ऑस्कर 2027 के नियम बदले: अब एक्टर को एक ही कैटेगरी में मिल सकते हैं कई नॉमिनेशन, भारत को भी मिला बड़ा मौका

ऑस्कर 2027 के नियम बदले: अब एक्टर को एक ही कैटेगरी में मिल सकते हैं कई नॉमिनेशन, भारत को भी मिला बड़ा मौका

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों में शामिल Academy Awards को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। Academy of Motion Picture Arts and Sciences ने 99वें Academy Awards, यानी 2027 में आयोजित होने वाले ऑस्कर समारोह के लिए कुछ नए नियमों और बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों का असर फिल्मों के चयन, अभिनय श्रेणियों में नामांकन और Best International Feature Film कैटेगरी पर पड़ सकता है।

ऑस्कर के नियमों में होने वाले बदलाव हमेशा फिल्म इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि दुनिया भर के फिल्म निर्माता, कलाकार और प्रोडक्शन कंपनियां इस पुरस्कार को अंतरराष्ट्रीय पहचान के सबसे बड़े मंचों में से एक मानती हैं। ऐसे में नए नियमों के सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले वर्षों में Academy Awards में फिल्मों और कलाकारों के चयन की प्रक्रिया किस तरह बदल सकती है।

इस बार घोषित किए गए प्रावधानों में सबसे अधिक ध्यान एक्टिंग कैटेगरी में संभावित मल्टीपल नॉमिनेशन और Best International Feature Film के लिए देशों की ओर से भेजी जाने वाली फिल्मों की संख्या से जुड़े बदलाव पर है। इसके अलावा इंटरनेशनल फिल्म का पुरस्कार किसे दिया जाएगा, इसे लेकर भी नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है।

एक ही एक्टिंग कैटेगरी में एक कलाकार को मिल सकते हैं कई नामांकन

नए नियमों में सबसे चर्चित बदलाव अभिनय श्रेणियों से संबंधित है। अब एक अभिनेता या अभिनेत्री को एक ही साल में एक ही एक्टिंग कैटेगरी के भीतर एक से अधिक फिल्मों के लिए नामांकन मिलने की संभावना रहेगी।

इसका मतलब यह है कि अगर कोई कलाकार एक ही अवॉर्ड वर्ष में दो अलग-अलग फिल्मों में प्रभावशाली प्रदर्शन करता है और दोनों प्रदर्शन Academy के वोटिंग मानदंडों को पूरा करते हैं, तो उसके दोनों प्रदर्शन एक ही कैटेगरी में नामांकन हासिल कर सकते हैं।

इससे पहले एक ही कलाकार के लिए एक कैटेगरी में एक से अधिक नामांकन की संभावना काफी सीमित थी। नए नियम के तहत यह व्यवस्था उन कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो एक ही वर्ष में अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम करते हैं और दोनों भूमिकाओं के लिए आलोचकों तथा Academy के सदस्यों से मजबूत समर्थन प्राप्त करते हैं।

हालांकि, किसी कलाकार को सिर्फ लोकप्रियता या चर्चा के आधार पर दो नामांकन नहीं मिलेंगे। प्रत्येक प्रदर्शन को निर्धारित वोटिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा और नियमों के अनुसार आवश्यक न्यूनतम वोट हासिल करने होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक प्रदर्शन के लिए कम से कम पांच वोट हासिल करना जरूरी होगा।

यह बदलाव एक्टिंग अवॉर्ड की प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना सकता है। अगर कोई कलाकार एक ही साल में दो बेहद चर्चित फिल्मों का हिस्सा रहता है, तो उसके पास एक ही कैटेगरी में दो अलग-अलग प्रदर्शन के जरिए पुरस्कार की दौड़ में शामिल होने का अवसर हो सकता है।

नए नियम से एक्टर्स और फिल्म निर्माताओं पर क्या असर पड़ेगा?

इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव उन कलाकारों पर देखने को मिल सकता है जो एक ही अवॉर्ड सीजन में कई महत्वपूर्ण फिल्मों का हिस्सा होते हैं। आमतौर पर किसी कलाकार का एक ही प्रदर्शन पुरस्कारों की दौड़ में प्रमुखता से सामने आता है, लेकिन अब एक से ज्यादा फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करने वाले कलाकारों को अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।

यह नियम फिल्म स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनियों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है। अवॉर्ड सीजन के दौरान किसी कलाकार की एक से अधिक फिल्मों को प्रमोट करने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, अंतिम नामांकन Academy की वोटिंग प्रक्रिया और पात्रता नियमों पर निर्भर करेगा।

दूसरी ओर, इस व्यवस्था को लेकर यह बहस भी हो सकती है कि क्या एक ही कलाकार के दो नामांकन से अन्य प्रतिभाशाली कलाकारों के लिए उपलब्ध स्थान कम हो जाएगा। एक कैटेगरी में नामांकन की संख्या सीमित होने के कारण यदि किसी कलाकार को दो स्थान मिलते हैं, तो अन्य कलाकारों के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है।

