम को करते-करते अचानक दूसरी चीज में दिलचस्पी लेने लगता है, तो इसे केवल शरारत समझना सही नहीं हो सकता। कई माता-पिता ऐसी आदतों से परेशान होकर बच्चों को बार-बार टोकते हैं। कुछ मामलों में तो बच्चे के इस व्यवहार को अनुशासन की कमी या ध्यान से जुड़ी समस्या तक मान लिया जाता है। लेकिन बच्चों के ध्यान को लेकर हुई एक वैज्ञानिक रिसर्च इस व्यवहार को समझने का एक…

स्कूल के नाम से ही रोने लगती है बच्चे? जानें कैसे प्यार और सही रूटीन से खत्म करें ये डर

कई बच्चों के लिए स्कूल की शुरुआत उत्साह से भरी होती है, लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो घर से निकलते ही रोने लगते हैं। स्कूल पहुंचने के बाद भी उनका रोना काफी देर तक जारी रहता है। कुछ बच्चे टीचर या दूसरे बच्चों से बातचीत नहीं करते, किसी गतिविधि में शामिल होने से बचते हैं और हर समय माता-पिता को अपने आसपास देखना चाहते हैं। खासकर 4 से 6 साल की उम्र में ऐसा व्यवहार कई परिवारों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। हालांकि, हर बार स्कूल जाने पर रोना इस बात का संकेत नहीं…

बच्चों ने दीवार पर पेंसिल से कलाकारी कर दी? बिना पेंट खराब किए ऐसे हटाएं निशान

घर में छोटे बच्चे हों तो उनका अचानक दीवार को ड्राइंग शीट बना लेना कोई हैरानी की बात नहीं है। कभी बच्चे पेंसिल से अपनी पसंद की आकृति बना देते हैं, तो कभी पढ़ाई या खेल-खेल में दीवार पर लकीरें खींच देते हैं। कई बार इन छोटे-छोटे निशानों को देखकर माता-पिता परेशान हो जाते हैं, क्योंकि डर रहता है कि सफाई करते समय दीवार का पेंट न उतर जाए या उसकी फिनिश खराब न हो जाए। हालांकि, अगर दीवार पर केवल पेंसिल के निशान हैं, तो उन्हें हटाने के लिए तुरंत पेंट करवाने की जरूरत नहीं पड़ती। सही तरीका अपनाकर…

डेढ़ साल की उम्र में बच्चे की ये 4 बातें दिखें तो हो जाएं सतर्क, डॉक्टर से जरूर लें सलाह

बच्चे के जन्म के बाद शुरुआती कुछ साल उसके शारीरिक, मानसिक, भाषाई और सामाजिक विकास के लिहाज से बेहद अहम होते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, बच्चे में नई-नई क्षमताएं विकसित होने लगती हैं। वह बैठना, खड़ा होना, चलना, बोलना, चीजों को समझना और आसपास के लोगों के साथ जुड़ना सीखता है। इन क्षमताओं को विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव यानी डेवलपमेंटल माइलस्टोन कहा जाता है। करीब 18 महीने यानी डेढ़ साल की उम्र तक बच्चे के विकास में कई बदलाव दिखाई देने लगते हैं। हालांकि हर बच्चे के सीखने की गति अलग हो सकती है, लेकिन कुछ क्षमताएं ऐसी हैं…

सुबह स्कूल के लिए बच्चे को जगाना रोज की परेशानी बन गई है? बिना डांट के अपनाएं ये 5 स्मार्ट तरीके

बच्चे की मॉर्निंग रूटीन सुधारने के 5 असरदार तरीके सुबह का वक्त हर घर के लिए काफी भागदौड़ भरा होता है। किसी को ऑफिस के लिए निकलना होता है, किसी को नाश्ता तैयार करना होता है तो किसी को बच्चों का टिफिन और स्कूल बैग संभालना होता है। इस पूरी भागदौड़ के बीच सबसे बड़ी चुनौती तब बन जाती है, जब स्कूल जाने का समय करीब आ चुका हो और बच्चा आराम से बिस्तर में सो रहा हो। कई बार माता-पिता बच्चे को एक-दो बार प्यार से उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती तो आवाज…

बच्चों की परवरिश में न करें ये 5 गलतियां, आत्मसम्मान पर पड़ सकता है बच्चों की पसंद और सीमाओं का सम्मान क्यों है जरूरी?बुरा प्रभाव

बच्चों की पसंद और सीमाओं का सम्मान क्यों जरूरी है? बच्चों के लिए परिवार और रिश्तेदारों के बीच होने वाली छोटी-छोटी बातें भी काफी मायने रखती हैं। शादी, जन्मदिन, पूजा, पार्टी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में अक्सर बच्चे सभी के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। लोग उनसे बातचीत करना चाहते हैं, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और कई बार मजाक-मजाक में उनसे कुछ ऐसा करने के लिए भी कह देते हैं, जिसमें बच्चा सहज महसूस नहीं करता। कई माता-पिता भी सामाजिक दबाव में आकर बच्चे को वह काम करने के लिए कह देते हैं। बड़ों के लिए भले ही…

बच्चा गुस्से में माता-पिता को मारने लगे तो क्या करें? इन तरीकों से समझाएं सही और गलत की सीमा

