UP: राशन वितरण में योगी सरकार की पारदर्शी पहल, करोड़ों लाभार्थियों को मिल रहा सीधा लाभ, 77.37% ने पूरी की e-KYC प्रक्रिया।

UP: राशन वितरण में योगी सरकार की पारदर्शी पहल, करोड़ों लाभार्थियों को मिल रहा सीधा लाभ, 77.37% ने पूरी की e-KYC प्रक्रिया।

UP में राशन वितरण व्यवस्था हुई अधिक डिजिटल और पारदर्शी, ई-केवाईसी से लाखों लाभार्थियों को मिल रहा सीधा फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा लागू की गई डिजिटल व्यवस्थाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना, फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक सुनिश्चित करना है।

सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राशन वितरण व्यवस्था में डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया है। ई-केवाईसी, आधार आधारित सत्यापन, ऑनलाइन डेटा प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड और पोर्टेबिलिटी जैसी सुविधाओं को लागू करने के बाद राशन वितरण प्रणाली पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनी है। इन सुधारों का लाभ प्रदेश के करोड़ों लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।

खाद्य एवं रसद विभाग का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।

ई-केवाईसी और आधार सत्यापन से मजबूत हुई राशन वितरण प्रणाली

राशन वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer) और आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया को लागू किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक लाभार्थी की पहचान का सत्यापन करना तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड धारक अब देश के किसी भी उचित दर की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) पर जाकर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे उन लाभार्थियों को भी सुविधा मिली है जो रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने मूल जिले अथवा राज्य से बाहर रह रहे हैं।

1.15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को मिल रहा लाभ

सरकारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में 1.15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारक इस डिजिटल व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे हैं। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद लाभार्थियों का डेटा अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो रहा है, जिससे योजनाओं के संचालन में भी सुविधा मिल रही है।

खाद्य एवं रसद विभाग का कहना है कि तकनीकी सुधारों के कारण राशन वितरण की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है और लाभार्थियों की जानकारी का सत्यापन भी नियमित रूप से किया जा रहा है।

मार्च 2025 तक 77.37 प्रतिशत लाभार्थियों ने पूरी की ई-केवाईसी

विभागीय आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 तक प्रदेश के लगभग 77.37 प्रतिशत लाभार्थियों ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह संख्या लगभग 1,15,37,940 राशन कार्ड धारकों के बराबर बताई गई है।

सरकार का कहना है कि लगातार अभियान चलाकर शेष लाभार्थियों की भी ई-केवाईसी पूरी कराई जा रही है ताकि सभी पात्र परिवार डिजिटल सत्यापन प्रणाली का हिस्सा बन सकें।

अन्य राज्यों में रह रहे लाभार्थियों को भी मिली सुविधा

डिजिटल व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी सामने आया है कि दूसरे राज्यों में रहने वाले राशन कार्ड धारक भी आसानी से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर पा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 10.02 लाख लाभार्थियों ने अन्य राज्यों में रहते हुए अपनी ई-केवाईसी कराई है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल प्रणाली केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में रहने वाले पात्र लाभार्थियों को भी सुविधा प्रदान कर रही है।

ई-केवाईसी से कैसे बढ़ी पारदर्शिता?

ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू होने के बाद लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से की जा रही है। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर कई कार्ड, फर्जी पहचान या गलत विवरण जैसी संभावित समस्याओं की पहचान करने में सहायता मिलती है।

डिजिटल सत्यापन प्रणाली के माध्यम से रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट किया जा सकता है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनती है।

अपात्र लाभार्थियों की पहचान में मिल रही मदद

सरकार का कहना है कि डिजिटल सत्यापन अभियान के दौरान ऐसे मामलों की पहचान करने में भी सहायता मिली है जहां अपात्र लोग राशन प्रणाली का लाभ प्राप्त कर रहे थे। सत्यापन के बाद नियमों के अनुसार ऐसे मामलों की समीक्षा की जा रही है।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचाना तथा सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है।

उचित दर की दुकानों पर उपलब्ध है ई-केवाईसी सुविधा

प्रदेश के राशन कार्ड धारक अपनी ई-केवाईसी निर्धारित उचित दर की दुकानों पर जाकर पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी अभी तक पूरी नहीं हुई है, वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करें ताकि भविष्य में राशन वितरण के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डिजिटल तकनीक से आसान हुई निगरानी

ऑनलाइन रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा प्रबंधन के कारण विभाग के लिए राशन वितरण की निगरानी पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है। विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर विभाग समय-समय पर आवश्यक सुधार भी कर सकता है।

डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन, वितरण की स्थिति और अन्य आवश्यक सूचनाओं का प्रबंधन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।

पोर्टेबिलिटी सुविधा से बढ़ी लाभार्थियों की सुविधा

डिजिटल प्रणाली का एक प्रमुख लाभ राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सुविधा भी है। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र लाभार्थी आवश्यक परिस्थितियों में अपने मूल स्थान के अलावा अन्य स्थानों पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार राशन प्राप्त कर सकते हैं।

विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, नौकरीपेशा लोगों और दूसरे जिलों या राज्यों में रहने वाले परिवारों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो रही है।

तकनीक आधारित वितरण प्रणाली पर सरकार का फोकस

प्रदेश सरकार का कहना है कि भविष्य में भी राशन वितरण प्रणाली में तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी जाएगी। ई-केवाईसी, आधार सत्यापन, ऑनलाइन रिकॉर्ड और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास जारी है।

विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो, जिससे राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह सत्यापित डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर संचालित हो सके। इसके साथ ही अपात्र लाभार्थियों की पहचान, पात्र परिवारों तक समय पर खाद्यान्न की उपलब्धता तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

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