इसलिए यह बदलाव केवल कलाकारों के लिए अवसर बढ़ाने वाला नहीं है, बल्कि पुरस्कारों की प्रतिस्पर्धा और वोटिंग प्रक्रिया के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Best International Feature Film कैटेगरी में बड़ा बदलाव

Academy Awards की International Feature Film कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले किसी देश की ओर से इस श्रेणी के लिए एक ही फिल्म भेजी जा सकती थी। नए नियमों के अनुसार अब एक देश अधिकतम दो फिल्मों को इस कैटेगरी के लिए प्रस्तुत कर सकेगा।

यह बदलाव दुनिया के उन देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां हर साल कई भाषाओं और अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत फिल्में बनती हैं। भारत इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जहां हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, मराठी और अन्य भाषाओं में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्में बनाई जाती हैं।

पहले किसी देश को अपनी आधिकारिक एंट्री के तौर पर केवल एक फिल्म चुननी पड़ती थी। ऐसे में चयन समिति के सामने यह चुनौती रहती थी कि कई अच्छी फिल्मों में से किसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भेजा जाए। अब दो फिल्मों को भेजने की अनुमति मिलने से देशों के पास अपनी फिल्म इंडस्ट्री की विविधता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अधिक अवसर हो सकता है।

हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि दोनों फिल्में सीधे ऑस्कर के लिए नामांकित हो जाएंगी। दोनों फिल्मों को Academy की पात्रता शर्तों और चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

बड़े अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का पुरस्कार बन सकता है अतिरिक्त फायदा

नए प्रावधानों में अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में महत्वपूर्ण पुरस्कार जीतने वाली फिल्मों की स्थिति पर भी ध्यान दिया गया है। यदि किसी फिल्म ने किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में शीर्ष पुरस्कार हासिल किया है, तो उसकी दावेदारी को विशेष महत्व मिल सकता है।

दुनिया के प्रमुख फिल्म फेस्टिवल किसी फिल्म की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Cannes, Venice, Berlin और अन्य प्रतिष्ठित समारोहों में पुरस्कार जीतने वाली फिल्मों को अक्सर वैश्विक आलोचकों और फिल्म समुदाय से मजबूत समर्थन मिलता है।

ऐसे में यदि किसी देश के पास दो मजबूत फिल्में हैं और उनमें से एक ने किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल में महत्वपूर्ण सम्मान हासिल किया है, तो वह फिल्म ऑस्कर की दौड़ में अतिरिक्त चर्चा हासिल कर सकती है।

हालांकि, फेस्टिवल में पुरस्कार जीतना अपने आप में Academy Awards में नामांकन की गारंटी नहीं है। अंतिम फैसला Academy की निर्धारित प्रक्रिया, पात्रता और वोटिंग के आधार पर ही होगा।

अब Best International Feature Film का सम्मान निर्देशक के नाम से जुड़ेगा

नियमों में एक और अहम बदलाव पुरस्कार के आधिकारिक रिकॉर्ड से संबंधित है। Best International Feature Film का सम्मान अब देश के बजाय फिल्म के निर्देशक से सीधे जोड़ा जाएगा।

यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी देश की ओर से प्रस्तुत फिल्म को पुरस्कार मिलने पर पहले अवॉर्ड की पहचान मुख्य रूप से उस देश की आधिकारिक एंट्री के रूप में की जाती थी। अब निर्देशक को विजेता के तौर पर अधिक स्पष्ट मान्यता मिलने की व्यवस्था की गई है।

इससे फिल्म के रचनात्मक नेतृत्व की भूमिका को भी अधिक प्रमुखता मिल सकती है। किसी फिल्म को बनाने में पूरी टीम का योगदान होता है, लेकिन निर्देशक कहानी को पर्दे पर प्रस्तुत करने की रचनात्मक प्रक्रिया का नेतृत्व करता है। इसलिए यह बदलाव निर्देशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने वाला कदम माना जा सकता है।

इससे उन फिल्मकारों को भी फायदा हो सकता है जो अपने देश के बाहर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच पहचान बनाना चाहते हैं।

Academy ने नियमों में बदलाव क्यों किया?

पुरस्कारों के नियम समय के साथ बदलते रहे हैं और Academy लगातार अपनी प्रक्रिया को फिल्म इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों के अनुरूप विकसित करती रही है। नई तकनीक, वैश्विक फिल्म बाजार और अलग-अलग देशों में बनने वाले सिनेमा की बढ़ती पहुंच ने अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की प्रकृति को भी बदला है।

नए नियमों का उद्देश्य चयन और वोटिंग प्रक्रिया को अधिक व्यापक बनाने के साथ-साथ उन फिल्मों और कलाकारों को अवसर देना भी माना जा रहा है जो मौजूदा व्यवस्था की सीमाओं के कारण पर्याप्त प्रतिनिधित्व हासिल नहीं कर पाते थे।

इंटरनेशनल फिल्म कैटेगरी में दो फिल्मों की अनुमति देने से अलग-अलग देशों की फिल्म इंडस्ट्री को अपनी विविधता प्रदर्शित करने का अवसर मिल सकता है। वहीं एक्टिंग कैटेगरी में एक कलाकार को एक से अधिक नामांकन की संभावना मिलने से शानदार अभिनय प्रदर्शन के लिए अतिरिक्त स्थान बन सकता है।

भारतीय सिनेमा के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये बदलाव?

