Punjab में पारा 43 पार: आसमान से बरसने लगी आग… नौ जिलों के लिए अलर्ट जारी।

Punjab में पारा 43 पार: आसमान से बरसने लगी आग… नौ जिलों के लिए अलर्ट जारी।

Punjab में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप, गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली दिखाई दे रही हैं और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई शहरों में ऐसा महसूस हो रहा है मानो आसमान से आग बरस रही हो।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जो सामान्य से लगभग 5 से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए विभाग ने बुधवार के लिए Punjab के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ इलाकों में सामान्य हीटवेव के साथ-साथ सीवियर हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है।

गर्मी का असर केवल दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। इसे मौसम विज्ञान की भाषा में वार्म नाइट कहा जाता है, जब रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलती। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।

कई जिलों में सीवियर हीटवेव का खतरा

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को Punjab के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में गर्मी सबसे अधिक प्रभावी रहने की संभावना है। फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा जिलों में सीवियर हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने और दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर और पटियाला में भी हीटवेव की स्थिति बनने की आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

43 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ा है। बठिंडा और फरीदकोट सबसे गर्म जिले रहे, जहां अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा अमृतसर में 37.3 डिग्री, लुधियाना में 38.0 डिग्री, पटियाला में 38.0 डिग्री, पठानकोट में 37.9 डिग्री, गुरदासपुर में 36.0 डिग्री और फिरोजपुर में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 6 डिग्री अधिक रहने के कारण लोगों को रात के समय भी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। एसबीएस नगर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.3 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

अगले 48 घंटे तक गर्मी से राहत की संभावना कम

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। विशेष रूप से Punjab के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।

हालांकि इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में कुछ बदलाव आने की संभावना है, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

तेज हवाओं और हल्की बारिश के भी आसार, स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव को लेकर जारी की विस्तृत एडवाइजरी

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ राहत की संभावना भी जताई है। विभाग के अनुसार बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बादल बनने, बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई है।

गुरुवार के लिए भी विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और कुछ क्षेत्रों में वर्षा होने का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 11 अप्रैल को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में आंशिक गिरावट आ सकती है।

वार्म नाइट से बढ़ सकती हैं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केवल दिन का अधिक तापमान ही नहीं, बल्कि रात में भी तापमान अधिक बने रहना स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करता है। लगातार गर्म रातों के कारण शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में पर्याप्त नींद, पर्याप्त पानी का सेवन और शरीर को ठंडा रखना आवश्यक होता है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की विशेष एडवाइजरी

Punjab स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए नागरिकों के लिए विस्तृत स्वास्थ्य सलाह जारी की है। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाएं और विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का अतिरिक्त ध्यान रखें।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगातार तेज गर्मी के कारण हीट एग्जॉशन, हीट क्रैम्प्स और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इन्हें समय रहते पहचानना और उचित उपचार प्राप्त करना आवश्यक है।

अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को किया गया हाई अलर्ट

राज्य के सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को हीटवेव से जुड़े मामलों के लिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। एंबुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने तथा गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हीट स्ट्रोक के मामलों की त्वरित पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सके।

हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों को पहचानना जरूरी

चिकित्सकों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को तेज चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, लगातार मतली या उल्टी आना, शरीर का तापमान 103 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होना, अत्यधिक पसीना आना या बिल्कुल पसीना न आना, भ्रम की स्थिति या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति को तुरंत धूप से हटाकर ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करनी चाहिए।

हीटवेव के दौरान क्या करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मी के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन शरीर में पानी की कमी को रोकने में मदद कर सकता है। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकें।

यदि किसी व्यक्ति में हीटवेव के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं, कपड़े ढीले करें, ठंडी पट्टियां रखें और पानी या ओआरएस पिलाएं। यदि स्थिति में सुधार न हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।

किन बातों से बचना चाहिए

विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। अत्यधिक शारीरिक श्रम, लंबे समय तक धूप में रहना, गहरे रंग के या तंग कपड़े पहनना तथा शरीर में पानी की कमी होने देना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

कैफीन और शराब जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं, इसलिए गर्म मौसम में इनका सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पालतू जानवरों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना भी आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल से संपर्क करें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

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