छोटे बच्चों में गुस्सा, जिद, चिड़चिड़ापन और अपनी बात मनवाने की कोशिश करना उनके विकास का सामान्य हिस्सा माना जाता है। कई बार बच्चा अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता और ऐसे में वह रोने, चिल्लाने, चीजें फेंकने या हाथ-पैर चलाने लगता है। लेकिन जब यही व्यवहार माता-पिता को मारने तक पहुंच जाए, तो इसे केवल बच्चे की मासूम शरारत समझकर छोड़ देना सही नहीं है। बच्चे का किसी पेरेंट पर हाथ उठाना इस बात का संकेत हो सकता है कि उसे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना और अपनी सीमाओं को समझना अभी सीखना है। ऐसे समय…

बच्चा तय उम्र में नहीं बोल रहा? हर देरी सामान्य नहीं, समय रहते पहचानें संकेत

हर माता-पिता अपने बच्चे के पहले शब्द का बेसब्री से इंतजार करते हैं। जब बच्चा “मम्मा” या “पापा” कहना शुरू करता है तो वह पल पूरे परिवार के लिए खास बन जाता है। लेकिन कुछ बच्चों में बोलने की शुरुआत अपेक्षा से देर से होती है। ऐसे समय में अक्सर रिश्तेदार या आसपास के लोग यह कहकर दिलासा देते हैं कि “अभी छोटा है, कुछ समय बाद अपने आप बोलने लगेगा।” हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामले में ऐसा मान लेना सही नहीं है। यदि बच्चे की भाषा और बोलने की क्षमता उम्र के हिसाब से विकसित नहीं…

बढ़ता स्क्रीन टाइम बना बच्चों की आंखों का दुश्मन, कम उम्र में लग रहा चश्मा; जानिए मायोपिया से बचाव के अहम उपाय

डिजिटल दौर में बच्चों की आंखों पर बढ़ता खतरा आज का समय तकनीक का युग है। मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य डिजिटल उपकरण बच्चों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई, मनोरंजन, ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो देखने और दोस्तों से जुड़ने तक लगभग हर गतिविधि अब स्क्रीन के माध्यम से हो रही है। तकनीक ने जहां जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसके अत्यधिक उपयोग ने बच्चों के स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव भी डालने शुरू कर दिए हैं। विशेष रूप से आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टरों…

बच्चों की लंबाई बढ़ाने में मदद कर सकते हैं ये सुपरफूड्स, डाइट में जरूर करें शामिल

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ, सक्रिय और शारीरिक रूप से मजबूत बने। बच्चों की लंबाई (हाइट) को लेकर भी अक्सर अभिभावकों की चिंता रहती है। कई लोग यह मानते हैं कि केवल आनुवंशिकता यानी जेनेटिक्स ही बच्चे की लंबाई तय करती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। जेनेटिक्स का प्रभाव जरूर होता है, लेकिन सही पोषण, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधियां और स्वस्थ जीवनशैली भी बच्चों की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बचपन और किशोरावस्था वह समय होता है जब शरीर तेजी से विकसित होता है। इस दौरान यदि बच्चों को…

पहली बार स्कूल जा रहा है बच्चा? इन आसान टिप्स से दूर होगा डर, नए माहौल में जल्दी होगा सेट

बच्चे का पहला स्कूल डे: माता-पिता इन आसान तरीकों से बनाएं नई शुरुआत को आसान हर माता-पिता के जीवन में वह समय बेहद खास होता है, जब उनका बच्चा पहली बार स्कूल जाने की शुरुआत करता है। यह पल खुशी के साथ-साथ भावनाओं से भी जुड़ा होता है। जहां एक ओर पेरेंट्स अपने बच्चे को नई दुनिया में कदम रखते देखकर खुश होते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ घंटों के लिए उससे दूर रहना उनके लिए चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। बच्चे के लिए स्कूल जाना सिर्फ पढ़ाई की शुरुआत नहीं होती, बल्कि यह उसके सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक विकास…

बच्चों की एकाग्रता पर भारी पड़ रही Reels की आदत, याददाश्त और पढ़ाई पर दिखने लगा असर

कोविड-19 महामारी के बाद बच्चों और युवाओं की डिजिटल आदतों में तेजी से बदलाव आया है। ऑनलाइन पढ़ाई, घर में अधिक समय बिताने और मनोरंजन के लिए मोबाइल व इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता ने स्क्रीन को बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बना दिया। महामारी के बाद भले ही स्कूल और सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हों, लेकिन मोबाइल, सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट का इस्तेमाल पहले की तुलना में काफी बढ़ चुका है। इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शॉर्ट-फॉर्म वीडियो यानी कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक की रील्स और शॉर्ट वीडियो हैं।…

स्क्रीन टाइम और गलत खानपान बना बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन, बढ़ रहीं लाइफस्टाइल बीमारियां

आज के डिजिटल दौर में बच्चों की जीवनशैली में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। कुछ दशक पहले तक बच्चे अपना ज्यादातर समय मैदान में खेलने, दौड़ने और अन्य शारीरिक गतिविधियों में बिताते थे, लेकिन अब उनकी दिनचर्या का बड़ा हिस्सा मोबाइल फोन, टैबलेट, टीवी और ऑनलाइन गेम्स में गुजर रहा है। इस बदलाव ने बच्चों की आदतों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शरीर और दिमाग के बेहतर विकास के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी होती है। लेकिन…