भारत दुनिया के सबसे बड़े फिल्म निर्माण देशों में शामिल है। यहां हर साल अलग-अलग भाषाओं में बड़ी संख्या में फिल्में रिलीज होती हैं। इनमें से कई फिल्में भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी अपनी पहचान बनाती हैं।

ऐसे में एक देश से दो फिल्मों को International Feature Film कैटेगरी के लिए भेजने की अनुमति भारत जैसे फिल्म बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। पहले चयन प्रक्रिया में केवल एक फिल्म को आधिकारिक प्रतिनिधित्व का मौका मिलता था, जिसके कारण कई अच्छी फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता था।

अब दो फिल्मों की अनुमति मिलने से क्षेत्रीय सिनेमा के लिए भी संभावनाएं बढ़ सकती हैं। उदाहरण के लिए, किसी एक वर्ष में हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय या किसी अन्य भारतीय भाषा की फिल्म भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि दो फिल्में भेजने की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि दोनों फिल्में ऑस्कर के अंतिम नामांकन तक पहुंचेंगी। Academy की चयन प्रक्रिया में फिल्म की गुणवत्ता, पात्रता और वोटिंग सहित कई कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भारतीय कलाकारों के लिए भी बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा

एक्टिंग कैटेगरी में मल्टीपल नॉमिनेशन की अनुमति भारतीय कलाकारों के लिए भी संभावनाएं बढ़ा सकती है। आज भारतीय कलाकार केवल भारतीय फिल्मों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स और अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में भी काम कर रहे हैं।

यदि कोई कलाकार एक ही अवॉर्ड वर्ष में दो अलग-अलग फिल्मों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करता है, तो नए नियम के तहत दोनों भूमिकाएं पुरस्कार की दौड़ में शामिल हो सकती हैं। इससे भारतीय कलाकारों को वैश्विक मंच पर अपनी अभिनय क्षमता प्रदर्शित करने के अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।

हालांकि, Academy Awards में नामांकन हासिल करना अभी भी बेहद कठिन प्रक्रिया है। केवल एक शानदार प्रदर्शन पर्याप्त नहीं होता। फिल्म की पात्रता, प्रचार अभियान, Academy सदस्यों की प्रतिक्रिया और वोटिंग प्रक्रिया जैसे कई पहलू अंतिम परिणाम को प्रभावित करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय सिनेमा को मिल सकता है ज्यादा प्रतिनिधित्व

इन बदलावों का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया के कई देशों में स्थानीय भाषाओं में ऐसी फिल्में बनती हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, लेकिन आधिकारिक चयन प्रक्रिया में जगह सीमित होने के कारण वे बड़े पुरस्कारों तक नहीं पहुंच पातीं।

दो फिल्मों को भेजने की अनुमति से छोटे और बड़े दोनों फिल्म बाजारों को अपने सिनेमा का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का मौका मिल सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं और कहानी कहने की शैलियों को अधिक जगह मिलने की संभावना है।

आज स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के कारण गैर-अंग्रेजी फिल्मों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। दर्शक अब केवल हॉलीवुड तक सीमित नहीं हैं और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली फिल्मों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे माहौल में Academy Awards के नियमों में अंतरराष्ट्रीय सिनेमा को लेकर बदलाव को व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।

नए नियमों से ऑस्कर की दौड़ और दिलचस्प होने की संभावना

99वें Academy Awards के लिए घोषित बदलावों के बाद आने वाला अवॉर्ड सीजन पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो सकता है। एक कलाकार के लिए एक ही कैटेगरी में दो नामांकन की संभावना और एक देश से दो अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की एंट्री का विकल्प फिल्म इंडस्ट्री की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

निर्माता, निर्देशक और कलाकार अब अवॉर्ड सीजन की योजना बनाते समय इन नए प्रावधानों को ध्यान में रख सकते हैं। खासकर अंतरराष्ट्रीय फिल्में बनाने वाले देशों के लिए यह बदलाव अपनी स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान कर सकता है।

हालांकि, नए नियमों का वास्तविक प्रभाव तब अधिक स्पष्ट होगा जब 2027 के Academy Awards के लिए फिल्मों और कलाकारों की पात्रता, शॉर्टलिस्ट और नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। तब यह देखा जाएगा कि कितनी फिल्मों और कलाकारों को इन बदलावों का वास्तविक लाभ मिलता है और Academy की वोटिंग प्रक्रिया में इसका कितना असर दिखाई देता है.