आनंदपुर साहिब की राह होगी आसान? मालविंदर कंग ने गडकरी के सामने उठाया 54.5 किमी सड़क को NH बनाने का मुद्दा

आनंदपुर साहिब की राह होगी आसान? मालविंदर कंग ने गडकरी के सामने उठाया 54.5 किमी सड़क को NH बनाने का मुद्दा

चंडीगढ़। श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को लेकर केंद्र सरकार के सामने बड़ा मुद्दा उठाया है। सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बंगा-गढ़शंकर-श्री आनंदपुर साहिब मार्ग को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने और इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन लाने की मांग की है।

सांसद कंग ने केंद्रीय मंत्री को दिए पत्र में कहा कि करीब 54.50 किलोमीटर लंबा यह मार्ग धार्मिक, पर्यटन, व्यापारिक और क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद वर्षों पहले मंजूरी और शिलान्यास होने के बाद भी परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस सड़क को अब बिना किसी और देरी के राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करते हुए इसके निर्माण और उन्नयन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

मालविंदर सिंह कंग के मुताबिक, बंगा से गढ़शंकर होते हुए श्री आनंदपुर साहिब तक जाने वाला मार्ग केवल स्थानीय लोगों के आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि पंजाब के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। इस सड़क का सीधा संबंध श्री आनंदपुर साहिब और श्री कीरतपुर साहिब जैसे ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों से है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश स्थित माता श्री नैना देवी मंदिर जाने वाले पंजाब और अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

सांसद ने अपने पत्र में इस सड़क के धार्मिक महत्व पर विशेष जोर दिया है। श्री आनंदपुर साहिब को सिख इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह खालसा पंथ की स्थापना से जुड़ी ऐतिहासिक भूमि है और यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष धार्मिक अवसरों, त्योहारों और होला मोहल्ला जैसे आयोजनों के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है।

इसी तरह श्री कीरतपुर साहिब भी सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इन दोनों स्थानों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कंग ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष यह भी बताया कि मौजूदा समय में इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शिवालिक क्षेत्र में खनन गतिविधियों से जुड़े डंपरों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर ट्रैफिक भार बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त धार्मिक पर्यटन और स्थानीय यातायात के कारण भी इस मार्ग का इस्तेमाल बड़ी संख्या में वाहन करते हैं।

सांसद के अनुसार, इस सड़क पर रोजाना लगभग 20 हजार PCU यानी पैसेंजर कार यूनिट के बराबर यातायात दर्ज किया जा रहा है। उनका तर्क है कि इतनी अधिक यातायात क्षमता इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किए जाने की जरूरत को स्पष्ट करती है।

उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि मौजूदा सड़क पर बढ़ते दबाव को देखते हुए इसे केवल सामान्य सड़क के रूप में बनाए रखना पर्याप्त नहीं होगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क की चौड़ाई, मजबूती, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में सुधार जरूरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने के बाद सड़क के निर्माण और रखरखाव के लिए केंद्रीय स्तर पर अधिक व्यवस्थित तरीके से काम किया जा सकेगा।

इस परियोजना का इतिहास भी काफी पुराना है। सांसद की ओर से केंद्रीय मंत्री को दिए गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि बंगा-गढ़शंकर-श्री आनंदपुर साहिब मार्ग को वर्ष 2016 में सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। इसके बाद 25 फरवरी 2019 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं इस परियोजना का नींव पत्थर रखा था।

शिलान्यास के समय क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही सड़क परियोजना को गति मिलेगी और बंगा से श्री आनंदपुर साहिब तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा। हालांकि, सांसद के अनुसार वर्ष 2019 के बाद परियोजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई साल गुजर जाने के बावजूद सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने का काम जमीन पर शुरू नहीं हो पाया है।

कंग ने इस देरी को क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि जिस परियोजना का शिलान्यास केंद्रीय स्तर पर किया गया था, उसका लंबे समय तक लंबित रहना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर इसे जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जाए।

