AAP नेताओं ने कांशी राम को दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय और समान अवसरों के लिए प्रतिबद्धता दोहराई

AAP नेताओं ने कांशी राम को दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय और समान अवसरों के लिए प्रतिबद्धता दोहराई

रोपड़/जालंधर: बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की जयंती के अवसर पर रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर नेताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर, शिक्षा और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी विचारधारा आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन सामाजिक और राजनीतिक रूप से पिछड़े वर्गों को संगठित करने तथा उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के उद्देश्य से समर्पित किया। उन्होंने समाज के वंचित तबकों में राजनीतिक जागरूकता पैदा करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया और सामाजिक समानता के मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया।

रोपड़ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए हरपाल सिंह चीमा

रोपड़ में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांशीराम ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि कांशीराम का जीवन सामाजिक परिवर्तन, समान अधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए समर्पित रहा। उनके प्रयासों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के बीच सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ी।

चीमा ने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को केवल राजनीतिक रूप से संगठित करने का प्रयास नहीं किया, बल्कि उन्हें शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान के महत्व से भी परिचित कराया।

छात्र जीवन के अनुभव किए साझा

अपने संबोधन के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि छात्र जीवन में उन्हें कांशीराम के साथ काम करने और उनके सामाजिक आंदोलन को करीब से समझने का अवसर मिला था।

उन्होंने कहा कि उस समय देश के कई हिस्सों में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों के बारे में सीमित जानकारी थी। ऐसे दौर में कांशीराम ने गांव-गांव जाकर लोगों के बीच सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी का संदेश पहुंचाया।

चीमा ने बताया कि वे अक्सर पैदल यात्राएं और साइकिल यात्राएं कर लोगों से सीधे संवाद करते थे। उनका उद्देश्य समाज के उन वर्गों को जागरूक करना था, जो लंबे समय तक मुख्यधारा की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था से दूर रहे।

राजनीतिक भागीदारी पर दिया विशेष जोर

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांशीराम का मानना था कि सामाजिक बदलाव के लिए केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में प्रभावी भागीदारी भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पिछड़े और वंचित वर्गों को राजनीति में आगे आने के लिए प्रेरित करने का उनका संदेश आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।

चीमा के अनुसार, सार्वजनिक जीवन में आने और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा उन्हें भी कांशीराम के विचारों से मिली।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और प्रतिनिधित्व प्राप्त हो।

पंजाब सरकार की नीतियों का किया उल्लेख

अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शासन और प्रशासन में सामाजिक न्याय तथा समान अवसरों के सिद्धांतों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

चीमा ने दावा किया कि सरकार ने विभिन्न वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई नीतिगत फैसले लिए हैं, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

शिक्षा को बताया सामाजिक परिवर्तन का आधार

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास का सबसे मजबूत माध्यम है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उनके अनुसार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार का परिणाम यह है कि अब सामान्य परिवारों के विद्यार्थी भी जेईई (JEE), नीट (NEET) तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा न बने।

सरकारी योजनाओं का भी किया जिक्र

चीमा ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए कई क्षेत्रों में कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आर्थिक सहायता से संबंधित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

साथ ही महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सशक्त बनाने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

जालंधर में पवन कुमार टीनू ने भी दी श्रद्धांजलि

उधर, जालंधर में आयोजित एक अलग कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के नेता पवन कुमार टीनू ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

टीनू ने कहा कि समाज में समान अवसर, सामाजिक एकता और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना आज भी उतना ही आवश्यक है, जितना कांशीराम के समय था।

सामाजिक समानता पर दिया जोर

पवन कुमार टीनू ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान सम्मान और अवसर मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सामाजिक समरसता, भाईचारे और समानता के मूल्यों को अपनाते हुए समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

कांशीराम का सामाजिक और राजनीतिक योगदान

कांशीराम भारतीय राजनीति और सामाजिक आंदोलनों के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया।

उनके नेतृत्व में सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई अभियान चलाए गए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी पर जोर दिया गया। उनके विचारों का प्रभाव आज भी विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों में देखा जाता है।

सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समावेशी विकास जैसे विषय आगे भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।

नेताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान, अवसर और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कार्य करने की प्रतिबद्धता जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने कांशीराम के सामाजिक परिवर्तन, समानता और लोकतांत्रिक भागीदारी के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।

Leave a Reply