सांसद ने कहा कि सड़क के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से केवल आवागमन आसान नहीं होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिल सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापारियों, उद्योगों, किसानों और छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

श्री आनंदपुर साहिब और आसपास के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सड़क सुविधा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंजाब के विभिन्न जिलों के अलावा हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु इन क्षेत्रों में पहुंचते हैं। वर्तमान सड़क पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने के कारण कई बार यात्रा में अधिक समय लग सकता है। भारी वाहनों की आवाजाही भी यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती है।

कंग ने अपने पत्र में इस मार्ग को NHAI के अधीन लाने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित होने के बाद सड़क के निर्माण, रखरखाव और यातायात सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा। इससे सड़क की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा भी बेहतर हो सकती है।

सांसद की मांग केवल सड़क के दर्जे तक सीमित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निर्माण प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाए। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित परियोजना को अब और आगे नहीं खींचा जाना चाहिए।

क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी इस सड़क को महत्वपूर्ण बनाती है। बंगा और गढ़शंकर से होते हुए यह मार्ग श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र को जोड़ता है। आगे हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह संपर्क मार्ग महत्वपूर्ण है। शिवालिक क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के चलते भविष्य में इस सड़क पर यातायात और बढ़ने की संभावना है।

खनन क्षेत्र से निकलने वाले भारी वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण सड़क की क्षमता और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर सामान्य यातायात के साथ दबाव बढ़ता है। ऐसे में सड़क का वैज्ञानिक तरीके से उन्नयन और यातायात प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।

सांसद कंग ने केंद्रीय मंत्री के साथ हुई मुलाकात के दौरान क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि इस सड़क को लेकर स्थानीय लोगों और धार्मिक यात्रियों में लंबे समय से उम्मीद बनी हुई है। परियोजना के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिल सकती है।

कंग ने यह भी संकेत दिया कि बेहतर कनेक्टिविटी से श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार किया जा सकता है। धार्मिक पर्यटन के अलावा आसपास के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल सकता है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय दुकानों और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

श्री आनंदपुर साहिब में धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे समय में सड़क पर वाहनों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। यदि मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों के अनुसार विकसित किया जाता है तो यातायात संचालन, सड़क सुरक्षा और यात्रा समय में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

सांसद के पत्र में यह भी कहा गया है कि परियोजना की पुरानी मंजूरी और 2019 के शिलान्यास को देखते हुए अब इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से परियोजना को लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और NHAI को जिम्मेदारी सौंपने का आग्रह किया है।

कंग की इस पहल को उनके लोकसभा क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी मांगों को केंद्र के सामने उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी क्षेत्रीय सांसद विभिन्न विकास परियोजनाओं और सड़क संपर्क से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मांगें रखते रहे हैं। इस बार उन्होंने विशेष रूप से उस परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग की है जिसका शिलान्यास कई वर्ष पहले हो चुका है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस प्रस्ताव पर क्या कदम उठाता है। यदि मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलता है और इसे NHAI के अधीन लाया जाता है तो बंगा, गढ़शंकर और श्री आनंदपुर साहिब सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ मिल सकता है।

कुल मिलाकर, 54.50 किलोमीटर लंबा बंगा-गढ़शंकर-श्री आनंदपुर साहिब मार्ग एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ इस सड़क का धार्मिक और पर्यटन महत्व है, तो दूसरी ओर लगातार बढ़ता यातायात और भारी वाहनों की आवाजाही इसकी क्षमता पर दबाव डाल रही है। वर्ष 2016 की सैद्धांतिक मंजूरी और वर्ष 2019 के शिलान्यास के बावजूद परियोजना के आगे नहीं बढ़ने को लेकर सांसद मालविंदर सिंह कंग ने अब केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

सांसद ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से स्पष्ट आग्रह किया है कि इस मार्ग को जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर NHAI के हवाले किया जाए और निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। यदि केंद्र की ओर से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो इससे न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा सुगम हो सकती है, बल्कि पंजाब के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।